दीपावली का पहला तोहफा

कोटक लाइफ के संजय प्लेस आगरा स्थित कार्यालय में आज दीपावली पूजन के अवसर पर आपके मित्र सर्वज्ञ शेखर को #श्रेष्ठपारंपरिकवेशभूषा (पुरुष वर्ग) में विजेता घोषित किया गया। पूर्व पुलिस अधिकारी ज़नाब अशफाक अहमद जी ने यथोचित रूप से सम्मान प्रदान किया। First Gift of Diwali On the occasion of Deepawali Puja today at Kotak Life’s Sanjay Place Agra office, your friend Sarvagya Shekhar was declared the winner in #SuperParticularVehbhusha

तेरह गुना धन वृद्धि करती है धनतेरस: भगवान धन्वंतरि कौन थे, जानिए?

आगरा में धनतेरस के लिए बाजार सज गए हैं। बर्तन, स्वर्ण आभूषण और वाहनों की दुकानों को आकर्षक तरीके से सज्जित किया गया है, लालच देने वाली अनेक उपहार व छूट योजनाओं की घोषणा की गई हैं। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस पर्व मनाया जाता है और इसी दिन से 5 दिवसीय शुभ दीपावली पर्व प्रारम्भ हो जाता है। 25 अक्तूबर 2019 से धनतेरस,छोटी दीपावली,बड़ी दीपावली, गोवर्धनपूजा और

यह है असली नारी शक्ति सम्मान

अपने परिवार का बोझा उठाने कोदूसरों का बोझ उठाती है जो,असली नारी शक्ति वही हैगरीब है पर,भीख नहीं मांगती वो। आगरा कॉलेज मैदान में आगरा साहित्य उत्सव व पुस्तक मेले में उस समय अत्यंत भावुक दृश्य उत्पन्न हो गया जब नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत एक महिला कुली को सम्मानित किया गया। मुद्रा नाम की इस महिला ने वरिष्ठ अतिथियों के करकमलों से यह सम्मान बड़े ही सकुचाते हुए

सप्ताहांत: बच्चों से भी सीख मिलती है

स्वराज्य_टाइम्स, 20 अक्तूबर, 2019 स्वाभाविक रूप से माता-पिता, गुरुजन तो बच्चों को शिक्षा प्रदान करते ही हैं, पीढ़ियों में कम और शिक्षा व्यवस्था में ज्यादा परिवर्तन के कारण, आजकल बच्चे बड़ों को सीख देने में सक्षम हो गए हैं। प्राचीन काल में कोई स्कूल, कॉलेज या विश्व विद्यालय कहाँ थे फिर भी विद्वानों की कोई कमी नहीं थी। कबीर दास जी ने कहा भी है ‘मसि कागद छुओ नहीं, कलम

आकाशवाणी ने आयोजित की परिचर्चा: “प्लास्टिक_को कहो ना”

आगरा। “प्लास्टिक को कहो ना”, इस ज्वलंत विषय पर आकाशवाणी आगरा ने एक परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा में पर्यावरण, स्वच्छ भारत व ग्राम संरक्षण से सम्बद्ध विद्वजनों ने भाग लिया। ये हैं श्री राजीव कुमार राठी, पर्यावरण अभियंता नगर निगम आगरा, श्री दिवाकर तिवारी, सचिव जलाधिकार फाउंडेशन, प्रीति माहेश्वरी, ब्रांड एम्बेसडर स्वच्छ भारत अभियान, नगर निगम अलीगढ़ व साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर ने। परिचर्चा का निर्देशन किया आकाशवाणी के निदेशक

ये चमकी आखिर है क्या

यों तो शरद पूर्णिमा पूरे देश में किसी न किसी रूप में मनाई जाती है परंतु ब्रज का क्षेत्र होने व विश्वविख्यात ताजमहल के कारण शरद पूर्णिमा का आगरा में महत्व ज्यादा है और पूरे वर्ष लोग इसका इंतजार करते हैं। यह तो सर्वविदित ही है कि आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का चाँद इस दिन पूरी 16 कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणें धरा को शीतलता प्रदान

सर्वज्ञ शेखर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान से विभूषित

आगरा। गाजियबाद में 27 वें अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन के अवसर पर भारत सरकार,मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,भारत ( नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया) ने 13 अक्तूबर 2019 को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में आगरा के साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। गोष्ठी में सर्वज्ञ शेखर ने “स्वातंत्र्योत्तर हिंदी साहित्य में राष्ट्र चेतना” विषय पर अपने विचार प्रकट

रेपो रेट तो कम हुई, ई एम आई कब कम होगी?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना था कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करने और निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए ब्याज दरों में कटौती जरूरी है। इसको देखते हुए ही रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में एक और कटौती की है। पिछली पांच बार आर बी आई ने इस प्रकार रेपो रेट कम की हैं – दिनांक कटौती रेपो दर% 07 फरवरी, 19 0.25 6.25 04 अप्रैल, 19 0.25 6.00 06 जून,

नवरात्र

माँ शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी,चन्द्रघण्टा, नमो नमः।जगत जननी कूष्मांडा,स्कंदमाता नमो नमः।कात्यायनी, कालरात्रि,हे! महागौरी नमो नमः।पाप विनाशिनी सिद्धिदात्रीनवदुर्गे नमो नमः।। – सर्वज्ञ शेखर Navratri Maan shailaputree, brahmachaarinee,Chandraghanta, namo namah.Jagat jananee kooshmaanda,Skandamaata namo namah.Kaatyaayanee, kaalaraatri,He! mahaagauree namo namah.Paap vinaashinee siddhidaatreeNavadurge namo namah.. – Sarwagya Shekhar

कार-बेकार हुईं : मंदी के अलावा कुछ और भी हैं कारण

कारों की बिक्री में लगातार हो रही गिरावट की खबरों के बीच जब अचानक मारुति सुजुकी ने अपने गुरुग्राम और मानेसर प्लांट में 7 और 9 सितंबर को यात्री वाहनों का उत्पादन बंद रखने की घोषणा की तो लोगों को इस बारे में गम्भीरता से सोचने को मजबूर होना पड़ा। बिक्री में गिरावट की वजह से मारुति ने पिछले 7 महीने में भी प्रोडक्शन घटाया था। कंपनी ने अगस्त में