सप्ताहांत: यह पलायन नहीं है

घटना काफी पुरानी है। एक कार्यक्रम का संचालन करते समय एक अतिथि का जीवन परिचय बताते हुए मैंने कुछ ऐसा बताया कि शिक्षा पूरी करने के उपराँत वह दूसरे प्रदेश में पलायन कर गए। अतिथि महोदय थोड़ी देर में संयोजक को बता कर कार्यक्रम बीच में छोड़ कर चले गए। बाद में मुझे बताया गया कि मेरे द्वारा उनके परिचय में पलायन की बात कहने से वह नाराज थे। पलायन

सप्ताहांत: रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय

महाभारत का एक प्रसंग अनायास ही स्मृति पटल पर आ गया। महाभारत की प्रचलित कथाओं में से एक के अनुसार युद्ध खत्म होने के बाद श्री कृष्ण जब द्वारिका लौटने लगे तो भारी मन से पांडव अपने परिवार के साथ भगवान कृष्ण को नगर की सीमा तक विदा करने आए। सब की आँखों में आँसू थे। भगवान एक-एक करके अपने सभी स्नेहीजनों से मिल रहे थे। अंत में अपनी बुआ

सप्ताहांत: क्वारंटाइन हमारे लिए नई अवधारणा नहीं है

कई वर्ष पूर्व की बात है। मैंने अपने मित्र के साथ माता वैष्णोदेवी के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। सही समय पर रेलवे स्टेशन पहुँच गए, पता लगा ट्रेन 15 मिनिट लेट है। थोड़ी देर में घोषणा हुई कि आधा घण्टा, फिर 2 घण्टे और धीरे-धीरे करके ट्रेन 18 घण्टे देरी से आई। रेलवे वाले इस चतुराई के लिए जाने जाते हैं कि वो कभी कभी ट्रेन की देरी की सूचना

सप्ताहांत: यू आर मोस्ट वेलकम, मिस्टर ट्रंप

कल 24 फरवरी का दिन भारत के लिए, विशेष रूप से आगरा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतँत्र और महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं और अपनी यात्रा के पहले ही दिन आगरा आ कर ताजमहल का दीदार करेंगे। पहले यह समाचार आया था कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व मुख्यमंत्री उनके साथ रहेंगे,

ब्रज में 40 दिन के होली उत्सव की धूम शुरू: जानिए कब कब क्या होगा

चालीस दिन तक चलने वाला ब्रज होली महोत्सव शुरू हो चुका है। इसी के साथ होली के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए देश और दुनिया से श्रद्धालु मथुरा पहुंचने लगे हैं। ब्रज में बसंत पंचमी पर होली का ढांडा गढ़ने के साथ ही ब्रज के लगभग सभी मंदिरों में होली महोत्सव की शुरुआत हो जाती है। बरसाना में होने वाली विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली के बारे में कौन नहीं

26 जनवरी को क्या करेंगे, तिरँगा झंडा फहरायेंगे या करेंगे ध्वजारोहण?

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरँगा झंडा फहराने की तैयारियाँ पूरी हो गईं हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के दिन झंडा फहराने में क्या अंतर होता है। संविधान के मुताबिक, देश में कोई भी व्यक्ति कभी भी, कहीं भी राष्ट्रीय ध्वज बिना किसी दबाव के राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस ऐसे दो उत्सव हैं, जब पूरा देश

त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र?

भारत में तीन राष्ट्रीय पर्व मनाए जाते हैं, गाँधी जयंती, स्वतँत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस। 26 जनवरी को सारा राष्ट्र गणतंत्र दिवस मना रहा है। मैं शुरू से ही इस बात का पक्षधर हूँ कि राष्ट्रीय पर्वों पर अपने गौरवशाली इतिहास को याद किया जाए, अच्छे माहौल में धूमधाम से मनाया जाए जैसे हम धार्मिक पर्वों व अपने व्यक्तिगत दिवस मनाते हैं। परँतु आज आए एक समाचार ने सारे उत्साह

सप्ताहांत: ऐसी खुशी किस काम की

एक जनवरी को सुबह जब घर के दरवाजे को खोला तो सामने गोमाता अपने बछड़े के साथ खड़ी दिखाई दे गई।गोमाता के प्रातःकालीन दर्शन, वह भी नव वर्ष के पहले दिन, मन मस्तिष्क में अपार खुशी का संचार हो गया।इतनी प्रसन्नता हुई जैसे सारे संसार के सुख मिल गए हों। यह सत्य घटना है और इसका वर्णन केवल इस बात को रेखांकित करने के लिए किया है कि खुशी बाहर

सप्ताहांत: आखिर आप क्या क्या बंद करेंगे

सतर्कता मूलक उपाय के रूप में पहली बार जब उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया था तो इसका हमने बीमारी से निज़ात पाने के लिए एक कड़वी दवा के रूप में स्वागत किया था। हालांकि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इंटरनेट पर रोक से होने वाली परेशानियों व आर्थिक क्षति के बारे में काफी कुछ कहा गया।पर इस वृहस्पतिवार को जब दूसरी बार पुनः

एक शाम अटल जी के नाम

प्रधान डाकघर प्रतापपुरा में साहित्य संगीत संगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ। श्री सुशील सरित के कुशल संयोजन में सुविख्यात गजल गायक सुधीर नारायण ने अटल जी के गीतों की खूबसूरत प्रस्तुति दी।

1 2 3 5