प्रकृति से करो प्रेम प्रिये।

प्रकृति है दाता प्रकृति है भरता, प्रकृति है प्रभु का अनुपम उपहार प्रिये, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। जीवन में आशा प्रेम में भाषा, ऊर्जा, ऊष्मा उत्साह, उमंग प्रकृति ने संचार किए, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। चिड़ियों की चहक पुष्पों की महक, वन-उपवन शीतल मंद पवन, सुरभित पुष्पित गुलज़ार चमन, प्रकृति का है विहार प्रिये, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। प्रकृति की साधना करो आराधना, प्रकृति जब खिलखिलाती चहुँ

आगरा में पर्यावरण जागरण की एक अनूठी पहल

शादी कार्ड जो पौधा बन जाएगा आगरा। शादी के निमंत्रण पत्र कार्ड प्रायः लोग कार्यक्रम के उपराँत फेंक देते है। परंतु आगरा के एक परिवार ने अपने सदस्य की शादी में अनूठी पहल की है जिससे कार्ड को फेंकने की आवश्यकता तो होगी ही नहीं वरन उसका बाद में उपयोग भी हो सकेगा। स्वाधीनता सेनानी करुणेश परिवार के पुत्र सहित्यसाधक सर्वज्ञ शेखर के अनुसार यह कार्ड उनके भतीजे अभिनन्दन (पुत्र

जल संरक्षण व पर्यावरण गोष्ठी

जल संरक्षण व पर्यावरण की रक्षा को समर्पित संस्था जलाधिकार फाउंडेशन ने 07 दिसंबर को सूर सरोवर प्रकृति अध्ययन केंद्र में गोष्ठी आयोजित की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल थे। पर्यावरणविद व वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना,सुरेखा यादव,वन संरक्षण अधिकारी आनंद कुमार,बैजू,डी पी सिंह, अवधेश उपाध्याय जी जैसे विद्वजनों की उपस्थिति में मुझे भी अपने विचार व्यक्त करने का

सीवर लाइन की सफाई में रोबोट का इस्तेमाल

आगरा शहर में भी अब चोक सीवर लाइन की सफाई में पहली बार रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। आशा है इससे नगर में ध्वस्त पड़ी सीवर लाइनों को ठीक किया जा सकेगा। जगह जगह सीवर लाइन चोक होने के कारण गंदा पानी व गंदगी सड़कों पर दिखाई देना अब बंद हो जाएगा। नई लाइनें बिछाने के साथ ही चोक सीवर लाइन को ठीक कराया जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ( एसटीपी

आकाशवाणी ने आयोजित की परिचर्चा: “प्लास्टिक_को कहो ना”

आगरा। “प्लास्टिक को कहो ना”, इस ज्वलंत विषय पर आकाशवाणी आगरा ने एक परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा में पर्यावरण, स्वच्छ भारत व ग्राम संरक्षण से सम्बद्ध विद्वजनों ने भाग लिया। ये हैं श्री राजीव कुमार राठी, पर्यावरण अभियंता नगर निगम आगरा, श्री दिवाकर तिवारी, सचिव जलाधिकार फाउंडेशन, प्रीति माहेश्वरी, ब्रांड एम्बेसडर स्वच्छ भारत अभियान, नगर निगम अलीगढ़ व साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर ने। परिचर्चा का निर्देशन किया आकाशवाणी के निदेशक

सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति : कुछ विकल्प तो हो

आगरा शहर सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए कटिबद्ध हो रहा है। अनेक सामाजिक व पर्यावरण संस्थाओं ने इस संबंध में मुहिम चला रखी है। आगरा में रामलीला महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली जनकपुरी के आयोजकों ने जनकपुरी के 3 दिवसीय समारोह को प्लास्टिक फ्री रखने का निर्णय किया है। आगरा में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रहे वृहद पुस्तक मेले व साहित्योत्सव

त्राहि-त्राहि

त्राहि-त्राहि मचा रही हैअतिवर्षा और भारी बाढ़,जलमग्न सड़कें, घर पुल सारेआपदाओं का बना पहाड़।योजनाएं हर साल बनती हैंसमस्याओं के निदान की,बाढ़ जाते ही बंद हो जातीसारी फाइलें समाधान की। – सर्वज्ञ शेखर Save Our Soul Traahi-traahi macha rahi haiAtivarsha aur bhaari baadh,Jalamagn sadaken, ghar pul saareAapadaon ka bana pahaad.Yojanaen har saal banati hainSamasyaon ke nidan ki,Baadh jaate hee band ho jaati,Sari filen samadhan kee. – Sarwagya Shekhar

पानी दो पानी दो हमें प्यास लगी है पानी दो

खेंचू (हैंड पंप), सूखा पड़ा है, प्यासे लोग पानी को तरस रहे हैं। 19 अगस्त को राजेन्द्र रघुवंशी स्मृति समारोह के दौरान शहीद स्मारक पर #पानीदोपानीदोहमेंप्यासलगीहैपानीदो नृत्य नाटिका के अंतर्गत सूखा हैंड पम्प बने हुए बच्चे।बड़ा ही सजीव चित्रण, वर्तमान की ज्वलन्त समस्या को वर्णित करके उसके समाधान का संदेश दिया। नाट्य निर्देशक व उनकी टीम को बधाई। Give Water, Give Water, We are Thirsty, Please Give Water Children made