सीनियर केनराइट्स स्थापना दिवस

गाज़ियाबाद में केनराबैंक के अवकाश प्राप्त अधिकारियों की संस्था सीनियर केनराइट्स ने 12 जनवरी को अपने स्थापना दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि मासूम गाजियाबादी ने की। जाने माने कवि व ग़ज़ल गो सुरेंद्र शर्मा, राज कौशिक, सार्थक शर्मा, अनिमेष शर्मा, भगत राम के साथ मुझे भी काव्यपाठ का अवसर प्राप्त हुआ। रोटरी क्लब के सभागार में आयोजित इस भव्य द्वितीय स्थापना समारोह में

सप्ताहांत: सेल्फ गोल-लापरवाही

स्वराज्य टाइम्स ईरान ने अपनी इस गलती को मान लिया है कि यूक्रेन के जिस विमान में विस्फोट से 176 यात्रियों की मौत हो गई थी वह उस की ही गलती से क्रेश हुआ था। ईरान की मिसाइल ने ही ईरान के विमान को भूल से मार गिराया। ईरान ने बड़ी आसानी से इसे भूल कह दिया, लेकिन 176 निर्दोष लोगों की जान क्या इतनी सस्ती है कि केवल ‘भूल’

सप्ताहांत: ऐसी खुशी किस काम की

एक जनवरी को सुबह जब घर के दरवाजे को खोला तो सामने गोमाता अपने बछड़े के साथ खड़ी दिखाई दे गई।गोमाता के प्रातःकालीन दर्शन, वह भी नव वर्ष के पहले दिन, मन मस्तिष्क में अपार खुशी का संचार हो गया।इतनी प्रसन्नता हुई जैसे सारे संसार के सुख मिल गए हों। यह सत्य घटना है और इसका वर्णन केवल इस बात को रेखांकित करने के लिए किया है कि खुशी बाहर

नव वर्ष तुम आ तो रहे हो…

नव वर्ष तुम आ तो रहे होक्या क्या नया लाओगे संग,क्या बदलोगे दशा देश कीदे नई खुशियाँ और उमँग। बदलेगा पञ्चाङ्ग कलेंडरदिनांक आएगा बस नया,नया नहीं हुआ कुछ भी तोफिर कैसे नव वर्ष हो गया। चंदा सूरज वही रहेंगेतारों में वो ही टिमटिम,वही सुहाना मौसम होगावारिश होगी वही रिमझिम। पतझड़ होगा फूल खिलेंगेपुष्पित पल्लवित चमन रहेंगे,मधुमास की मादक मस्तीझूम-झूम भँवरे झूमेंगे। उसी दिशा में प्रवाहित होगीकलकल निनादिनी की धारा,मन्दिर मस्ज़िद

बीस-बीस के लिए कुछ सोचा क्या?

बीस-बीस, जी हाँ, नव वर्ष 2020 दस्तक दे रहा है। क्या कुछ सोचा है कि नए साल में क्या नया करना है, क्या पुराना छोड़ना है। नए वर्ष पर नया रेसोल्यूशन या संकल्प करने की भी एक प्रथा बहुत समय सेचली आ रही है। यह प्रथा अच्छी है। सभी को कोई भी एक बुराई छोड़ने और एक नया अच्छा काम शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प की प्रक्रिया में

सप्ताहांत: आखिर आप क्या क्या बंद करेंगे

सतर्कता मूलक उपाय के रूप में पहली बार जब उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया था तो इसका हमने बीमारी से निज़ात पाने के लिए एक कड़वी दवा के रूप में स्वागत किया था। हालांकि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इंटरनेट पर रोक से होने वाली परेशानियों व आर्थिक क्षति के बारे में काफी कुछ कहा गया।पर इस वृहस्पतिवार को जब दूसरी बार पुनः

एक शाम अटल जी के नाम

प्रधान डाकघर प्रतापपुरा में साहित्य संगीत संगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ। श्री सुशील सरित के कुशल संयोजन में सुविख्यात गजल गायक सुधीर नारायण ने अटल जी के गीतों की खूबसूरत प्रस्तुति दी।

26 दिसंबर का सूर्यग्रहण: सब पर भारी, प्राकृतिक आपदाओं की भी आशंका, क्या करें, क्या न करें

इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर 2019 को पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण भारत में अधिकतम खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा। जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, परिक्रमा के दौरान एक दूसरे के बीच में ये आते जाते रहते हैं। जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा आ जाए तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। यह इस साल का

सप्ताहांत: इस आग को फैलने से जल्दी रोको

आग आग होती है, फिर वो हवन की हो या मँदिर में जल रहे दीपक की, भूख की, वासना की, हिंसा की, प्रतिशोध की, जंगल की, जब अपनी सीमा लाँघ जाती है तो हाथ जलाती है, तन जलाती है, अत्याचार को बढ़ावा देती है और कभी कभी पूरे परिवार को जला कर राख कर देती है, समाज और देश को तबाह कर देती है। आजकल यही आग हमारे देश के

करुणेश परिवार के लिए गौरवशाली क्षण

आगरा के अजितनगर, खेरियामोड़ पर बाजार कमेटी द्वारा प्रतिदिन पूरे अनुशासन व मानक के साथ ध्वजारोहण किया जाता है। आज इस पुनीत अवसर पर मुझे मुख्य अतिथि के रूपमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरे भ्रातागण संजय गुप्त (अवकाश प्राप्त बैंकर), आदर्श नन्दन गुप्त (वरिष्ठ उपसंपादक-दैनिक जागरण) व अन्य परिजन भी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पूज्य पिताश्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, साहित्यकार, पत्रकार

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