प्रकृति से करो प्रेम प्रिये।

प्रकृति है दाता प्रकृति है भरता, प्रकृति है प्रभु का अनुपम उपहार प्रिये, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। जीवन में आशा प्रेम में भाषा, ऊर्जा, ऊष्मा उत्साह, उमंग प्रकृति ने संचार किए, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। चिड़ियों की चहक पुष्पों की महक, वन-उपवन शीतल मंद पवन, सुरभित पुष्पित गुलज़ार चमन, प्रकृति का है विहार प्रिये, प्रकृति से करो प्रेम प्रिये। प्रकृति की साधना करो आराधना, प्रकृति जब खिलखिलाती चहुँ

पहली अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा जानिए

नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने के साथ एक अप्रैल, 2020 से अनेक नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।हम आपको दस ऐसे नियमों की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जु़ड़े हुए हैं और आप पर भी सीधे प्रभाव डालेंगे। इनमें बैंकों के विलय से लेकर जीएसटी रिटर्न के नियमों में होने वाला बदलाव शामिल है। ये हैं –

सप्ताहांत: क्वारंटाइन हमारे लिए नई अवधारणा नहीं है

कई वर्ष पूर्व की बात है। मैंने अपने मित्र के साथ माता वैष्णोदेवी के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। सही समय पर रेलवे स्टेशन पहुँच गए, पता लगा ट्रेन 15 मिनिट लेट है। थोड़ी देर में घोषणा हुई कि आधा घण्टा, फिर 2 घण्टे और धीरे-धीरे करके ट्रेन 18 घण्टे देरी से आई। रेलवे वाले इस चतुराई के लिए जाने जाते हैं कि वो कभी कभी ट्रेन की देरी की सूचना

ई एम आई कम करें और नए लोन दें: कोरोना के विरुद्ध युद्ध में अब बारी बैंकों की

कोरोनावायरस के कारण लॉक डाउन की वजह से लोगों को दिक्कत नहीं हो, इसके लिए आर बी आई ने लोन के भुगतान में राहत देने और लोन सस्ता करने के फैसले किए हैं। टर्म लोन की किश्त के भुगतान में तीन महीने की राहत दी गई है। रेपो रेट में भी 0.75% कमी की गई है। इससे सभी तरह के लोन सस्ते होंगे। रेपो रेट पहले 5.15% था, अब 4.40%

नवरात्र में मंदिर न जाएं: जानिए घर पर रह कर कैसे करनी है पूजा

कल 25 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। ऐसे में माता के भक्त पूरे 9 दिनों तक माता की पूजा-अर्चना करके मां को प्रसन्न करते हैं। इस बार कोरोना के कारण लोकडाउन की वजह से मंदिर न जाएं व घर पर रह कर ही पूजन करें। कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सबसे ज्यादा जोर भीड़भाड़ से बचने पर है। चैत्र नवरात्रि में मंदिरों में

जनता कर्फ्यू: एक अनुशासन पर्व

कोरोना महामारी ने जनता ही नहीं शासन प्रशासन के भी हाथ पैर फुला कर रख दिए हैं। इस का मुकाबला करने के लिए देश और प्रदेश की सरकारों ने युद्धस्तर पर प्रयास किए हैं और उनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।यह महामारी 1,2,3,4…. या 1,2,4,8….की गति से नहीं वरन 10,20,40,80…की गति से फैलती है, इसलिए जो उपाय किये गए हैं वो अभी नाकाफी हैं, परन्तु इसका तात्पर्य यह

सप्ताहांत: पेनडेमिक से तो डर लगता ही है

हवाई यात्रा में उड़ान से पूर्व सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है, उसमें एक बात पर मुख्य जोर दिया जाता है कि पहले अपनी सुरक्षा करें, पड़ोसी की बाद में। सारे विश्व में कोरोना वायरस ने जो तांडव मचा रखा है उसका हमारे देश में असर बहुत तेजी से हुआ है।पूरे विश्व में सवा लाख पीड़ितों में से करीब चार हजार लोग काल के गाल में गए हैं जबकि

मलिन मास शुरू: क्या करें और न करें?

14 मार्च 2020 शनिवार से खरमास या मलमास की शुरुआत हो गई है। सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास प्रारंभ हो जाता है, इस बार यह 14 मार्च से प्रारंभ होकर 13 अप्रैल 2020 तक रहेगा। खगोलशास्त्र के अनुसार जब सूर्य 12 राशियों का भ्रमण करते हुए वृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है, तो अगले 1 माह तक खरमास पड़ता है। इन

धूमधाम से मनाया गया करुणेश स्मृति होली मिलन समारोह: छह विभूतियों का हुआ सम्मान

आगरा। उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री माननीय चौधरी उदयभान सिंह जी, लोकप्रिय सांसद प्रो.एस पी सिंह बघेल व जनप्रिय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति में आज स्वाधीनता सेनानी, साहित्यकार,पत्रकार रोशनलाल गुप्त करुणेश स्मृति होलीमिलन समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। वक्ताओं ने करुणेश जी के नेतृत्व में हुए हार्डी बमकांड व राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी भूमिका को याद करके उन्हें नमन किया व युवा पीढी से उनके दिखाए मार्ग पर चलने

तारीख पर तारीख और अब आखिरी तारीख 20 मार्च

आगरा में निर्भया के कातिलों की फाँसी की नई तारीख घोषित होने से खुशी व संतोष की लहर दौड़ गई है। 3 मार्च को फांसी एक बार फिर टलने से निर्भया के माता-पिता ही नहीं वरन सारा देश सदमे में आ गया था और आगरा वासी भी काफी रूष्ट थे। फाँसी की सबसे पहली तारीख 22 जनवरी थी। 1 फरवरी दूसरी और 3 मार्च तीसरी तारीख मुकर्रर की गई और

1 2 3 18