बीस-बीस के लिए कुछ सोचा क्या?

new years eve

बीस-बीस, जी हाँ, नव वर्ष 2020 दस्तक दे रहा है। क्या कुछ सोचा है कि नए साल में क्या नया करना है, क्या पुराना छोड़ना है।

नए वर्ष पर नया रेसोल्यूशन या संकल्प करने की भी एक प्रथा बहुत समय सेचली आ रही है। यह प्रथा अच्छी है। सभी को कोई भी एक बुराई छोड़ने और एक नया अच्छा काम शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प की प्रक्रिया में एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है। संकल्प कठिन नहीं होना चाहिए। जो काम आप छोड़ना चाहते हैं वो ऐसा हो जिसे आप आसानी से छोड़ सकें और जो आप शुरू करना चाहें उसमें कोई दिक्कत न हो। संकल्प कोई सजा नहीं है और न कोई कठोर तपस्या। जो लोग शराब, सिगरेट, ड्रग्स लेते हैं वो इन्हें छोड़ने का संकल्प न करें क्योंकि ऐसा संकल्प कुछ दिनों में ही फुस्स हो जाएगा। हां इन आदतों को कम करने का संकल्प ले सकते हैं। इनको आप दिनों या तिथियों से जोड़ सकते हैं, जैसे मंगलवार, अष्टमी, को सुरापान, सिगरेट नहीं पी जाए इत्यादि। इन प्रतिबंधित दिनों को धीरे धीरे बढ़ाया जा सकता है। इसी प्रकार गुस्सा न करने, कम करने, रिश्वत न लेने, आफिस देर से नहीं पहुचने का भी संकल्प ले सकते हैं।

जहां तक कोई नया काम करने के संकल्प का सवाल है वो भी ऐसा हो जो आसानी से पूर्ण हो और लंबा चले। करीब 5 वर्ष पूर्व मैंने संकल्प किया था कि मक्खी मच्छरों को अपने हाथ से नहीं मारूंगा, केवल भगाऊंगा। यह 5 वर्षो से लगातार जारी है। जो लोग अफ़्फोर्ड कर सकते हैं वो किसी गरीब छात्र की एक वर्ष की फीस का या पुस्तकों का खर्चा वहन कर सकते हैं, माह में एक दिन अनाथालय, वृद्धआश्रम, विधवाआश्रम, अस्पताल या ऐसी ही किसी जगह जा कर सेवा करने का संकल्प ले सकते हैं। जो लोग मन्दिर नहीं जाते वह नए साल में छुट्टी वाले दिन मंदिर जाना शुरू कर सकते हैं। यदि परिवार में या समाज में या ऑफिस में किसी से खटपट है तो नए साल में उसे समाप्त भी किया जा सकता है। जिन्हें डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर की शिकायत है या वजन ज्यादा है वह लोग संकल्प कर सकते हैं कि नए साल में हम परहेज करके या दवाओं से सुगर, रक्तचाप और वजन को हर हालत में कम करेंगे।

ये संकल्प जरूरी नहीं कि एकल या व्यक्तिगत ही हों। ये पारिवारिक, सामाजिक और ऑफिसियल भी हो सकते हैं। जैसे परिवार में यह संकल्प करें कि इस वर्ष ऐसा करेंगे जिससे बिजली, टेलीफोन, मोबाइल का बिल पिछली साल से कम आए।

जिन पति पत्नी में झगड़ा ज्यादा होता है वो झगड़ा कम करने (क्योंकि छोड़ा तो जा ही नही सकता) का या कम से कम बच्चों के सामने न झगड़ने का संकल्प कर सकते हैं। आफिस में खर्च कम करने और लक्ष्यों को समय से पूर्ण करने का संकल्प किया जा सकता है।

मैं इस बार एक कुप्रथा का विरोध करने का संकल्प कर रहा हूँ। प्रायः आपने देखा होगा जब भी कोई ग्रुप फोटो होता है उसमें पुरुष तो खड़े होते हैं, लड़कियों को नीचे बिठा दिया जाता है पुरुषों के पैरों में। मैं इस वर्ष से जहाँ भी ऐसा होता देखूँगा, विरोध करूँगा और ऐसा नहीं करने दूँगा। अपनी संस्था में जब मैं कार्यरत था, ग्रुप फोटो बहुत होते थे, वहाँ इस बात का मैंने सख्ती से अनुपालन कराया था।

कुछ न कुछ तो नया करना चाहिए और पुरानी गलत आदतों को छोड़ना चाहिए तभी साल नया लगेगा वरना तो 1 जनवरी भी एक तारीख है जो 31 दिसम्बर के बाद आती है और हम कलेन्डर बदल देते हैं।

– सर्वज्ञ शेखर, साहित्यकार

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