नववर्ष 2021: आओ नया संकल्प करें

sarwagya shekhar gupta

नया साल 2021 आ गया है। नए वर्ष पर नया रेसोल्यूशन या संकल्प करने की भी एक प्रथा चली आ रही है। यह प्रथा अच्छी है । सभी को कोई भी एक बुराई छोड़ने और एक नया अच्छा काम शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए।

संकल्प की प्रक्रिया में एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है। संकल्प कठिन नहीं होना चाहिए। जो काम आप छोड़ना चाहते हैं वो ऐसा हो जिसे आप आसानी से छोड़ सकें और जो आप शुरू करना चाहें उसमें कोई दिक्कत न हो। संकल्प कोई सजा नही है और न कोई कठोर तपस्या। जो लोग शराब, सिगरेट, ड्रग्स लेते हैं वो इन्हें छोड़ने का संकल्प न करें क्योंकि ऐसा संकल्प कुछ दिनों में ही फुस्स हो जाएगा। हाँ इन आदतों को कम करने का संकल्प ले सकते हैं। इनको आप दिनों से भी जोड़ सकते हैं, जैसे सुरापान करने वाले लोग मंगलवार, अष्टमी, नही करें। इन दिनों को धीरे धीरे बढ़ाया जा सकता है। इसी प्रकार गुस्सा न करने/कम करने, रिश्वत न लेने, आफिस देर से नहीं पहुचने का संकल्प भी ले सकते हैं।

जहां तक कोई नया काम करने के संकल्प का सवाल है वो भी ऐसा हो जो आसानी से पूर्ण हो और लंबा चले। करीब 5 वर्ष पूर्व मैंने संकल्प किया था कि मक़खी मच्छरों को अपने हाथ से मारूंगा नहीं, केवल भगाऊंगा। यह 5 वर्षो से लगातार जारी है। जो लोग वहन कर सकते हैं वो किसी गरीब छात्र की एक वर्ष की फीस का या पुस्तकों का खर्चा वहन कर सकते हैं, माह में एक दिन अनाथालय, वृद्धआश्रम, विधवाआश्रम अस्पताल या ऐसी ही किसी जगह जा कर सेवा करने का संकल्प ले सकते हैं। जो लोग मन्दिर नहीं जाते वह नए साल में छुट्टी वाले दिन मंदिर जाना शुरू कर सकते हैं। यदि परिवार में या समाज में या ऑफिस में किसी से खटपट है तो नए साल में उसे समाप्त भी किया जा सकता है। जिन्हें डाइबिटीज, ब्लड प्रेसर की शिकायत है या वजन ज्यादा है वह लोग संकल्प कर सकते हैं कि नए साल में हम परहेज करके या दवाओं से सुगर, रक्तचाप और वजन को हर हालत में कम करेंगे।

ये संकल्प जरूरी नहीं कि एकल या व्यक्तिगत ही हों। ये पारिवारिक, सामाजिक और ऑफिसियल भी हो सकते हैं। जैसे परिवार में यह संकल्प करें कि इस वर्ष ऐसा करेंगे जिससे बिजली, टेलीफोन, मोबाइल का बिल पिछली साल से कम आये। जिन पति पत्नी में झगड़ा ज्यादा होता है वो झगड़ा कम करने (क्योंकि छोड़ा तो जा ही नही सकता) का या कम से कम बच्चों के सामने न झगड़ने का संकल्प कर सकते हैं। आफिस में खर्च कम करने और लक्ष्यों को समय से पूर्ण करने का संकल्प किया जा सकता है।

अभी कोरोना समाप्त नहीं हुआ है वरन ऐसा लग रहा है कि नया और भयावह स्ट्रेन आ रहा है। अतः यह संकल्प भी महत्वपूर्ण है कि मास्क पहनेंगे, दो ग़ज़ की दूरी बनाए रखेंगे व हाथों को बार-बार धोएंगे। औरों को भी इस कार्य के लिए प्रेरित करेंगे।

इस वर्ष वोकल फ़ॉर लोकल की अवधारणा से प्रेरित हो कर स्वदेशी वस्तुओं को अधिकाधिक खरीदने का भी संकल्प ले सकते हैं। जितना ज्यादा स्वदेशी हम अपनाएंगे उतना ही स्वदेश में उत्पादन होगा और हमारा देश अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।

कुछ न कुछ तो नया करना चाहिए और पुराना छोड़ना चाहिए तभी साल नया लगेगा वरना तो 1 जनवरी भी एक तारीख है जो 31 दिसम्बर के बाद आती है और हम कलेन्डर बदल देते हैं ।

मेरी एक स्वरचित रचना की कुछ पंक्तियाँ इस प्रकार हैं-

नया वर्ष है नई उमंग है, नया-नया है सब संसार।
कुछ भी नहीं नया है जब तक न बदलें आचार विचार।।

– सर्वज्ञ शेखर

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