<?xml version="1.0" encoding="utf-8" standalone="yes"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"><channel><title>सर्वज्ञ</title><link>https://www.sarwagya.com/</link><description>Recent content on सर्वज्ञ</description><generator>Hugo -- gohugo.io</generator><language>hi-IN</language><lastBuildDate>Wed, 22 Apr 2026 03:30:23 +0000</lastBuildDate><atom:link href="https://www.sarwagya.com/index.xml" rel="self" type="application/rss+xml"/><item><title>Contact</title><link>https://www.sarwagya.com/contact/</link><pubDate>Tue, 21 Apr 2026 13:48:16 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/contact/</guid><description>Drop us a note and we’ll get back to you.</description></item><item><title>साहित्यकार स्व. सर्वज्ञ शेखर गुप्ता की पुस्तक "मेरे इक्यावन अभिमत" का विमोचन</title><link>https://www.sarwagya.com/mere-ikyavan-abhimat-book-vimochan/</link><pubDate>Sun, 27 Jun 2021 18:24:40 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/mere-ikyavan-abhimat-book-vimochan/</guid><description>साहित्यकार स्व. सर्वज्ञ शेखर गुप्ता की पुस्तक "मेरे इक्यावन अभिमत" का विमोचन उत्तराखंड की महामहिम राज्यपाल श्रीमती बेबीरानी मौर्य जी ने किया..
उत्तराखंड की राज्यपाल महामहिम श्रीमती बेबी रानी मौर्य विमोचन करते हुए विमोचन समारोह (वर्चुअल)
समारोह की कुछ झलकियाँ</description></item><item><title>सप्ताहांत: रहिमन पानी राखिए</title><link>https://www.sarwagya.com/rahiman-pani-raakhiye/</link><pubDate>Tue, 06 Apr 2021 11:09:59 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rahiman-pani-raakhiye/</guid><description>रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून ।
पानी गए न उबरै, मोती मानुष चून ।।
जिस समय रहीमदास जी ने इस दोहे की रचना की थी, उनको कल्पना भी न होगी कि इक्कीसवीं सदी में उनकी लिखी पँक्तियाँ इतनी महत्वपूर्ण हो जाएंगी। जल संरक्षण के प्रति उदासीनता ने पीने योग्य स्वच्छ जल की इतनी कमी कर दी है कि पूरा विश्व इस विषय को ले कर चिंतित है।</description></item><item><title>भूल न जाना होली की ठिठोली में</title><link>https://www.sarwagya.com/holi-ki-thitholi/</link><pubDate>Mon, 29 Mar 2021 09:22:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/holi-ki-thitholi/</guid><description>रंगों की उड़ेगी बौछार
घूमेंगे हुरियारी टोली में
अबीर गुलाल की होगी बहार
होली की मस्त ठिठोली में
भीगेंगे पानी में हमसब
रंग बरसेगा चोली में
गले मिलना शिकवे मिटाना
भूल न जाना
होली की ठिठोली में
खूनी होली खेल रहे</description></item><item><title>रंगों में सब से पावन रंग तिरंगा</title><link>https://www.sarwagya.com/rang-tiranga/</link><pubDate>Mon, 29 Mar 2021 09:15:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rang-tiranga/</guid><description>रंगों का त्योहार है होली, अजब- गजब हैं इसके रंग,
हर रंग की है अलग कहानी, सुनो आज आप मेरे संग ।
धूमधाम से पर्व मनाओ, लगाओ रंग नीला पीला लाल,
मस्तक पर हो चंदन सुरभित, रंगों से सजे हों गाल।</description></item><item><title>सप्ताहांत: बुरा जरूर मानो, होली है</title><link>https://www.sarwagya.com/bura-jaroor-mano-holi-hai/</link><pubDate>Sun, 28 Mar 2021 08:50:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/bura-jaroor-mano-holi-hai/</guid><description>"बुरा न मानो होली है" का उद्घोष कब शुरू हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। पर होली पर बुरा न मानो की बात दशकों से कही जा रही है। प्राचीन काल में मनोरंजन के साधन कम थे। विभिन्न पर्व, त्योहार आध्यात्मिक संस्कारों के प्रतीक तो होते ही थे, आमोद-प्रमोद, हास-परिहास का भी माध्यम होते थे। होली का पर्व ऐसा ही है जब बुरा न मानो के नाम पर हुल्लड़बाजी, फूहड़ता, महिलाओ के प्रति अभद्रता, रिश्ते नातों की मर्यादा का उल्लंघन सर्वाधिक होता है। हमारा उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं है। होलिका दहन व रंग गुलाल लगा कर सद्भाव प्रकट करना पर्व का मूल भाव है। उससे आगे जो होता है वह त्योहार से इतर है। 'साली आधी घरवाली', 'फागुन में जेठ कहे भाभी' जैसी उक्तियाँ युवकों को उत्तेजित करती हैं जो महिलाओं के प्रति अपराधों को बढ़ावा देती हैं। ऐसी बातों का जरूर बुरा मानना चाहिए और डट कर विरोध करना चाहिए।</description></item><item><title>सप्ताहांत: हर्ष फायरिंग का विषाद</title><link>https://www.sarwagya.com/harsh-firing/</link><pubDate>Sun, 28 Feb 2021 22:34:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/harsh-firing/</guid><description>आगरा के एत्मादपुर में हाल ही में एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग की घटना सामने आने से यह सिद्ध हो गया है कि कानून बन जाने के बावजूद इस प्रकार की घटनाएँ रुक नहीं रही हैं। नाम तो है हर्ष फायरिंग लेकिन हर्ष को विषाद और खुशी को मातम में बदल देने वाली हर्ष फायरिंग कड़े कानून और अकाल मौतों की घटनाओं के बावजूद कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डांसर तो कहीं बेंडवालों, कहीं बारात देख रहे बच्चों और महिलाओं तो कहीं दूल्हा दुल्हन या उनके रिश्तेदारों को ही गोली लग जाती है। लोग घायल हो जाते हैं या मौत के मुँह में भी समा जाते हैं। हर्ष फायरिंग अब केवल बारातों तक ही सीमित नहीं रह गई है। जन्मदिन, शादी की वर्षगाँठ, विजय जुलूस, छठ पूजन, नए साल का जश्न, धार्मिक आयोजनों आदि आदि किसी भी खुशी के अवसर पर खुलेआम इसका भोंडा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा पहले यह गांवों तक ही सीमित थी परंतु अब शहरों, अभिजात्य वर्ग, यहाँ तक कि कानून बनाने वाले नेताओं को भी कोई परहेज नहीं रह गया है और फायरिंग को खुशी के इज़हार का माध्यम बना दिया गया है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: कम से कम वित्तमंत्री को चिंता तो हुई</title><link>https://www.sarwagya.com/finance-minister-is-concerned-finally/</link><pubDate>Tue, 23 Feb 2021 19:21:42 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/finance-minister-is-concerned-finally/</guid><description>पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता में बढ़ते रोष ने लगता है सरकार को भी अब कुछ सोचने को विवश कर दिया है। सरकार की चिंता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बयान से परिलक्षित होती है जो उन्होंने शनिवार 20 फरवरी को चेन्नई में दिया। उन्होंने कहा कि ये एक अफसोसजनक व गंभीर मुद्दा है जिसमें कीमतें कम करने के अलावा कोई भी जवाब किसी को संतुष्ट नहीं कर सकता। केंद्र और राज्य दोनों को उपभोक्ताओं के लिए उचित स्तर पर खुदरा ईंधन मूल्य में कमी लाने के लिए बात करनी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कहा, "</description></item><item><title>गणतंत्र पर भीड़तंत्र का शर्मनाक कृत्य</title><link>https://www.sarwagya.com/shameful-act-on-republic-day-2021/</link><pubDate>Wed, 03 Feb 2021 20:50:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/shameful-act-on-republic-day-2021/</guid><description>2021 का गणतंत्र दिवस मस्तक उन्नत करने की बजाए सर को शर्म से झुकाने के लिए भारी मन से याद किया जाएगा। 26 जनवरी को दिल्ली में विशेषकर लालकिले पर जो दुर्भाग्यशाली घटनाएँ हुईं वह शर्मसार करने वाली हैं, प्रत्येक देशभक्त का खून खौलाने वाली हैं।अभी तक विश्वास नहीं हो पा रहाकि कोई भारतीय ऐसा भी कर सकता है। भारत की आन बान शान की पहचान लालकिले पर अशोभनीय ढंग से चढ़ना, अपना झंडा फहराना, हे भगवान, लिखने में भी हाथ काँप रहे हैं, नयन भीग रहे हैं। बहुत क्रोध आ रहा है, ऐसे लोगों पर। यह अक्षम्य अपराध है। यह एक प्रकार से भारत की प्रभुसत्ता पर हमला है, 13 दिसंबर, 2001 को भारत की पवित्र संसद पर जब हमला हुआ था, तब भी उस घटना को भारतीय लोकतंत्र पर हमला, प्रभुसत्ता को चनौती माना गया था। किसी भी राजदूतावास पर हमले को उस देश पर हमला माना जाता है, तो फिर लालकिले के ऊपर चढ़ना, स्वतंत्रता दिवस पर जहाँ प्रधानमंत्री बडे गर्व से ध्वजारोहण करते हैं वहाँ अपना झंडा फहराना, वहाँ तोड़फोड़ करना, गणतंत्र दिवस परेड की लालकिले में खड़ी झांकियों को जम कर तोड़ना, लालकिले की शुचिता को भंग करना भी प्रभुसत्ता को चुनौती ही माना जाना चाहिए। जो लोग बड़ी बेशर्मी से यह कुतर्क दे रहे हैं कि तिरंगे झंडे को तो छुआ भी नहीं, फिर अपमान कैसे हुआ, जैसे किसी के घर पर हमला कर के अपनी नेमप्लेट लगा दो, फिर कह दो हमने आपकी नेमप्लेट तो उखाड़ी ही नहीं।</description></item><item><title>सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. उषा यादव को पद्मश्री</title><link>https://www.sarwagya.com/padm-shri-dr-usha-yadav/</link><pubDate>Tue, 02 Feb 2021 20:45:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/padm-shri-dr-usha-yadav/</guid><description>आगरा की गौरव, सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. उषा यादव को पद्मश्री अवार्ड के लिए चयन होने पर आज संस्थान संगम पत्रिका की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।
पत्रिका की समन्वयक डॉ शशि गोयल, संपादक डॉ अशोक अश्रु, कार्यकारी संपादक सर्वज्ञ शेखर ने डॉ उषा यादव के आवास पर उनको पुष्पगुच्छ, मणि माला व अंगवस्त्र से सम्मानित किया।डॉ यादव ने संस्थान संगम परिवार के प्रति आभार प्रकट किया व धन्यवाद स्वरूप अपनी पुस्तक भेंट की।</description></item><item><title>बीमार भारत को वैक्सीन देने वाला बजट</title><link>https://www.sarwagya.com/covid-vaccine-budget-india/</link><pubDate>Tue, 02 Feb 2021 11:10:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/covid-vaccine-budget-india/</guid><description>कोरोना महामारी ने भारत के नागरिकों को ही नहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को भी बीमार कर दिया है। 01 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2021 रोगियों व बीमार अर्थव्यवस्था को योजनाओं की वैक्सीन से निरोगी करने की दशा में किया जाने वाला प्रयास है। कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए लगाए गए 'लॉकडाउन' के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था में 23.</description></item><item><title>"हम भारत के लोग"</title><link>https://www.sarwagya.com/we-the-people-of-india/</link><pubDate>Sun, 24 Jan 2021 20:03:52 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/we-the-people-of-india/</guid><description>हम भारत के लोग, वैसे तो एक बहुत ही साधारण वाक्य है लेकिन जब इस वाक्य को भारत के संविधान की प्रस्तावना के साथ पढ़ा जाता है तो छाती गर्व से फूल जाती है, मस्तक गर्व से उन्नत हो जाता है। 26 नवंबर 1949 को स्वीकृत व आज ही के दिन 1950 से लागू हमारे संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है -</description></item><item><title>हर्ष फायरिंग: एक सामंती कुप्रथा</title><link>https://www.sarwagya.com/joy-firing-a-feudal-malpractice/</link><pubDate>Sun, 24 Jan 2021 07:49:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/joy-firing-a-feudal-malpractice/</guid><description>नाम तो है हर्ष फायरिंग लेकिन हर्ष को विषाद और खुशी को मातम में बदल देने वाली हर्ष फायरिंग कड़े कानून और अकाल मौतों की घटनाओं के बावजूद कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डांसर तो कहीं बेंडवालों, कहीं बारात देख रहे बच्चों और महिलाओं तो कहीं दूल्हा दुल्हन या उनके रिश्तेदारों को ही गोली लग जाती है। लोग घायल हो जाते हैं या मौत के मुँह में भी समा जाते हैं। हर्ष फायरिंग अब केवल बारातों तक ही सीमित नहीं रह गई है। जन्मदिन, शादी की वर्षगाँठ, विजय जुलूस, छठ पूजन, नए साल का जश्न, धार्मिक आयोजनों आदि आदि किसी भी खुशी के अवसर पर खुलेआम इसका भोंडा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा पहले यह गांवों तक ही सीमित थी परंतु अब शहरों, अभिजात्य वर्ग, यहाँ तक कि कानून बनाने वाले नेताओं को भी कोई परहेज नहीं रह गया है और फायरिंग को खुशी के इज़हार का माध्यम बना दिया गया है।</description></item><item><title>निर्दोषों को सजा का अमानवीय पहलू</title><link>https://www.sarwagya.com/inhuman-aspect-of-punishment-for-the-innocent/</link><pubDate>Sat, 23 Jan 2021 19:16:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/inhuman-aspect-of-punishment-for-the-innocent/</guid><description>पिछले सप्ताह आगरा के अपर जिला जज ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने पांच वर्षों से जेल में बंद बाह क्षेत्र के जरार निवासी दंपती को मासूम की हत्या के मामले में बेगुनाह पाते हुए रिहा करने का आदेश दिया। पुलिस ने इन्हें जेल भिजवा दिया था, जबकि हत्या किसी और ने की थी। अदालत का यह भी आदेश है कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और फिर से जांच कर असली हत्यारों का पता लगाया जाए।</description></item><item><title>सप्ताहांत: स्वदेशी सफलता का गौरवशाली दिन - 16 जनवरी</title><link>https://www.sarwagya.com/jan-16-glorious-day-of-indigenous-success/</link><pubDate>Sun, 17 Jan 2021 09:04:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/jan-16-glorious-day-of-indigenous-success/</guid><description>16 जनवरी से कोरोना की वैक्सीन लगाने के अभियान प्रारंभ हो गया है। आइए, हम सब इस स्वदेशी सफलता पर गर्व करें और सहर्ष इसका हिस्सा बनें। यह ऐसा ऐतिहासिक दिन है जब विश्व में भारत का मस्तक एक बार फिर उन्नत हुआ है।</description></item><item><title>कोविड से भी ज्यादा भीषण वायु प्रदूषण</title><link>https://www.sarwagya.com/air-pollution-worse-than-covid/</link><pubDate>Sun, 10 Jan 2021 15:37:21 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/air-pollution-worse-than-covid/</guid><description>हमारे देश में बढ़ते हुए वायु प्रदूषण व उसके दुष्प्रभाव ने एक बार फिर चिंतित कर दिया है। एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट (लैंसेट प्लेटनरी हेल्थ रिपोर्ट) ने खुलासा किया है कि सिर्फ वायु प्रदूषण से वर्ष 2019 में 16.</description></item><item><title>नववर्ष तुम आ तो गए हो</title><link>https://www.sarwagya.com/welcome-2021/</link><pubDate>Thu, 31 Dec 2020 19:44:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/welcome-2021/</guid><description>नव वर्ष तुम आ तो गए हो
क्या क्या नया लाए हो संग,
क्या बदलोगे दशा देश की
दे नई खुशियाँ और उमँग।
बदलेगा पञ्चाङ्ग कलेंडर
दिनांक आएगा बस नया,
नया नहीं हुआ कुछ भी तो
फिर कैसे नव वर्ष हो गया।</description></item><item><title>नववर्ष 2021: आओ नया संकल्प करें</title><link>https://www.sarwagya.com/new-year-2021-lets-have-a-new-resolution/</link><pubDate>Thu, 31 Dec 2020 19:42:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/new-year-2021-lets-have-a-new-resolution/</guid><description>नया साल 2021 आ गया है। नए वर्ष पर नया रेसोल्यूशन या संकल्प करने की भी एक प्रथा चली आ रही है। यह प्रथा अच्छी है । सभी को कोई भी एक बुराई छोड़ने और एक नया अच्छा काम शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए।</description></item><item><title>क्या कहता है गुपकार का उभार?</title><link>https://www.sarwagya.com/rise-of-gupkar-alliance/</link><pubDate>Mon, 21 Dec 2020 12:50:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rise-of-gupkar-alliance/</guid><description>कश्मीर में गुपकार के उभार ने एक खतरनाक संकेत दिया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यहां पहली बार डीडीसी चुनाव हुए। आठ चरण में 280 सीटों पर 51.42 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें विशेषकर कश्मीर में गुपकार ने जो मजबूती दिखाई है उससे सिद्ध होता है कि भाजपा की रणनीति विफल हो गई। डीडीसी चुनाव की घोषणा से पूर्व कश्मीर के ज्यादातर नेता जेल में थे। जेल से रिहा होने के बाद इन सभी ने घोषणा की कि धारा 370 की बहाली तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। भाजपा को लगा कि इससे अच्छा अवसर कोई हो ही नहीं सकता। विपक्ष की अनुपस्थिति में एक छत्र राज्य हो जाएगा। तुरंत डीडीसी चुनाव की घोषणा कर दी और राजनीतिज्ञ मनोज सिन्हा को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल बना कर भेज दिया। गुपकार व अन्य विपक्षी नेताओं ने भाजपा की इस रणनीति को भांप लिया और झटपट चुनावों में भाग लेने की घोषणा कर दी।</description></item><item><title>सप्ताहांत: कितना जरूरी है संसद का नया भवन?</title><link>https://www.sarwagya.com/new-parliament-building-india/</link><pubDate>Sun, 13 Dec 2020 11:03:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/new-parliament-building-india/</guid><description>10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के भारत के नए संसद भवन की इमारत का शिलान्यास करने के साथ ही यह बहस एक बार फिर छिड़ गई है कि आखिर नए संसद भवन की क्या जरूरत थी। यह कहा जा रहा है कि हमारा संसद भवन मात्र 92 वर्ष पुराना है और विश्व के अन्य संसद भवनों की अपेक्षा नया है। भारत की संसद अपने विशाल आकार और भव्य इमारत के लिए पूरी दुनिया में पहचानी जाती है।यह देश की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है। फिर 971 करोड़ रुपये खर्च करके नया संसद भवन बनाना कितना जरूरी है।</description></item><item><title>खाद्य मिलावट: कमजोर कानून, मजबूत अपराधी</title><link>https://www.sarwagya.com/food-adulteration/</link><pubDate>Mon, 07 Dec 2020 08:20:43 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/food-adulteration/</guid><description>सेंटर फार साइंस एंड एनवॉयरामेंट (सी एस ई) ने शहद में चीनी की चाशनी की मिलावट का खुलासा करके चोंका दिया है। शहद को औषधि के रूप में हम सभी प्रयोग करते हैं। आजकल कोरोना से बचने के लिए भी कुछ अन्य दवाओं के साथ शहद को खाया जा रहा है। परँतु जब शहद में चीनी मिली होगी तो वह लाभ की जगह कितना नुकसान करेगा इस बात की कल्पना नहीं की जा सकती। जो लोग डाइबिटिक हैं उनका सुगर लेवल बढ़ जाएगा व चीनी के अधिक प्रयोग से होने वाली अन्य बीमारियों को भी यह मिलावटी शहद बढ़ा देगा।</description></item><item><title>छठ मैया सब का कल्याण करें...</title><link>https://www.sarwagya.com/chhath-puja/</link><pubDate>Wed, 18 Nov 2020 14:10:32 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chhath-puja/</guid><description>बैंकिंग सेवा में अपने झारखण्ड प्रवास के दौरान मैंने प्रकृति प्रेम, पर्यावरण रक्षा व अस्ताचली भगवान सूर्य की उपासना करने वाले चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा के महत्व को समझा व आत्मसात किया।
सभी को इस परमपावन महापर्व की बधाई !</description></item><item><title>सप्ताहांत: एग्जिट पोल - मतदाता की नब्ज पर कमजोर पकड़</title><link>https://www.sarwagya.com/exit-poll/</link><pubDate>Sun, 15 Nov 2020 13:56:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/exit-poll/</guid><description>बिहार में हाल में संपन्न चुनावों में एग्जिट पोल की विफलता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आजकल मतदाता बहुत होशियार हो गया है और उसके मन की बात को उगलवाना आसान नहीं रह गया है। विशेषकर युवा व महिला मतदाताओं को समझना अब मुश्किल है। 07 नवंबर को मतदान का आखिरी चरण खत्म होते ही एग्जिट पोल की बाढ़ सी आ गई। हिंदी व अंग्रेजी के सभी चैनलों में अपनी सहायक ऐजंसियों के माध्यम से एक्जिट पोल बताने की होड़ सी लग गई। सभी अपने पोल को तेज व सटीक बता रहे थे। अधिकतर, या लगभग सभी चैनलों ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को सरकार बनाते हुए दिखाया था। एक एग्जिट पोल में तो महागठबंधन को 180 सीटें तक बता दी गईं। लेकिन 10 नवंबर को जब असली परिणाम आए तो सभी एग्जिट पोल की हवा निकल गई। एन डी ऐ ने 125 सीटों पर पूर्ण बहुमत से विजय प्राप्त की। यह भी कहा जा रहा है कि कुछ सीटों पर कम अंतर से हुई हार-जीत के कारण भी एग्जिट पोल गलत निकले। बिहार विधानसभा चुनाव में 40 सीटें ऐसी रहीं, जहां जीत-हार का अंतर 3500 से कम रहा। इन सीटों के बारे में एग्जिट पोल के लिए अनुमान लगाना बहुत मुश्किल था। इन 40 सीटों में 21 सीटें एनडीए ने जीतीं और 17 सीटें महागठबंधन ने। 11 सीटें तो ऐसी रहीं जहां जीत-हार का फैसला हजार वोटों से भी कम अंतर से हुआ।</description></item><item><title>सप्ताहांत: पाकिस्तानी खुलासे के बाद...</title><link>https://www.sarwagya.com/pakistani-revelation/</link><pubDate>Sun, 08 Nov 2020 13:29:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/pakistani-revelation/</guid><description>पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने अपनी संसद में पुलवामा हमले को लेकर जो खुला कबूलनामा किया, उससे आतंकवाद के इतिहास की इस वीभत्स घटना के पीछे की साजिश से पूरी तरह पर्दा उठ गया। अब यह पूरी तरह सिद्ध हो गया है कि इस घटना में पाकिस्तान का ही हाथ था जिसमें हमारे 43 वीर जवान शहीद हो गए थे। आतंकवादी घटनाओं में पाकिस्तान के हाथ की आशंका हमेशा रहती है। केंद्र की वर्तमान सरकार हो या पूर्ववर्ती सरकारें, जब भी कोई आतंकवादी घटना होती है उसके पीछे पड़ोसी देश का हाथ ही बताती हैं। सरकारों के ऐसे बयानों पर विपक्षी दल हमेशा सवाल उठाते रहे हैं। पुलवामा घटना के बाद भी विपक्ष के कुछ नेताओं ने दबी जुबान से तो कुछ ने मुखर हो कर इस घटना को देश की राजनीति से जोड़ दिया था। परंतु पाकिस्तान की संसद में हुए कबूलनामे ने न केवल पाकिस्तान का कुत्सित चेहरा संसार के सामने दिखा दिया है बल्कि हमारे विपक्षी नेताओं को भी आईना दिखा दिया है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: लोक संवाद में भाषा का गिरता स्तर</title><link>https://www.sarwagya.com/falling-public-dialogue-standards/</link><pubDate>Sun, 25 Oct 2020 16:42:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/falling-public-dialogue-standards/</guid><description>बिहार में आजकल विधानसभा चुनाव व कई राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं। चुनावी भाषणों में नेता मर्यादा की सीमा लाँघने में लगे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे अभद्र व असंसदीय भाषा बोलने की प्रतियोगिता चल रही हो।</description></item><item><title>सप्ताहांत: रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ</title><link>https://www.sarwagya.com/red-light-on-engine-off/</link><pubDate>Sun, 18 Oct 2020 08:55:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/red-light-on-engine-off/</guid><description>सप्ताहांत की 100वीं कड़ी आज मैं बहुत खुश हूँ आपके प्रिय स्तंभ सप्ताहांत की श्रंखला का 100 वाँ लेख प्रस्तुत करते हुए। आप सभी पाठकों, शुभचिंतकों व प्रिय स्वराज्य टाइम्स के संपादक मंडल के स्नेहवश ये 100 सप्ताह कब व्यतीत हो गए पता भी नहीं लगा। 100 सप्ताह बहुत ज्यादा नहीं होते तो कम भी नहीं हैं। यदाकदा उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों के बावजूद सप्ताहांत का निरंतर और अनवरत प्रकाशन होता रहा। इस दौरान मुझे पाठकों की प्रशंसा के अनेक संदेश प्राप्त हुए तो अनेक सुझाव व कभी कभी आलोचना भी मिलीं। उन सभी को मैंने खेल भावना से स्वीकार किया। मैं आप सभी का कृतज्ञ हूँ।</description></item><item><title>सप्ताहांत: टी आर पी की आड़ में</title><link>https://www.sarwagya.com/in-the-name-of-trp/</link><pubDate>Sun, 11 Oct 2020 09:08:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/in-the-name-of-trp/</guid><description>इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की टी आर पी की दुनिया में आजकल भूचाल आया हुआ है। जिनसे पूरी ईमानदारी और सच्चाई की अपेक्षा है वही संदेह के घेरे में आ रहे हैं। पता ही नहीं लग पा रहा कि कौन कितना सच बोल रहा है।</description></item><item><title>हे राम! गांधी के भारत में महिलाओं से इतनी क्रूरता</title><link>https://www.sarwagya.com/crime-against-women-in-gandhis-india/</link><pubDate>Fri, 02 Oct 2020 05:45:17 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/crime-against-women-in-gandhis-india/</guid><description>जब भी 2 अक्टूबर आता है, बापू के रामराज्य की कल्पना मन- मस्तिष्क में चलचित्र की भांति घूम जाती है। परंतु इस बार की गांधी जयंती बापू के रामराज्य के सर्वथा विपरीत नारी अत्याचार की खबरें ले कर आई। बापू ने सदैव नारी सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा पर बल दिया। वह महिलाओं को अबला कहने का घोर विरोध करते थे। वह महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक सुदृढ़ और सहृदय मानते थे। उनकी यह धारणा उनके आचरण, लेखों तथा व्याख्यानों में अनेक बार प्रकट हुई। एक लेख में उन्होंने कहा "</description></item><item><title>सप्ताहांत: गरीब की थाली - छेद वाली</title><link>https://www.sarwagya.com/garib-ki-thali/</link><pubDate>Sun, 20 Sep 2020 13:41:01 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/garib-ki-thali/</guid><description>थाली एक बार फिर चर्चा में है। और इस बार थाली की चर्चा हो रही है, "जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करने" की उक्ति को लेकर। "जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करने" का तात्पर्य है कृतघ्नता, एहसान फरामोशी। अर्थात जिसने आपके साथ अच्छा किया, उसी के साथ बुरा बर्ताव करना। यह तो अब एक सामान्य सी बात हो गई है। आजकल जहाँ सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों का अवसान हो चुका है, संवेदनशीलता का दाह संस्कार हो चुका है, ऐसी परिस्थितियों में थाली में छेद करने वालों की संख्या बहुत बढ़ गई है। हम बॉलीवुड में थाली में छेद पर चल रही जंग से हटकर कुछ अलग बात करना चाहते हैं। हमारा मानना यह है कि बढ़ती महंगाई के कारण थाली में छेद करने लायक कुछ बचा ही नहीं है। थाली खाली है। उसमें छेद करने से भी नीचे कुछ जाने वाला नहीं है।</description></item><item><title>क्या हिंदी दिवस मनाना एक विडम्बना है?</title><link>https://www.sarwagya.com/is-celebrating-hindi-day-an-irony/</link><pubDate>Mon, 14 Sep 2020 10:24:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/is-celebrating-hindi-day-an-irony/</guid><description>सर्वप्रथम आप सभी को हिंदी दिवस की बधाई!
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।
सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।।</description></item><item><title>सप्ताहांत: मेरे गुरु जी</title><link>https://www.sarwagya.com/my-guru-ji/</link><pubDate>Mon, 07 Sep 2020 08:01:08 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/my-guru-ji/</guid><description>जिस समय मैं यह पंक्तियाँ लिख रहा हूँ, आज शिक्षक दिवस है। तथापि इस आलेख के प्रकाशित होने तक शिक्षक दिवस निकल चुका होगा।
मैं इस पुनीत अवसर पर अपने प्राइमरी शिक्षक जिन्होंने सबसे पहले मेरे को एक प्राइमरी विद्यालय में शिक्षा दी, वह छोटे से विद्यालय के प्रधानाचार्य थे, आदरणीय चंदन लाल गुप्ता जी को याद करना चाहता हूँ। उन्होंने ही मेरे जीवन की शैक्षिक आधारशिला रखी जो कि बाद में निरंतर मजबूत होती गई ।वह हमेशा कहते थे कि जो कुछ सोचो उसको प्राप्त करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाओ तो वह इच्छा अवश्य पूरी होती है। वह हमेशा अपने बारे में बताया करते थे कि जब मैं पैदल चलता था तो पीछे से साइकिल वाले घंटी बजाते थे तो मैंने सोचा अच्छा ठीक है मैं भी साइकिल लूंगा, और मेरे पास साइकिल आ गई। जब मैं साइकिल पर चलता था तो पीछे से स्कूटर वाले हॉर्न बजाते थे तो मैंने सोचा अच्छा मैं स्कूटर लूंगा तो मेरे पास स्कूटर आ गया। जब मैं स्कूटर पर चलता था पीछे से कार वाले हॉर्न बजाते थे तो मैंने सोचा मैं कार लूंगा और मेरे पास कार आ गई। उनके कहने का तात्पर्य यह था कि यदि आप कुछ पाने का या कुछ करने का सोच लेते हैं और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाते हैं तो वह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होता है। उनकी शिक्षा से मैं बहुत प्रभावित हुआ और मैंने भी अपने जीवन में जो सोचा, जो लक्ष्य निर्धारित किए, ईश्वर की कृपा से उनको पाया।</description></item><item><title>सप्ताहांत: सतर्कता ही एकमात्र रास्ता है</title><link>https://www.sarwagya.com/covid-19-carefulness-is-the-only-way/</link><pubDate>Sun, 30 Aug 2020 08:47:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/covid-19-carefulness-is-the-only-way/</guid><description>कोरोना के विरुद्ध युद्व अभी जारी है। देश में अब बहुत कुछ अनलॉक हो चुका है। कुछ अपवादों को छोड़कर लॉकडाउन का भारत की जनता ने समझदारी से व दृढ़ता से पालन किया। इसी लिए हमारे देश में अन्य देशों की अपेक्षा इस महामारी का प्रसार कम हो पाया। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक कुल मरीज़ों की संख्या 3461240 थी। कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या 62173 है। मृत्यु दर अन्य देशों की अपेक्षा कम है व ठीक होने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। कोरोना की वैक्सीन की दिशा में भी बहुत सकारात्मक प्रयास चल रहे हैं।</description></item><item><title>सप्ताहांत: धोनी - फिनिशर अभी फिनिश नहीं हुआ</title><link>https://www.sarwagya.com/dhoni-finisher-is-not-finished-yet/</link><pubDate>Sun, 23 Aug 2020 10:21:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/dhoni-finisher-is-not-finished-yet/</guid><description>पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हाल में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनैशनल क्रिकेट से अचानक रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। प्रशंसक हैरान थे और उदास दिल से अपने हीरो को भविष्य के लिए शुभकामना दी। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने खास पत्र लिखा और अपने लंबे पत्र में उन्होंने धोनी के हर एक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।</description></item><item><title>सप्ताहांत: मनोज सिन्हा जी से मेरी पहली मुलाकात</title><link>https://www.sarwagya.com/my-first-meeting-with-manoj-sinha/</link><pubDate>Sun, 09 Aug 2020 07:33:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/my-first-meeting-with-manoj-sinha/</guid><description>Image Courtesy: Wikipedia 2019 के लोकसभा चुनाव में यदि मैंने किसी प्रत्याशी के परिणाम पर सबसे ज्यादा निगाह रखी थी तो वह थे तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा। लेकिन जब परिणाम आया तो मुझे आश्चर्य मिश्रित दुख हुआ। गाजीपुर संसदीय सीट से वह भारी मतों से पराजित हुए थे। मोदी सरकार के 9 मंत्रियों में से वह अकेले ही थे जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। उस समय मेरा त्वरित ऑब्जरवेशन यही था कि वह इतना आगे बढ़ चुके थे कि भितरघात करके उनको हर वाया गया या उन्होंने अपने को जिताने के लिए किसी सीमा से अधिक जाकर कोई अतिक्रमण या या छल प्रपंच नहीं किया।</description></item><item><title>हर हादसे के बाद...</title><link>https://www.sarwagya.com/after-each-air-accident/</link><pubDate>Sun, 09 Aug 2020 07:29:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/after-each-air-accident/</guid><description>Image Courtesy - hindutamil.in यद्यपि यह सही है कि आतंकवादी घटनाओं को छोड़कर कोई भी हादसा कोई जानबूझकर नहीं करता। लेकिन यह बात भी विचारणीय है कि हादसा हो जाने के बाद जो कमियां तुरंत सामने आती हैं, उन कमियों पर पहले क्यों नहीं ध्यान दिया जाता।</description></item><item><title>सप्ताहांत: क्या आपको पता है कि आप को सब कुछ पता है?</title><link>https://www.sarwagya.com/do-you-know-that-you-know-all/</link><pubDate>Sun, 02 Aug 2020 08:18:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/do-you-know-that-you-know-all/</guid><description>मैं आज अपनी बात शुरू करुँ, उससे पूर्व मैं सभी सुधी पाठकों, शुभचिंतकों व अपने उन मित्रों का आभार प्रकट करना चाहता हूँ जो सप्ताहांत पढ़ने के उपरांत मुझे फोन करके या मेरे व्हाट्सएप पर या मेरे फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं और उत्साहवर्धन करते हैं। मैं ज्यादा कहूंगा तो आत्मप्रशंसा ही माना जाएगा। बस इतना अवश्य कहना चाहता हूँ कि बहुत लोग सप्ताहांत की प्रतीक्षा करते हैं, ऐसा उन्होंने मुझे कहा।</description></item><item><title>कभी कभी ऐसा भी हो जाता है</title><link>https://www.sarwagya.com/it-happens-sometimes/</link><pubDate>Thu, 30 Jul 2020 08:39:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/it-happens-sometimes/</guid><description>एक बड़े बाबा देश के एक नामी चैनल पर आज सुबह डायबिटीज कम करने का लाइव सेशन चला रहे थे और दावा कर रहे थे कि आधे घंटे में डायबिटीज कम हो जाएगी। इसके लिए उन्होंने पहले अपनी और अपने 2 शिष्यों की डायबिटीज चेक की। उनकी 96 उनकी शिष्या की 178 व शिष्य की 297 रही।</description></item><item><title>सप्ताहांत: ऐसे कैसे काम चलेगा यूपी में</title><link>https://www.sarwagya.com/crime-rate-spiking-in-uttar-pradesh/</link><pubDate>Sun, 26 Jul 2020 11:17:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/crime-rate-spiking-in-uttar-pradesh/</guid><description>उत्तर प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। कुछ घटनाओं में पुलिस की संलिप्तता से उत्तर प्रदेश प्रशासन, शासन व पुलिस की छवि निश्चित रूप से धूमिल हुई है। कानपुर में एक व्यक्ति के अपहरण और उसकी रिहाई में 30 लाख की फिरौती का जो कांड हुआ उसने भी पुलिस व अपराधियों के नापाक गठजोड़ की ओर वैसे ही इंगित किया है जैसा बिकरू में विकास दुबे प्रकरण में हुआ।</description></item><item><title>सप्ताहांत: ऑनलाइन शिक्षा व बच्चों में संस्कारों का हनन</title><link>https://www.sarwagya.com/online-education-and-lack-of-childrens-enculturation/</link><pubDate>Sun, 19 Jul 2020 15:50:10 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/online-education-and-lack-of-childrens-enculturation/</guid><description>कोरोना, भारत-चीन सीमा विवाद, विकास दुबे और राजस्थान में राजनीतिक उठापटक के बीच हम एक ऐसे विषय को भूल गए जो इस समय बहुत प्रासंगिक है। वह है बच्चों में नीति व सांस्कृतिक संस्कारों का पोषण। लॉक डाउन की वजह से व बाद में अनलॉक डाउन के समय में भी छोटे बच्चों को एवं बड़े विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। ऑनलाइन शिक्षा का जितना लाभ है उससे ज्यादा उसके दुर्गुण भी हैं। ऑनलाइन शिक्षा के लिए बच्चों को मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, आईपैड आदि का सहारा लेना पड़ता है और उसकी वजह से वह जो कुछ सीखता है उसके अलावा वह भी सीखता है जो उसे नहीं सीखना चाहिए। आज हमारा सप्ताहांत इसी विषय पर है।</description></item><item><title>आप को कोरोना कैसे हुआ हे महामानव</title><link>https://www.sarwagya.com/amitabh-bachchan-corona/</link><pubDate>Tue, 14 Jul 2020 13:15:15 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/amitabh-bachchan-corona/</guid><description>Image Courtesy: Wikipedia आम जनता से लोगों को बहुत शिकायत रहती है कि कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, मास्क नहीं लगा रहे हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं, बाजारों में ऐसे ही घूम रहे हैं, साबुन से हाथ नहीं धो रहे हैं, सामान को सैनिटाइजर नहीं कर रहे हैं, आदि आदि। लेकिन जब उन लोगों को कोरोना होता है जो अभेद्य सुरक्षा चक्र में रहते हैं, जिनके चारों तरफ प्रशिक्षित डॉक्टरों, योगाचार्य, आयुर्वेदाचार्य की फौज रहती है, और जो बड़े ही नियम संयम से रहते हैं, तो एक प्रश्न पूछना बड़ा लाजिमी हो जाता है कि हे महान विभूति आपने भी कोई तो लापरवाही जरूर की होगी।</description></item><item><title>अब और कोई विकास दुबे पैदा न हो</title><link>https://www.sarwagya.com/no-more-vikas-dubeys/</link><pubDate>Sun, 12 Jul 2020 08:50:35 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/no-more-vikas-dubeys/</guid><description>लेखक - सर्वज्ञ शेखर कानपुर के बदमाश विकास दुबे के मारे जाने के बाद जो मुख्य प्रश्न उत्पन्न हुए हैं या जिन बातों पर आजकल मुख्य रूप से चर्चा की जा रही है, जैसे खाकी और खादी का संपर्क या मेलजोल या गठजोड़ या विकास कैसे अपराधी बना, उन सब विषयों पर हम चर्चा नहीं करना चाह रहे। हम इनसे भी आगे बढ़ कर कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिन पर चर्चा करेंगे।</description></item><item><title>हम और आप मिलेंगे 7 बजे आज की शाम</title><link>https://www.sarwagya.com/fb-live-at-7-on-30-06-2020/</link><pubDate>Tue, 30 Jun 2020 07:34:12 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/fb-live-at-7-on-30-06-2020/</guid><description>मित्रो, नमस्कार।
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और आज शाम 7 बजे अवश्य जुड़िये मुझ से।
आपका स्वागत है। मैं प्रतीक्षा करूंगा।</description></item><item><title>फेसबुक पर लाइव</title><link>https://www.sarwagya.com/live-on-facebook/</link><pubDate>Mon, 29 Jun 2020 17:49:49 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/live-on-facebook/</guid><description> https://www.facebook.com/158197664922180/videos/315290346163703/</description></item><item><title>सप्ताहांत: कोरोना और राष्ट्र के दुश्मनों पर निर्णायक प्रहार का समय है</title><link>https://www.sarwagya.com/covid-and-other-enemies-of-the-nation/</link><pubDate>Sun, 28 Jun 2020 09:40:02 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/covid-and-other-enemies-of-the-nation/</guid><description>यह सप्ताह दो घटनाओं से परिपूर्ण रहा। एक तो भारत-चीन सीमा पर हलचल और दूसरा बाबा रामदेव द्वारा कोरोना की तथाकथित दवा कोरोनिल की लॉन्चिंग।
महत्वाकांक्षा होना अच्छी बात है, लेकिन अति महत्वाकांक्षा कभी-कभी असफलता का चेहरा दिखा देती है। बाबा रामदेव ने कोरोनिल को कोरोना की दवा बता कर लांच किया, उनके साथ शायद ऐसा ही हुआ। आयुर्वेद में सभी बीमारियों का इलाज है, लेकिन शायद उन्हीं बीमारियों का इलाज है जो आयुर्वेद की स्थापना के समय होती थी। कोविड-19 एक नई प्रकार की बीमारी है और इसको आयुर्वेद से ठीक किया जा सकता है या नहीं यह भी चिंतन का विषय है। परंतु बाबा रामदेव ने कुछ जल्दबाजी में इस दवा से कोरोना सही करने का दावा पेश कर दिया, जबकि वह कुछ हफ्ते पहले तक नाक में सरसों का तेल डालने से ही कोरोना दूर हो जाएगा, ऐसी बात कहते थे।</description></item><item><title>सप्ताहांत: योग, गौरव और नमन का दिन</title><link>https://www.sarwagya.com/yoga-pride-and-respect/</link><pubDate>Sun, 21 Jun 2020 10:50:19 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/yoga-pride-and-respect/</guid><description>यह सप्ताह बहुत गहमागहमी भरा और अनेक घटनाओं से परिपूर्ण रहा। सप्ताह के प्रारंभ में फिल्म अभिनेता सुशांत की विषम परिस्थितियों में आत्महत्या, फिर भारत चीन सीमा विवाद में हमारे बीस वीर जवानों की शहादत इस सप्ताह की प्रमुख घटनाएँ रहे ।इसके अतिरिक्त आज रविवार को योग दिवस, मित्र दिवस व इस साल का पहला और आखिरी सूर्यग्रहण दिवस है। इस प्रकार यह सप्ताह दुख, शोक, गौरव, नमन, हवन पूजन का सप्ताह है।</description></item><item><title>माया नगरी की चकाचौंध के पीछे घने अंधेरे में गुम होते हुए फिल्मी सितारे</title><link>https://www.sarwagya.com/darkness-behind-the-glare-of-bollywood/</link><pubDate>Tue, 16 Jun 2020 04:34:48 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/darkness-behind-the-glare-of-bollywood/</guid><description>फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत द्वारा की गई आत्महत्या से एक बार फिर यह सच सामने आ गया है कि माया नगरी मुंबई की चकाचौंध के पीछे एक बहुत बड़ा अंधेरा है। इस अंधेरे का सामना कुछ लोग कर जाते हैं लेकिन कुछ लोग अवसाद का शिकार होकर मौत को गले लगा लेते हैं। इस साल अब तक चार कलाकार अवसादजनक स्थिति में मौत को गले लगा चुके हैं।</description></item><item><title>श्रद्धांजलि सुशांत</title><link>https://www.sarwagya.com/rest-in-peace-sushant-singh-rajput/</link><pubDate>Sun, 14 Jun 2020 14:50:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rest-in-peace-sushant-singh-rajput/</guid><description>हिम्मत रखो, आत्महत्या न करो
'छिछोरे' में दिया था यह संदेश,
पटना के छोरे, तुमने क्या किया
दुखी स्तब्ध, अश्रुपूरित है देश।
ऊपर चढ़ते-चढ़ते ऐसे ही
ऊपर क्यों गए राजपूत सुशांत,
हँसता खेलता युवा अभिनेता
कर गया बॉलीवुड को अशाँत।</description></item><item><title>सप्ताहांत: नज़रिया अपना-अपना</title><link>https://www.sarwagya.com/point-of-view/</link><pubDate>Sun, 14 Jun 2020 14:22:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/point-of-view/</guid><description>बात है तो बहुत पुरानी, सन 1981 में, मैंने अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ माता वैष्णो देवी और जम्मू कश्मीर की यात्रा की। जब हम जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे तो अचानक रास्ते में बहुत काली घटा छाई, बारिश होने लगी, बिजली कड़कने लगी और दिन में अंधेरा छा गया। हम लोग बहुत डर गए, और बेटा बहुत छोटा था, सर्दी के कारण उसकी भी नाक नीली हो गई। हमें डर लगने लगा कि अभी रास्ते में ही यह हाल है तो श्रीनगर तक पहुंचेंगे तो क्या हाल होगा। जिस बस में हम यात्रा कर रहे थे उसी में कुछ छात्र पीछे बैठे हुए थे वह भी कश्मीर की यात्रा करने आए थे, वो ऐसे मौसम को देखकर खुशी से चिल्ला रहे थे-कितना मौसम है कितना सुहाना मौसम है how pleasant the weather is.</description></item><item><title>सप्ताहांत: कोरोना के साथ जीना सीखना है मरना नहीं</title><link>https://www.sarwagya.com/learn-to-live-with-corona/</link><pubDate>Sun, 07 Jun 2020 09:22:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/learn-to-live-with-corona/</guid><description>1 जून से अनलॉक-1 शुरू होने के साथ ही ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कोरोना भी अनलॉक हो गया हो। शुक्रवार 05 जून को इन पंक्तियों के लिखने के पिछले 24 घण्टों में देश में कोरोना के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है। विगत 24 घंटे में 9 हजार 851 नए मामलों की पुष्टि हुई और 273 लोगों की मौत हुई है।अब देश में कुल मरीजों की संख्या 2 लाख 26 हजार 770 है, जिसमें 6 हजार 348 लोगों की मौत हो चुकी है। इस कारण शुक्रवार को भारत कोरोना प्रभावित देशों की लिस्ट में इटली से आगे होकर छठे स्थान पर पहुंच गया। ऐसे में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को लगता है कि अगर हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो लॉकडाउन फिर लगाना पड़ सकता है। उधर, भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान के एक सीनियर डॉक्टर ने यह कहकर सरकार पर नाराजगी प्रकट की कि महामारी से निपटने की रणनीति विशेषज्ञों के बजाए नौकरशाह बना रहे हैं।</description></item><item><title>2 जून की रोटी का उपहास न उड़ाएं</title><link>https://www.sarwagya.com/do-not-ridicule-2-jun-ki-roti/</link><pubDate>Mon, 01 Jun 2020 19:28:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/do-not-ridicule-2-jun-ki-roti/</guid><description>हर साल 2 जून आते ही सोशल मीडिया पर 2 जून की रोटी का उपहास उड़ाते हुए मेसेज आना शुरू हो जाते हैं। कोई कहता है कि दो जून को रोटी जरूर खाना क्योंकि 2 जून की रोटी बड़े नसीब वालों को मिलती है तो कोई फरमा रहे हैं कि केवल दो जून को ही रोटी खाना, यह फिर अगले साल ही मिलेगी।</description></item><item><title>सप्ताहांत: तेरा दुख और मेरा दुख</title><link>https://www.sarwagya.com/your-sorrow-and-my-sorrow/</link><pubDate>Sun, 31 May 2020 12:42:53 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/your-sorrow-and-my-sorrow/</guid><description>अभी कुछ दिनों पूर्व एक पत्रकार साथी का कोरोना बीमारी के कारण दुःखद निधन हो गया था। मैंने उनको श्रद्धांजलि देते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी कि "आज मैं बहुत दुखी हूं।" मेरी पोस्ट को पढ़कर मेंरे एक साथी फोन आया कि कोरोना से सैकड़ों लोग रोज मर रहे हैं, आपने कभी दुख व्यक्त नहीं किया पर आज आप ज्यादा दुखी क्यों हैं?</description></item><item><title>लघुकथा गोष्ठी</title><link>https://www.sarwagya.com/laghukatha-goshthi/</link><pubDate>Wed, 27 May 2020 18:27:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/laghukatha-goshthi/</guid><description>साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पत्रिका संस्थान संगम के तत्वावधान में एक लघु कथा ऑडियो गोष्ठी का आयोजन किया गया ।गोष्ठी की अध्यक्षता की तुलसी साहित्य अकादमी भोपाल के अध्यक्ष डॉ मोहन तिवारी आनंद ने, व मुख्य अतिथि बेंगलुरु की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ उषा श्रीवास्तव थी। गोष्ठी के प्रारंभ में सरस्वती वंदना की वरिष्ठ कवयित्री डॉ शशि तिवारी ने। संस्था का परिचय वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राजेंद्र मिलन ने दिया एवं सभी का स्वागत किया पूर्व न्यायाधीश व साहित्यकार श्री एस एस यादव ने।</description></item><item><title>सप्ताहांत: यह पलायन नहीं है</title><link>https://www.sarwagya.com/this-is-not-an-escape/</link><pubDate>Mon, 25 May 2020 08:21:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/this-is-not-an-escape/</guid><description>Copyright: straitstimes.com घटना काफी पुरानी है। एक कार्यक्रम का संचालन करते समय एक अतिथि का जीवन परिचय बताते हुए मैंने कुछ ऐसा बताया कि शिक्षा पूरी करने के उपराँत वह दूसरे प्रदेश में पलायन कर गए। अतिथि महोदय थोड़ी देर में संयोजक को बता कर कार्यक्रम बीच में छोड़ कर चले गए। बाद में मुझे बताया गया कि मेरे द्वारा उनके परिचय में पलायन की बात कहने से वह नाराज थे।</description></item><item><title>समझिए लोकल का मतलब ग्लोकल के साथ</title><link>https://www.sarwagya.com/local-with-glocal/</link><pubDate>Sun, 17 May 2020 09:30:04 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/local-with-glocal/</guid><description>12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश को 20 लाख करोड़ के पैकेज के अलावा आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रखा। उन्होंने लोकल सामान का उत्पादन करने, खरीदने और उसके प्रसार के लिए वोकल अर्थात मुखर रहने की अपील की। बड़ी सावधानी के साथ अपने पूरे भाषण में उन्होंने 'स्वदेशी' शब्द का प्रयोग ही नहीं किया। चाहते तो वह भी लोकल की बजाय स्वदेशी कह सकते थे। बल्कि उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।लोकल शब्द का प्रयोग करके प्रधानमंत्री ने ग्लोबलाइजेशन की अवधारणा को पूरी तरह खारिज नहीं किया। दूसरे दिन 13 मई को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी पत्रकार वार्ता में भी लोकल ग्लोबल की बात की। उन्होंने कहा कि पैकेज का ऐलान आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके पांच स्तंभ इकोनॉमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए कई कदम उठाए गए। हमारा फोकस लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: आओ! हम बनाएं, सकारात्मक वातावरण</title><link>https://www.sarwagya.com/lets-make-a-positive-environment/</link><pubDate>Sun, 17 May 2020 09:13:43 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/lets-make-a-positive-environment/</guid><description>लॉकडाउन में घरों में बंद रहने के कारण और कोरोना से संबंधित दुःखद खबरें देख-पढ़ कर ज्यादातर लोग अवसादग्रस्त हो रहे हैं। गुस्सा, चिड़चिड़ापन की शिकायतें आ रही हैं। ऐसी दशा में कुछ लोग आत्मघाती कदम भी उठा लेते हैं और अपने पूरे परिवार को तबाह कर लेते हैं। यह सब सकारात्मक वातावरण के अभाव में हो रहा है। यदि हम सकारात्मक वातावरण में रहें और सकारात्मक वातावरण न होने पर् उसका निर्माण कर् लें तो ऐसी दुखद घटनाओं को होने से रोका जा सकता है या कम किया जा सकता है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: माँ के आँचल में सुख स्वर्ग सा, माँ के चरणों में चारों धाम</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-mothers-day/</link><pubDate>Sun, 10 May 2020 05:26:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-mothers-day/</guid><description>बात उन दिनों की है जब मैं बैंक में था। हमारे एक महाप्रबंधक महोदय दौरे पर आए और उन्होंने अपने उद्बोधन के अंत में सभी से एक प्रश्न किया, "पति पत्नी ने आपस में या महिला पुरुष मित्रों ने एक दूसरे को अनेक बार आई लव यू बोला होगा, परंतु यह बताइए कि आप में से कितने लोगों ने अपनी माँ को आई लव यू बोला है?</description></item><item><title>पत्रकार जीवन की कुछ बातें आज अचानक याद आ गईं</title><link>https://www.sarwagya.com/remembering-news-reporting-days/</link><pubDate>Thu, 07 May 2020 17:38:02 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/remembering-news-reporting-days/</guid><description>आज एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल ने अति उत्साह में, मेरे विचार से ब्लंडर कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भगवान बुद्ध जयंती पर देश को संबोधन सुबह 09 बजे होना था, परंतु चैनल ने वह रेकॉर्डिंग 08 बज कर 35 मिनिट पर ही दिखा दी। 09 बजे पुनः प्रसारण किया गया, जब सारे देश में संबोधन एक साथ हो रहा था। यद्यपि यह कोई अपराध नहीं है, बस प्रक्रिया संबंधी एक चूक है जिससे कम से कम प्रधानमंत्री जी के जैसे अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नहीं होना चाहिए।</description></item><item><title>बॉलीवुड में क्यों पैर पसार रहा है कैंसर?</title><link>https://www.sarwagya.com/cancer-prominent-in-bollywood/</link><pubDate>Wed, 06 May 2020 07:07:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/cancer-prominent-in-bollywood/</guid><description>इस बात को सभी जानते हैं कि बॉलीवुड के अभिनेता और अभिनेत्री जितना ग्लैमरस रहते हैं उससे ज्यादा अनुशासित जीवन व्यतीत करते हैं। एक छींक आने पर डॉक्टरों, विशेषज्ञों की जहाँ लंबी लाइन लग जाती हो, योग, प्राणायाम, जिम, डायटीशियन की सलाह से संतुलित भोजन करने वाले कलाकारों को कैंसर जैसी बीमारी क्यों परेशान कर रही है। इस विषय पर कोई प्रामाणिक जानकारी सामने नहीं आई है। इतने अवश्य संकेत मिले थे कि माँसाहार को छोड़ कर अब शाकाहारी भोजन की ओर झुकाव बढ़ रहा है।</description></item><item><title>हरि बोल, हरि, हरि हरि बोल</title><link>https://www.sarwagya.com/hari-bol-hari-bol-hari-hari-bol/</link><pubDate>Mon, 04 May 2020 20:52:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/hari-bol-hari-bol-hari-hari-bol/</guid><description>सत्य, अहिंसा, प्रेम, शांति
सर्वधर्म का रखता मान।
परोपकार, परमार्थ पुजारी
ऋषि, मुनियों की है पहचान।।
राष्ट्रभक्ति की अविरल धारा
संपूर्ण देश में एक समान।
कश्मीर से कन्याकुमारी
एक देश, और एक विधान।।
एक ध्वज तिरँगा जिसका
राष्ट्र की आन बान और शान।</description></item><item><title>संस्थान संगम की ऑनलाइन काव्यगोष्ठी</title><link>https://www.sarwagya.com/sansthan-sangam-online-poetry-seminar/</link><pubDate>Mon, 04 May 2020 20:47:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/sansthan-sangam-online-poetry-seminar/</guid><description>कोरोना के योद्धाओं को नमन, अभिनंदन,
मजदूरों की दशा पर चिंता
आगरा। साहित्यिक संस्था संस्थान संगम के तत्वावधान में ऑनलाइन ऑडियो कविगोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा रामू भैया ने की। मुख्य अतिथि थे दिल्ली के कर्नल प्रवीण त्रिपाठी। गोष्ठी में अमेरिका से डॉ शशि गुप्ता सहित बैंगलोर, कोटा, ग्वालियर, दिल्ली, मेरठ, भोपाल, आगरा के 50 से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया। गोष्ठी का संचालन सर्वज्ञ शेखर व संयोजन अशोक अश्रु ने किया।</description></item><item><title>ॐ शांति: ऋषि कपूर एवं इरफ़ान खान</title><link>https://www.sarwagya.com/rest-in-peace-rishi-kapoor-irfan-khan/</link><pubDate>Fri, 01 May 2020 08:35:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rest-in-peace-rishi-kapoor-irfan-khan/</guid><description/></item><item><title>सप्ताहांत: बहुत फायदे है खुद काम करने के</title><link>https://www.sarwagya.com/advantages-of-working-on-your-own/</link><pubDate>Sun, 26 Apr 2020 09:24:11 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/advantages-of-working-on-your-own/</guid><description>"हाय राम! जरा देखना कितना कूड़ा है दीवान के नीचे, बाई को कितनी बार बोला है जरा झाडू से अंदर तक सफाई किया कर, पर सुनती ही नहीं है। इधर उधर दो चार हाथ मारे, बस हो गया काम। धीरे-धीरे ही सही, आज खुद मैं ही कर लेती हूँ पूरे घर की सफाई।"</description></item><item><title>पढ़ने की आदत डालें</title><link>https://www.sarwagya.com/make-reading-a-habit/</link><pubDate>Thu, 23 Apr 2020 05:33:29 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/make-reading-a-habit/</guid><description>विश्व पुस्तक दिवस पर विशेष पिछली दीवाली की बात है।फेसबुक पर किसी ने एक संदेश पोस्ट किया कि उनके परिवार में किसी का निधन हो जाने के कारण इस बार वह दीपावली नहीं मनाएंगे। उनके कुछ मित्रों ने इसे भी दीपावली का सामान्य संदेश समझा और अपनी ओर से बधाई व शुभकामनाएँ प्रेषित कर दीं। पहले पक्ष ने इस बात का बुरा नहीं माना क्योंकि वह समझ गए कि मूल संदेश को पढ़े बिना ही जवाब दिया गया है, भावना गलत नहीं है। लेकिन जवाब देने वाले सज्जन ने तो अनर्थ करने में कोई कसर ही नहीं छोड़ी।</description></item><item><title>साधु-संतों की रक्षा करो सज्जनों को न दो संताप</title><link>https://www.sarwagya.com/protect-sadhu-sant/</link><pubDate>Sun, 19 Apr 2020 12:55:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/protect-sadhu-sant/</guid><description>संतों की निर्मम हत्या से
शोकमग्न है देश हमारा।
नर नहीं नरपिशाच हैं वो
साधुओं को जिन्होंने मारा।
हत्यारे और संरक्षक उनके
पाएँ सजा कठोर सभी,
पुनरावृत्ति होने न पाए
ऐसी घटना की फिर कभी।
अफवाहों को न फैलाओ</description></item><item><title>सप्ताहांत: कोरोना के विरुद्ध युद्ध लड़ रहे ये योद्धा</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-corona-warriors/</link><pubDate>Sun, 19 Apr 2020 12:47:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-corona-warriors/</guid><description>"जो कभी अपने समय को यों बिताते हैं नहीं
काम करने की जगह बातें बनाते हैं नहीं
आज कल करते हुए जो दिन गँवाते हैं नहीं
यत्न करने से कभी जो जी चुराते हैं नहीं
बात है वह कौन जो होती नहीं उनके लिए</description></item><item><title>प्रधानमंत्री का नया सूत्र: "वयं राष्ट्रे जागृयाम"...</title><link>https://www.sarwagya.com/prime-ministers-new-formula-covid-19/</link><pubDate>Mon, 13 Apr 2020 22:46:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/prime-ministers-new-formula-covid-19/</guid><description>3 मई तक लौकडाउन बढ़ाने की घोषणा करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यजुर्वेद की एक सूक्ति "वयं राष्ट्रे जागृयाम" को उद्धृत करते हुए कहा "पूरी निष्ठा के साथ 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। जहां हैं वहां रहें, सुरक्षित रहें। "</description></item><item><title>संपूर्ण देश करबद्ध आपका करता है सादर अभिनंदन</title><link>https://www.sarwagya.com/covid-warriors/</link><pubDate>Mon, 13 Apr 2020 10:21:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/covid-warriors/</guid><description>लॉकडाउन का करो पालन
सतर्क रहो और सावधान,
राष्ट्ररक्षकों का भी करना है
हम सब को पूरा सम्मान।
हे राष्ट्ररक्षको राष्ट्रवीरो!
आपकी कर्तव्यनिष्ठा को नमन,
आप सजग हो, आप जागृत हो
तभी सुरक्षित है जन-जन।
कोरोना के विरुद्ध युद्ध में</description></item><item><title>सप्ताहांत: रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-apr-14-2020/</link><pubDate>Sun, 12 Apr 2020 09:11:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-apr-14-2020/</guid><description>महाभारत का एक प्रसंग अनायास ही स्मृति पटल पर आ गया। महाभारत की प्रचलित कथाओं में से एक के अनुसार युद्ध खत्म होने के बाद श्री कृष्ण जब द्वारिका लौटने लगे तो भारी मन से पांडव अपने परिवार के साथ भगवान कृष्ण को नगर की सीमा तक विदा करने आए। सब की आँखों में आँसू थे। भगवान एक-एक करके अपने सभी स्नेहीजनों से मिल रहे थे। अंत में अपनी बुआ कुंती अर्थात पांडवों की माता से मिले।उन्होंने कुंती से कहा "</description></item><item><title>पंद्रह अप्रैल का सूर्य उगेगा नव उमंग-उत्साह लिए</title><link>https://www.sarwagya.com/15th-april-sunrise-after-lockdown/</link><pubDate>Tue, 07 Apr 2020 07:19:13 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/15th-april-sunrise-after-lockdown/</guid><description>कोरोना कोरोना कोरोना
सारे दिन बस एक ही रोना,
छोड़ो भी बस बहुत हो गया
अब कोई और बात करो ना।
ताली-थाली-दिया टोटकों
से भी नहीं बन रहा काम,
घर के अंदर बंद रह कर
भज रहे बस प्रभु का नाम।</description></item><item><title>सप्ताहांत: आपत्ति काले मर्यादा नास्ति</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-no-rules-in-emergency/</link><pubDate>Sun, 05 Apr 2020 07:01:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-no-rules-in-emergency/</guid><description>कोरोना के विरुद्ध युद्व में 21 दिन के लॉकडाउन का आधा समय बीत चुका है और अब दस दिन शेष रह गए हैं। कुछ अपवादों को छोड़कर लॉकडाउन का भारत की जनता ने समझदारी से व दृढ़ता से पालन किया। इसी लिए हमारे देश में अन्य देशों की अपेक्षा इस महामारी का प्रसार कम हो पाया। इन पँक्तियों के लिखे जाने तक 2000 लोग भारत मे संक्रमित हैं। इनमें से 50 की दुःखद मृत्यु हो गई व 151 ठीक भी हो गए।</description></item><item><title>अंतर्मन का दीप जलाओ</title><link>https://www.sarwagya.com/antarman-ka-deep-jalao/</link><pubDate>Sat, 04 Apr 2020 06:50:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/antarman-ka-deep-jalao/</guid><description>अंतर्मन के दीप जला कर
अज्ञानता का तम हरो,
कोरोना से बचने को मित्रो
निर्देशों का मान करो।
कोविड के जीवाणु का
अंत करेगा बस विज्ञान,
सामाजिक दूरी रखने पर
ही बस देना अपना ध्यान।
दीप जलाओ मानवता का</description></item><item><title>प्रकृति से करो प्रेम प्रिये।</title><link>https://www.sarwagya.com/love-thy-nature/</link><pubDate>Tue, 31 Mar 2020 13:08:20 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/love-thy-nature/</guid><description>प्रकृति है दाता
प्रकृति है भरता,
प्रकृति है प्रभु का
अनुपम उपहार प्रिये,
प्रकृति से करो प्रेम प्रिये।
जीवन में आशा
प्रेम में भाषा,
ऊर्जा, ऊष्मा
उत्साह, उमंग
प्रकृति ने संचार किए,
प्रकृति से करो प्रेम प्रिये।
चिड़ियों की चहक</description></item><item><title>पहली अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा जानिए</title><link>https://www.sarwagya.com/know-what-changes-from-april-1/</link><pubDate>Tue, 31 Mar 2020 12:53:39 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/know-what-changes-from-april-1/</guid><description>नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने के साथ एक अप्रैल, 2020 से अनेक नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।हम आपको दस ऐसे नियमों की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जु़ड़े हुए हैं और आप पर भी सीधे प्रभाव डालेंगे। इनमें बैंकों के विलय से लेकर जीएसटी रिटर्न के नियमों में होने वाला बदलाव शामिल है। ये हैं -</description></item><item><title>सप्ताहांत: क्वारंटाइन हमारे लिए नई अवधारणा नहीं है</title><link>https://www.sarwagya.com/quarantine-is-not-new-to-us/</link><pubDate>Sat, 28 Mar 2020 18:42:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/quarantine-is-not-new-to-us/</guid><description>कई वर्ष पूर्व की बात है। मैंने अपने मित्र के साथ माता वैष्णोदेवी के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। सही समय पर रेलवे स्टेशन पहुँच गए, पता लगा ट्रेन 15 मिनिट लेट है। थोड़ी देर में घोषणा हुई कि आधा घण्टा, फिर 2 घण्टे और धीरे-धीरे करके ट्रेन 18 घण्टे देरी से आई। रेलवे वाले इस चतुराई के लिए जाने जाते हैं कि वो कभी कभी ट्रेन की देरी की सूचना एक साथ नहीं देते, ताकि यात्री टिकिट कैंसिल नहीं कराएं या घर वापस न चले जाएं। हम भी जब तक ट्रेन नहीं आई, स्टेशन पर ही बैठे रहे, धार्मिक यात्रा थी इसलिए दृढ़ प्रतिज्ञ थे कि चाहे कितनी देरी हो जाए, जाएंगे जरूर।</description></item><item><title>ई एम आई कम करें और नए लोन दें: कोरोना के विरुद्ध युद्ध में अब बारी बैंकों की</title><link>https://www.sarwagya.com/lower-emi-and-sanction-new-loans/</link><pubDate>Sat, 28 Mar 2020 18:24:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/lower-emi-and-sanction-new-loans/</guid><description>कोरोनावायरस के कारण लॉक डाउन की वजह से लोगों को दिक्कत नहीं हो, इसके लिए आर बी आई ने लोन के भुगतान में राहत देने और लोन सस्ता करने के फैसले किए हैं। टर्म लोन की किश्त के भुगतान में तीन महीने की राहत दी गई है। रेपो रेट में भी 0.</description></item><item><title>नवरात्र में मंदिर न जाएं: जानिए घर पर रह कर कैसे करनी है पूजा</title><link>https://www.sarwagya.com/%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%9C/</link><pubDate>Tue, 24 Mar 2020 08:31:20 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82-%E0%A4%9C/</guid><description>कल 25 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। ऐसे में माता के भक्त पूरे 9 दिनों तक माता की पूजा-अर्चना करके मां को प्रसन्न करते हैं। इस बार कोरोना के कारण लोकडाउन की वजह से मंदिर न जाएं व घर पर रह कर ही पूजन करें। कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सबसे ज्यादा जोर भीड़भाड़ से बचने पर है। चैत्र नवरात्रि में मंदिरों में जुटने वाली दर्शनार्थियों की भीड़ से आशंकित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सुझाव दिया है कि इन हालात में मंदिर न जाएं, बल्कि घर में ही अनुष्ठान करें। साथ ही सभी धर्मगुरुओं से अपील की है कि जनता को धर्मस्थलों में भीड़ न लगाने के लिए समझाएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चैत्र नवरात्रि निकट है। नवरात्रि के पहले, दूसरे दिन और अष्टमी-नवमी पर लोग विशेष रूप से मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जाते हैं। इस दौरान अनेक स्थानों पर मेले आदि भी आयोजित किए जाते हैं। विशेष परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने आमजन से अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अपने घर में ही रहकर धार्मिक अनुष्ठान करें। इससे इस संक्रामक बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।</description></item><item><title>जनता कर्फ्यू: एक अनुशासन पर्व</title><link>https://www.sarwagya.com/janta-curfew-a-festival-of-discipline/</link><pubDate>Sat, 21 Mar 2020 07:53:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/janta-curfew-a-festival-of-discipline/</guid><description>(राष्ट्ररक्षकों के सम्मान में अभी आकाशवाणी आगरा से प्रसारित 👆संदेश) कोरोना महामारी ने जनता ही नहीं शासन प्रशासन के भी हाथ पैर फुला कर रख दिए हैं। इस का मुकाबला करने के लिए देश और प्रदेश की सरकारों ने युद्धस्तर पर प्रयास किए हैं और उनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।यह महामारी 1,2,3,4….</description></item><item><title>सप्ताहांत: पेनडेमिक से तो डर लगता ही है</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-coronavirus-pandemic/</link><pubDate>Sun, 15 Mar 2020 07:36:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-coronavirus-pandemic/</guid><description>हवाई यात्रा में उड़ान से पूर्व सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है, उसमें एक बात पर मुख्य जोर दिया जाता है कि पहले अपनी सुरक्षा करें, पड़ोसी की बाद में। सारे विश्व में कोरोना वायरस ने जो तांडव मचा रखा है उसका हमारे देश में असर बहुत तेजी से हुआ है।पूरे विश्व में सवा लाख पीड़ितों में से करीब चार हजार लोग काल के गाल में गए हैं जबकि हमारे देश में 90 मामलों में से 2 मृत्यु हुई, इनमें से एक तो राजधानी दिल्ली में हुई। इसका मतलब यह है कि जो उपाय किये जा रहे हैं या जिन उपायों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है वह अपर्याप्त हैं और दिखावा ज्यादा हैं। हम अपने यहाँ रोक नहीं पा रहे और सार्क देशों के साथ उपाय साझा कर रहे हैं। पहले अपनी सुरक्षा कीजिए, अपनी जनता को बचाइए, दुनिया की चिंता बाद में कीजिए। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो लापरवाही की हद ही कर दी। जब उनसे पूछा गया कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए क्या उपाय किये गए हैं तो उनका जवाब था यहाँ तो राजनीति में ही कोरोना वायरस आया आया हुआ है, बीमारी को बाद में देखेंगे। राहुल गांधी ने भी राजनीतिक बयान दिया जो अनावश्यक था। हमारा मानना यह है कि यह एक ऐसी आपदा है जिसका राजनीति, धर्म, वर्ण, जाति सम्प्रदाय से ऊपर उठ कर मुकाबला करना होगा।</description></item><item><title>मलिन मास शुरू: क्या करें और न करें?</title><link>https://www.sarwagya.com/malin-mas-dos-and-donts/</link><pubDate>Sat, 14 Mar 2020 07:25:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/malin-mas-dos-and-donts/</guid><description>14 मार्च 2020 शनिवार से खरमास या मलमास की शुरुआत हो गई है। सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास प्रारंभ हो जाता है, इस बार यह 14 मार्च से प्रारंभ होकर 13 अप्रैल 2020 तक रहेगा। खगोलशास्त्र के अनुसार जब सूर्य 12 राशियों का भ्रमण करते हुए वृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है, तो अगले 1 माह तक खरमास पड़ता है। इन 30 दिनों की अवधि को शुभ नहीं माना जा सकता है। ऐसी कई मान्यताएं हैं कि खरमास में विवाह, भवन-निर्माण, नया व्यापार या व्यवसाय आदि शुभ कार्य वर्जित हैं।</description></item><item><title>धूमधाम से मनाया गया करुणेश स्मृति होली मिलन समारोह: छह विभूतियों का हुआ सम्मान</title><link>https://www.sarwagya.com/holi-milan-2020/</link><pubDate>Thu, 12 Mar 2020 18:08:53 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/holi-milan-2020/</guid><description>आगरा। उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री माननीय चौधरी उदयभान सिंह जी, लोकप्रिय सांसद प्रो.एस पी सिंह बघेल व जनप्रिय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति में आज स्वाधीनता सेनानी, साहित्यकार,पत्रकार रोशनलाल गुप्त करुणेश स्मृति होलीमिलन समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। वक्ताओं ने करुणेश जी के नेतृत्व में हुए हार्डी बमकांड व राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी भूमिका को याद करके उन्हें नमन किया व युवा पीढी से उनके दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की। वक्ताओं ने आयोजकों की इस बात के लिए प्रशंसा की कि कोरोना के खौफ से बिना डरे सावधानी पूर्वक भारतीय संस्कृति की परंपराओं का पालन करते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया।</description></item><item><title>तारीख पर तारीख और अब आखिरी तारीख 20 मार्च</title><link>https://www.sarwagya.com/nibhaya-case/</link><pubDate>Mon, 09 Mar 2020 07:42:16 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/nibhaya-case/</guid><description>आगरा में निर्भया के कातिलों की फाँसी की नई तारीख घोषित होने से खुशी व संतोष की लहर दौड़ गई है। 3 मार्च को फांसी एक बार फिर टलने से निर्भया के माता-पिता ही नहीं वरन सारा देश सदमे में आ गया था और आगरा वासी भी काफी रूष्ट थे।</description></item><item><title>खून पसीने की कमाई है। घबराहट तो होती ही है, मैडम जी!</title><link>https://www.sarwagya.com/hard-earned-money/</link><pubDate>Sun, 08 Mar 2020 07:18:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/hard-earned-money/</guid><description>एक और बैंक, पी एम सी के बाद यस बैंक के पतन ने जमाधारकों के विश्वास को एक बार फिर हिला कर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय अर्थ जगत में इतने संकट आए परन्तु भारतीय अर्थव्यवस्था अविचल रही, भारत ने हर झंझावात का डट कर सामना किया। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है, क्योंकि हमारी बैंकिंग व्यवस्था मजबूत है, बैंकिंग व्यवस्था इसलिए मजबूत है कि हमारे देश की बचत दर बहुत अच्छी है। यद्यपि अभी यह दर कुछ कम हुई है, फिर भी अपेक्षाकृत ठीक है। वित्त वर्ष 2018-2019 में बचत का प्रतिशत जीडीपी का 30.</description></item><item><title>सप्ताहांत: मनोबल और सम्मान की आड़ में</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-01-march-2020/</link><pubDate>Sun, 01 Mar 2020 04:45:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-01-march-2020/</guid><description>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली में मानवता को शर्मसार करने वाला हिंसा का जो नंगा नाच हुआ उसने अंतरराष्ट्रीय जगत में हमारे देश की ख्याति को बहुत क्षति पहुंचाई है। दंगाइयों को किस ने उकसाया, किसने नहीं उकसाया, कौन जिम्मेवार है कौन नहीं, यह सब तो जाँच का विषय है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह सब पूर्वनियोजित था और ट्रंप व अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकृष्ट करने के लिए किया गया।</description></item><item><title>जिसकी अंटी में पैसा है उसकी होली है</title><link>https://www.sarwagya.com/holi-kavya-goshthi/</link><pubDate>Sat, 29 Feb 2020 04:41:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/holi-kavya-goshthi/</guid><description>आज देश के विख्यात व आगरा नगर के लब्धप्रतिष्ठ कवियों व शायरों के साथ मंच साझा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अवसर था भारतीय नाट्य कला मंच द्वारा नागरी प्रचारिणी के मानस भवन में आयोजित होली मिलन समारोह व काव्य गोष्ठी का।</description></item><item><title>ताज की धवल छवि</title><link>https://www.sarwagya.com/taj-ki-dhawal-chhavi/</link><pubDate>Mon, 24 Feb 2020 19:11:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/taj-ki-dhawal-chhavi/</guid><description>दिवस का अवसान समीप था।
गगन था कुछ लोहित हो चला।
तरु-शिखा पर थी अब राजती।
कमलिनी-कुल-वल्लभ की प्रभा॥
सुप्रसिद्ध साहित्य मनीषी हरिऔध जी ने यद्यपि यह पँक्तियाँ ताजमहल को लक्ष्य करके नहीं लिखीं थीं परँतु सूर्यास्त का अलौकिक वर्णन जिस प्रकार किया गया है उसके आलोक में ताज की धवल छवि का आजकल जिक्र अवश्य हो रहा है। शाम के साढ़े पाँच बजे जब दिवस का अवसान होता है, आसमान रक्ताभ लालिमा से आच्छादित होने वाला है, सूर्य-रश्मि वृक्षों के शिखर को छू रहीं हैं, सूरज की वही किरणें जब ताजमहल की श्वेत संगमरमर पर पदचाप करतीं हैं तो खिलखिलाते ताज की विभिन्न मुद्राएँ मनमोह लेती हैं।</description></item><item><title>सप्ताहांत: यू आर मोस्ट वेलकम, मिस्टर ट्रंप</title><link>https://www.sarwagya.com/you-are-most-welcome-mr-trump/</link><pubDate>Mon, 24 Feb 2020 17:18:37 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/you-are-most-welcome-mr-trump/</guid><description>modi and trump कल 24 फरवरी का दिन भारत के लिए, विशेष रूप से आगरा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतँत्र और महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं और अपनी यात्रा के पहले ही दिन आगरा आ कर ताजमहल का दीदार करेंगे। पहले यह समाचार आया था कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व मुख्यमंत्री उनके साथ रहेंगे, पर नवीनतम जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी भी उनके साथ आगरा आएंगे। आगरा में स्वाभाविक रूप से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियाँ पूरी हो गईं हैं। ताजमहल के अंदर कार न जाने की अनुमति न देने के कारण बराक ओबामा की ताजमहल यात्रा रद्द हो गई थी। परँतु ट्रंप की सदाशयता ही है उनके सुरक्षा अधिकारी कार की बजाय गोल्फ कार्ट से ताज परिसर में प्रवेश करने को राजी हो गए हैं। आगरा प्रशासन भी इस बात के लिए बधाई का पात्र है कि किसी की बात न मानने वाले अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों को अपनी बात मनवा सके।</description></item><item><title>विभूतियाँ कभी मरा नहीं करतीं</title><link>https://www.sarwagya.com/captain-vyas-chaturvedi/</link><pubDate>Tue, 18 Feb 2020 14:26:41 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/captain-vyas-chaturvedi/</guid><description>ऐसा पश्चाताप होगा, सोचा भी नहीं था। आदरणीय कैप्टन व्यास चतुर्वेदी लोटस हॉस्पिटल में भर्ती थे, कई बार चाहते हुए भी परिस्थितियाँ ऐसी रहीं कि वहाँ जाना संभव नहीं हो पाया। आज उनके घर जाने वाला था कि किसी ने कह दिया कि गुरुवार को देखने नहीं जाते, कल शुक्रवार को हर हाल में घर पर जा कर मिलने का सोच रखा था, परँतु ईश्वर को कुछ और ही मँजूर था, मेरा दुर्भाग्य, वह कल आ ही नहीं पाया और आज ही आप सँसार से विदा हो गए।</description></item><item><title>मातृ पितृ पूजन दिवस</title><link>https://www.sarwagya.com/mother-father-worship-day/</link><pubDate>Tue, 18 Feb 2020 14:19:47 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/mother-father-worship-day/</guid><description>जब भी दृष्टि बाधित जनों के बीच जाने का अवसर प्राप्त होता है मैं अपने आप को रोक नहीं पाता और सारे काम छोड़ कर उनके पास अवश्य जाता हूँ। कारण, सर्वविदित है। स्वाधीनता आंदोलन में मेरे पूज्य पिता रोशन लाल गुप्त करुणेश जी की दृष्टिक्षीण हो गई थी। मुझे इन दिव्यांग जनों में वही नज़र आते हैं।</description></item><item><title>सप्ताहांत: ये बड़े झोलाझाप और छोटे मोहल्ला क्लीनिक</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-feb-16-2020/</link><pubDate>Sun, 16 Feb 2020 14:04:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-feb-16-2020/</guid><description>किसी भी छोटी-मोटी बीमारी के इलाज या डॉक्टरी सलाह के लिए आप किसी चिकित्सक के पास जाते हैं तो खर्चे के बारे में क्या सोचेंगे? 200-400 रुपये फीस, बाकी पर्चे पर दवाएँ लिखेंगे जो बाद में आप बाजार से ला सकते हैं, अपने बजट के अनुसार 5 दिन की या ज्यादा की। लेकिन कोई चिकित्सक बेवकूफ बना कर अपनी फीस ही ढाई हजार ले ले या तुरँत अपने नर्सिंग होम में भर्ती कर के सारे टैस्ट अपनी ही पैथोलोजी से करा ले, चाहे जरूरत है भी या नहीं तो आपको कैसा लगेगा। ऐसी एक नहीं अनेकों घटनाएँ हैं। और यदि यह मालूम हो जाए कि भुगतान बीमा कम्पनी से होगा तो फिर तो बुखार के इलाज का बिल भी 2 से 3 लाख तक जा सकता है। जो दे सकते हैं वो तो मन मार कर दे देते हैं पर जिनसे जबरन वसूली होती है वह जीवन भर कोसते ही रहते हैं। कभी कभी तो नर्सिंग होम पहुँच कर ऐसा लगता है जैसे पुलिस कस्टडी में आ गए हों जहाँ से निकलना आसान नहीं होता, वो फिल्मी डायलॉग याद आने लगता है, "</description></item><item><title>मुफ्त में फास्टैग</title><link>https://www.sarwagya.com/fastag-for-free/</link><pubDate>Wed, 12 Feb 2020 19:27:02 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/fastag-for-free/</guid><description>अपनी गाड़ी पर अभी तक आपने फास्टैग नहीं लगवाया है तो आपके पास मुफ्त में पाने का मौका है।नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के टोल प्लाजा पर अगले 15 दिनों तक फास्टैग मुफ्त में मिलेंगे। 15 फरवरी से 29 फरवरी के बीच NHAI टोल प्लाजा में FASTag लेने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "</description></item><item><title>सप्ताहांत: चुनाव प्रचार में बदजुबानी कैसे रुके</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-09-02-2020/</link><pubDate>Mon, 10 Feb 2020 11:05:16 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-09-02-2020/</guid><description>दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए कल मतदान पूरा हो चुका है, 11 फरवरी को परिणाम भी आ जाएंगे। परँतु हर चुनाव की भाँति इन चुनावों में भी आरोप-प्रत्यारोप और बदजुबानी पराकाष्ठा पर रही। जूते मारो, गोली मारो, हिंदुस्तान-पाकिस्तान, करंट लगाओ से ले कर प्रधानमंत्री को डंडा मारो तक बात पहुँच गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनावी सभा में प्रधानमंत्री के लिए जिस भाषा, लहजे और शब्दों का प्रयोग किया वह अशोभनीय है व उसका विरोध किया जाना चाहिए। यह कह कर नहीं बचा जा सकता कि सत्ता पक्ष के लोगों ने भी ऐसी ही भाषा का प्रयोग किया। न ही बाद में यह कहा जा सकता कि चुनाव प्रचार में तो ऐसा चलता ही है। जब बड़े नेता ही ऐसी भाषा का प्रयोग करेंगे तो छोटे कार्यकर्ता तो एक कदम आगे बढ़ कर अशोभनीय हरकतें करेंगे। बड़े नेता जो बोलते हैं उसका असर तुरँत होता है। सकारात्मक बात करने से समर्थक शाँत होते हैं तो नकारात्मक बात करने से समर्थक भड़कते भी हैं, अराजकता उत्पन्न होती है, हिंसा फैलती है।</description></item><item><title>क्यों मनाते हैं वेलेंटाइन डे?</title><link>https://www.sarwagya.com/why-do-we-celebrate-valentines-day/</link><pubDate>Fri, 07 Feb 2020 08:25:59 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/why-do-we-celebrate-valentines-day/</guid><description>आज से वेलेंटाइन वीक आरंभ हो रहा है। प्रेम और मोहब्बत की प्रतीक ताजनगरी आगरा में भी आज से 14 फरवरी तक प्यार के इज़हार के 7 दिवसीय उत्सव मनाने की तैयारियाँ पूरी हो गईं हैं। दूकानों पर गुलदस्ते, विभिन्न प्रकार के आकर्षक उपहार,बधाई कार्ड सज गए हैं।विदेश व देश के भिन्न भिन्न भागों से ताजमहल के साये में वेलेंटाइन डे मनाने के लिए पर्यटक आगरा आना शुरू हो गए हैं। होटलों, रेस्टोरेंट्स में भी उनके स्वागत की पूरी तैयारियाँ हैं।</description></item><item><title>ताज रंग महोत्सव</title><link>https://www.sarwagya.com/taj-rang-mahotsav/</link><pubDate>Thu, 06 Feb 2020 12:20:50 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/taj-rang-mahotsav/</guid><description>ताज रंग महोत्सव का 5 फरवरी को यूथ होस्टल में रंगारंग समापन हुआ। अंतिम दिन का आकर्षण रहा स्वाधीनता संग्राम सेनानी रोशनलाल गुप्त करुणेश जी की धर्मपत्नी,हमारी पूज्य माँ स्व. रामलता गुप्ता की स्मृति में 11 विदुषी महिलाओं का सम्मान। मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी जी महाराज, शिक्षाविद डॉ महेश शर्मा, प्रीति उपाध्याय, नटरांजलि की निर्देशक अलका सिंह ने कला, संस्कृति, साहित्य, आध्यात्म आदि क्षेत्रों में ख्यातिप्राप्त महिलाओं को सम्मानित किया। रितु गोयल, शांतिदूत बंटी ग्रोवर व सम्पूर्ण आयोजन समिति इस अवसर पर उपस्थित थी।</description></item><item><title>ब्रज में 40 दिन के होली उत्सव की धूम शुरू: जानिए कब कब क्या होगा</title><link>https://www.sarwagya.com/40-days-holi-celebration-at-brij/</link><pubDate>Wed, 05 Feb 2020 07:19:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/40-days-holi-celebration-at-brij/</guid><description>चालीस दिन तक चलने वाला ब्रज होली महोत्सव शुरू हो चुका है। इसी के साथ होली के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए देश और दुनिया से श्रद्धालु मथुरा पहुंचने लगे हैं। ब्रज में बसंत पंचमी पर होली का ढांडा गढ़ने के साथ ही ब्रज के लगभग सभी मंदिरों में होली महोत्सव की शुरुआत हो जाती है।</description></item><item><title>आगरा में पर्यावरण जागरण की एक अनूठी पहल</title><link>https://www.sarwagya.com/environment-friendly-marriage-invitation-card/</link><pubDate>Tue, 28 Jan 2020 08:43:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/environment-friendly-marriage-invitation-card/</guid><description>शादी कार्ड जो पौधा बन जाएगा
आगरा। शादी के निमंत्रण पत्र कार्ड प्रायः लोग कार्यक्रम के उपराँत फेंक देते है। परंतु आगरा के एक परिवार ने अपने सदस्य की शादी में अनूठी पहल की है जिससे कार्ड को फेंकने की आवश्यकता तो होगी ही नहीं वरन उसका बाद में उपयोग भी हो सकेगा।</description></item><item><title>दैनिक जागरण: केंद्रीय बजट पर चर्चा</title><link>https://www.sarwagya.com/discussion-on-union-budget/</link><pubDate>Tue, 28 Jan 2020 08:31:41 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/discussion-on-union-budget/</guid><description> दैनिक जागरण ने 27 जनवरी को नगर के प्रबुद्धजनों के साथ एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर चर्चा की। मुझे भी इस कार्यक्रम में आमन्त्रित किया गया व अपने सुझाव प्रकट करने का अवसर मिला।</description></item><item><title>26 जनवरी को क्या करेंगे, तिरँगा झंडा फहरायेंगे या करेंगे ध्वजारोहण?</title><link>https://www.sarwagya.com/tricolour-hoisting-or-unfurling/</link><pubDate>Sun, 26 Jan 2020 09:09:06 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/tricolour-hoisting-or-unfurling/</guid><description>26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरँगा झंडा फहराने की तैयारियाँ पूरी हो गईं हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के दिन झंडा फहराने में क्या अंतर होता है।
संविधान के मुताबिक, देश में कोई भी व्यक्ति कभी भी, कहीं भी राष्ट्रीय ध्वज बिना किसी दबाव के राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस ऐसे दो उत्सव हैं, जब पूरा देश एक साथ एक ध्वज के नीचे नजर आता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों ही दिन तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन तिरंगा फहराने में थोड़ा अंतर होता है।</description></item><item><title>करुणेश जी की स्मृति सहेजेगा दिल्ली का नेहरू मेमोरियल म्यूजियम</title><link>https://www.sarwagya.com/memory-of-karunesh-ji-in-nehru-memorial-museum-delhi/</link><pubDate>Fri, 24 Jan 2020 06:45:24 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/memory-of-karunesh-ji-in-nehru-memorial-museum-delhi/</guid><description>आगरा। स्वाधीनता संग्राम सेनानी रोशनलाल गुप्त करुणेश की स्मृतियों को दिल्ली का नेहरू मेमोरियल म्यूजियम सहेजेगा।
नेहरु स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (Nehru Memorial Museum &amp;amp; Library (NMML)) नयी दिल्ली स्थित एक संग्रहालय एवं पुस्तकालय है। यह तीन मूर्ति भवन के प्रांगण में स्थित है। इसकी स्थापना 1964 में जवाहरलाल नेहरू के देहान्त के उपरान्त की गई। यह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अन्तर्गत एक स्वायत्त संस्था है।इसका लक्ष्य है भारत के स्वतंत्रता संग्राम संजोना तथा उसका पुनर्निर्माण करना , भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के विशेष संदर्भ में आधुनिक भारत के इतिहास से संबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, पैम्फ्लेट, समाचार पत्र, पत्रिकाएं, माइक्रोफिल्म, फोटोग्राफ, चलचित्र, श्रव्य रिकॉर्डिंग्स आदि का पुस्तकालय स्थापित करना व उसका रख-रखाव करना,गंभीर अध्ययन और अनुसंधान कार्यों के लिए जनता को उचित जगह पर अध्ययन सामग्री और पुस्तकालय संसाधनों का उपलब्ध कराना।</description></item><item><title>त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र?</title><link>https://www.sarwagya.com/defective-democracy/</link><pubDate>Fri, 24 Jan 2020 06:22:54 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/defective-democracy/</guid><description>भारत में तीन राष्ट्रीय पर्व मनाए जाते हैं, गाँधी जयंती, स्वतँत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस। 26 जनवरी को सारा राष्ट्र गणतंत्र दिवस मना रहा है। मैं शुरू से ही इस बात का पक्षधर हूँ कि राष्ट्रीय पर्वों पर अपने गौरवशाली इतिहास को याद किया जाए, अच्छे माहौल में धूमधाम से मनाया जाए जैसे हम धार्मिक पर्वों व अपने व्यक्तिगत दिवस मनाते हैं। परँतु आज आए एक समाचार ने सारे उत्साह पर तुषारापात कर दिया। यह समाचार इस बात का भी संकेत है कि वैश्विक परिदृश्य में अन्य देश भारत के बारे में क्या राय रखते हैं। विदेशी मीडिया में व राजनयिक वार्तालापों में हमारे बारे में जो कुछ कहा जा रहा है उससे हम आँख मूँद कर नहीं रह सकते।</description></item><item><title>लीडर्स अवार्ड्स समारोह</title><link>https://www.sarwagya.com/leaders-awards-function/</link><pubDate>Mon, 20 Jan 2020 15:08:28 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/leaders-awards-function/</guid><description>प्रसिद्ध स्वाधीनता संग्राम सेनानी व मेरे पूज्य पिता रोशनलाल गुप्त "करुणेश" की स्मृति में 8वें लीडर्स अवार्ड्स समारोह में राष्ट्रप्रेम व वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार अजितनगर चौराहा बाजार कमेटी के अध्यक्ष श्री राजेश यादव को दिया गया। इस समिति ने आंधी, तूफान, वारिश की परवाह किए बिना प्रतिदिन सुबह तिरंगे झंडे का ध्वजारोहण करने का कीर्तिमान कायम किया है।</description></item><item><title>सीनियर केनराइट्स स्थापना दिवस</title><link>https://www.sarwagya.com/senior-canarites-foundation-day/</link><pubDate>Mon, 13 Jan 2020 13:56:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/senior-canarites-foundation-day/</guid><description>गाज़ियाबाद में केनराबैंक के अवकाश प्राप्त अधिकारियों की संस्था सीनियर केनराइट्स ने 12 जनवरी को अपने स्थापना दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि मासूम गाजियाबादी ने की। जाने माने कवि व ग़ज़ल गो सुरेंद्र शर्मा, राज कौशिक, सार्थक शर्मा, अनिमेष शर्मा, भगत राम के साथ मुझे भी काव्यपाठ का अवसर प्राप्त हुआ।</description></item><item><title>सप्ताहांत: सेल्फ गोल-लापरवाही</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-selfgoal-carelessness/</link><pubDate>Sun, 12 Jan 2020 14:07:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-selfgoal-carelessness/</guid><description>स्वराज्य टाइम्स
ईरान ने अपनी इस गलती को मान लिया है कि यूक्रेन के जिस विमान में विस्फोट से 176 यात्रियों की मौत हो गई थी वह उस की ही गलती से क्रेश हुआ था। ईरान की मिसाइल ने ही ईरान के विमान को भूल से मार गिराया।</description></item><item><title>सप्ताहांत: ऐसी खुशी किस काम की</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-05-01-2020/</link><pubDate>Sun, 05 Jan 2020 07:34:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-views-05-01-2020/</guid><description>एक जनवरी को सुबह जब घर के दरवाजे को खोला तो सामने गोमाता अपने बछड़े के साथ खड़ी दिखाई दे गई।गोमाता के प्रातःकालीन दर्शन, वह भी नव वर्ष के पहले दिन, मन मस्तिष्क में अपार खुशी का संचार हो गया।इतनी प्रसन्नता हुई जैसे सारे संसार के सुख मिल गए हों। यह सत्य घटना है और इसका वर्णन केवल इस बात को रेखांकित करने के लिए किया है कि खुशी बाहर से नहीं मिलती, यह अपने अंदर से ही ढूढनी होती है। किस बात से आप खुश हो सकते हैं यह आपको ही तय करना है। खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यह आवश्यक नहीं कि बाहर रहने वाले बेटे का फोन आने पर या माता-पिता से बात करके, पड़ोसी से तर्क-वितर्क करके, मित्र से बतिया कर या अपने अधीनस्थों को डांट कर ही खुशी मिले। खुशी तो अपने इर्द-गिर्द ही ढूंढनी होगी क्योंकि खुश तो आपको हर दिन, हर समय, हर पल रहना है।</description></item><item><title>नव वर्ष तुम आ तो रहे हो...</title><link>https://www.sarwagya.com/new-year-you-are-coming/</link><pubDate>Tue, 31 Dec 2019 14:08:30 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/new-year-you-are-coming/</guid><description>नव वर्ष तुम आ तो रहे हो
क्या क्या नया लाओगे संग,
क्या बदलोगे दशा देश की
दे नई खुशियाँ और उमँग।
बदलेगा पञ्चाङ्ग कलेंडर
दिनांक आएगा बस नया,
नया नहीं हुआ कुछ भी तो
फिर कैसे नव वर्ष हो गया।</description></item><item><title>बीस-बीस के लिए कुछ सोचा क्या?</title><link>https://www.sarwagya.com/what-have-you-thought-of-for-2020/</link><pubDate>Tue, 31 Dec 2019 13:46:53 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/what-have-you-thought-of-for-2020/</guid><description>बीस-बीस, जी हाँ, नव वर्ष 2020 दस्तक दे रहा है। क्या कुछ सोचा है कि नए साल में क्या नया करना है, क्या पुराना छोड़ना है।
नए वर्ष पर नया रेसोल्यूशन या संकल्प करने की भी एक प्रथा बहुत समय सेचली आ रही है। यह प्रथा अच्छी है। सभी को कोई भी एक बुराई छोड़ने और एक नया अच्छा काम शुरू करने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प की प्रक्रिया में एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है। संकल्प कठिन नहीं होना चाहिए। जो काम आप छोड़ना चाहते हैं वो ऐसा हो जिसे आप आसानी से छोड़ सकें और जो आप शुरू करना चाहें उसमें कोई दिक्कत न हो। संकल्प कोई सजा नहीं है और न कोई कठोर तपस्या। जो लोग शराब, सिगरेट, ड्रग्स लेते हैं वो इन्हें छोड़ने का संकल्प न करें क्योंकि ऐसा संकल्प कुछ दिनों में ही फुस्स हो जाएगा। हां इन आदतों को कम करने का संकल्प ले सकते हैं। इनको आप दिनों या तिथियों से जोड़ सकते हैं, जैसे मंगलवार, अष्टमी, को सुरापान, सिगरेट नहीं पी जाए इत्यादि। इन प्रतिबंधित दिनों को धीरे धीरे बढ़ाया जा सकता है। इसी प्रकार गुस्सा न करने, कम करने, रिश्वत न लेने, आफिस देर से नहीं पहुचने का भी संकल्प ले सकते हैं।</description></item><item><title>सप्ताहांत: आखिर आप क्या क्या बंद करेंगे</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-internet-ban-29-12-2019/</link><pubDate>Sun, 29 Dec 2019 07:50:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-view-internet-ban-29-12-2019/</guid><description>सतर्कता मूलक उपाय के रूप में पहली बार जब उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया था तो इसका हमने बीमारी से निज़ात पाने के लिए एक कड़वी दवा के रूप में स्वागत किया था। हालांकि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इंटरनेट पर रोक से होने वाली परेशानियों व आर्थिक क्षति के बारे में काफी कुछ कहा गया।पर इस वृहस्पतिवार को जब दूसरी बार पुनः इंटरनेट पर रोक लगाई गई तो लगा कि कड़वी दवा की कुछ ओवरडोज़ हो रही है। दवा ज्यादा खाना या खिलाना भी कभी कभी नुकसानदेह हो जाता है। और दवा की आदत पड़ जाना और भी खतरनाक।</description></item><item><title>एक शाम अटल जी के नाम</title><link>https://www.sarwagya.com/one-evening-in-the-name-of-atal-ji/</link><pubDate>Thu, 26 Dec 2019 11:55:19 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/one-evening-in-the-name-of-atal-ji/</guid><description>प्रधान डाकघर प्रतापपुरा में साहित्य संगीत संगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ।
श्री सुशील सरित के कुशल संयोजन में सुविख्यात गजल गायक सुधीर नारायण ने अटल जी के गीतों की खूबसूरत प्रस्तुति दी।
Read in English One Evening in the Name of Atal Ji Some highlights of the program organized by Sahitya Sangeet Sangam at Pratappura, Head Post Office.</description></item><item><title>26 दिसंबर का सूर्यग्रहण: सब पर भारी, प्राकृतिक आपदाओं की भी आशंका, क्या करें, क्या न करें</title><link>https://www.sarwagya.com/solar-eclipse-dec-26-2019-dos-and-donts/</link><pubDate>Tue, 24 Dec 2019 08:00:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/solar-eclipse-dec-26-2019-dos-and-donts/</guid><description>इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसंबर 2019 को पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण भारत में अधिकतम खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा। जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, परिक्रमा के दौरान एक दूसरे के बीच में ये आते जाते रहते हैं। जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा आ जाए तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। यह इस साल का तीसरा सूर्यग्रहण है, लेकिन पूर्ण सूर्यग्रहण के रूप में यह साल का पहला ग्रहण होगा। इसका असर पृथ्वी और पृथ्वी के लोगों पर पड़ता है। सूर्य ग्रहण के दौरान और सूतक लगने के बाद शुभ कार्य भी नहीं किए जाने चाहिए ऐसी मान्यता है। भारत पर इस ग्रहण का पूरा प्रभाव पड़ेगा तो कुछ धार्मिक रीति-रिवाज यहां पूरी तरह वर्जित होंगे। खगोलविदों और वैज्ञानिकों क कहना है कि ग्रहण के दौरान कुछ विकिरण वातावरण में मिलकर पृथ्वी पर पहुंचती हैं और ये विकिरण मनुष्य की सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। इससे बहुत जल्दी भोजन में बैक्टीरिया फैलता है। हो सकता है कि इस वजह से भी सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण ना करने को कहा जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं के मुताबिक ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए सूतक काल के दौरान खाने पीने की चीजों में तुलसी की पत्तियां डाल कर रखनी चाहिए, जिससे ये दूषित न हो सकें। वहीं तुलसी के पत्‍तों को भी सूतक काल शुरू होने से पहले ही तोड़ कर रख लें। 144 वर्षों बाद ऐसा दुर्योग बन रहा है कि यह ग्रहण सभी राशियों पर भारी है। दस दिनों के अंदर विश्व के अनेक हिस्सों में भूकंप, सुनामी व भयंकर हिमपात जैसी प्राकृतिक आपदाएँ आने की प्रबल आशंका है। अतः सतर्क रहें और भजन पूजन करते रहें। सूर्यग्रहण का तीन काल होता है। प्रथम, द्वितीय और अंतिम यानि मोक्षकाल। प्रारंभ काल में स्नान और जप करना शुभ माना जाता है। मध्यकाल यानि द्वितीय समय में मन ही मन देव पूजन कर सकते हैं और मोक्ष्रकाल के दौरान दान का बेहद महत्व है। यदि कहीं सरोवर और नदी हो तो उसमें ग्रहण उपरांत स्नान से ग्रहण से होने वाले कष्टों का हरण हो जाता है। अगर ऐसा संभव नहीं है तो जरूरतमंदों को जरूरत की किसी वस्तु का दान कर देना चाहिए।</description></item><item><title>सप्ताहांत: इस आग को फैलने से जल्दी रोको</title><link>https://www.sarwagya.com/week-end-views-stop-this-fire-from-spreading/</link><pubDate>Sun, 22 Dec 2019 09:07:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/week-end-views-stop-this-fire-from-spreading/</guid><description>आग आग होती है, फिर वो हवन की हो या मँदिर में जल रहे दीपक की, भूख की, वासना की, हिंसा की, प्रतिशोध की, जंगल की, जब अपनी सीमा लाँघ जाती है तो हाथ जलाती है, तन जलाती है, अत्याचार को बढ़ावा देती है और कभी कभी पूरे परिवार को जला कर राख कर देती है, समाज और देश को तबाह कर देती है।</description></item><item><title>करुणेश परिवार के लिए गौरवशाली क्षण</title><link>https://www.sarwagya.com/proud-moment-for-karunesh-parivar/</link><pubDate>Tue, 17 Dec 2019 07:44:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/proud-moment-for-karunesh-parivar/</guid><description>आगरा के अजितनगर, खेरियामोड़ पर बाजार कमेटी द्वारा प्रतिदिन पूरे अनुशासन व मानक के साथ ध्वजारोहण किया जाता है। आज इस पुनीत अवसर पर मुझे मुख्य अतिथि के रूपमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मेरे भ्रातागण संजय गुप्त (अवकाश प्राप्त बैंकर), आदर्श नन्दन गुप्त (वरिष्ठ उपसंपादक-दैनिक जागरण) व अन्य परिजन भी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।</description></item><item><title>सप्ताहांत - नज़रिया सब का अपना-अपना: हवा हो गया सबके साथ का सपना</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-everyones-own-vantage-point/</link><pubDate>Mon, 16 Dec 2019 11:04:52 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-everyones-own-vantage-point/</guid><description>स्वराज्य टाइम्स, 15 दिसंबर, 2019
देश में इतना संवेदनशील वातावरण शायद ही पहले कभी रहा हो। हर बात को लोग अपने अपने नजरिये से देख रहे हैं, वैसे ही उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। अफवाहों का बाजार गर्म है। भ्रांतियों ने कुछ क्षेत्रों में युवाओं को उग्र कर दिया है जो हिंसा पर उतारू हैं। यह सही है कि कोई सरकार या कोई भी सत्ताधारी राजनीतिक दल कोई ऐसा कार्य नहीं करता जो उसका अहित करता हो या उसके भविष्य को धुँधला करता हो। परंतु किसी भी कार्य को इस प्रकार किया जाए कि लोगों में नाराजी कम हो, इस बात का ध्यान रखना भी आवश्यक है।</description></item><item><title>इन हत्याओं का जिम्मेवार कौन?</title><link>https://www.sarwagya.com/who-is-responsible-for-these-murders/</link><pubDate>Mon, 16 Dec 2019 10:48:45 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/who-is-responsible-for-these-murders/</guid><description>हाहाकार मचा हुआ है, रोंगटे खड़े हो रहे हैं, चीत्कार और सिसकियों की आवाज से दिल दहल रहे हैं, देखने सुनने वालों की आत्मा क्रंदन कर रही है, परंतु राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की जुबान से वही रटे रटाये जुमले निकल रहे हैं-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे जितना प्रभावशाली हो, जांच के आदेश दे दिए गए हैं, मुआवजे की घोषणा कर दी गई है, अस्पताल में घायलों का निःशुल्क इलाज कराया जाएगा। यह दृश्य है दिल्ली का जहां रानी झांसी रोड बाजार स्थित एक फैक्ट्री में पिछले रविवार को सुबह सवेरे हुए भीषण अग्निकांड में 43 निर्दोष मजदूरों के जिंदा जल जाने के बाद उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। रात को काम करके 59 मजदूर बैग बनाने की इस फैक्ट्री में सो रहे थे कि सबेरे अग्नि ने इनमें से 43 को काल के गाल में समा दिया। इंतिहा तो तब हो गई जब जिस वक्त फैक्ट्री में आग लगी, उस वक्त फैक्ट्री के गेट को बाहर से बंद कर दिया गया। अंदर मजदूर बाहर आने के लिए गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़कर कुछ लोगों को बाहर निकाला गया।बाद में दमकल विभाग की 30 से ज्यादा गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं।</description></item><item><title>इनक्रेडिबल इण्डिया फाउंडेशन एडवाइजरी बोर्ड में मनोनीत</title><link>https://www.sarwagya.com/incredible-india-foundation-advisory-board-nomination/</link><pubDate>Mon, 09 Dec 2019 16:53:39 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/incredible-india-foundation-advisory-board-nomination/</guid><description>एक और महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व आगरा का सुविख्यात महोत्सव "ब्रज रत्नअवार्ड्स-2019" के आयोजकों इनक्रेडिबल इण्डिया फाउंडेशन ने अपने एडवाइजरी बोर्ड में मुझे Member: Board of Jury मनोनीत किया है।
फाउंडेशन के चेयरमैन पूरन डाबर जी व महासचिव अजय शर्मा जी को हार्दिक धन्यवाद!</description></item><item><title>जल संरक्षण व पर्यावरण गोष्ठी</title><link>https://www.sarwagya.com/water-conservation-and-environment-seminar/</link><pubDate>Mon, 09 Dec 2019 13:03:10 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/water-conservation-and-environment-seminar/</guid><description>जल संरक्षण व पर्यावरण की रक्षा को समर्पित संस्था जलाधिकार फाउंडेशन ने 07 दिसंबर को सूर सरोवर प्रकृति अध्ययन केंद्र में गोष्ठी आयोजित की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल थे। पर्यावरणविद व वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना,सुरेखा यादव,वन संरक्षण अधिकारी आनंद कुमार,बैजू,डी पी सिंह, अवधेश उपाध्याय जी जैसे विद्वजनों की उपस्थिति में मुझे भी अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।</description></item><item><title>सप्ताहांत - हैदराबाद एनकाउंटर: बुराइयों में से निकली अच्छाई</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-09-12-2019-hyderabad-encounter/</link><pubDate>Mon, 09 Dec 2019 11:18:05 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-09-12-2019-hyderabad-encounter/</guid><description>यह सप्ताह कभी खुशी कभी गम दे कर व्यतीत हुआ। हैदराबाद की डॉक्टर बेटी के साथ व्यभिचार के आरोपियों की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत ने जहाँ लोगों के मन में खुशी के भाव जागृत किए तो उन्नाव की पीड़िता की दिल्ली में मौत ने पुनः दुखी कर दिया। सात साल बीत जाने के बाद भी निर्भया के दोषियों को फाँसी न होने पर एक बार फिर आक्रोश उमड़ पड़ा। अब हो सकता है राष्ट्रपति महोदय दया याचिका को जल्दी ही खारिज कर दें और निर्भया के आरोपी फांसी के फंदे पर झूल जाएं।</description></item><item><title>इन्दिरा कला संगीत विश्‍वविद्यालय - खैरागढ़ (छत्तीसगढ़)</title><link>https://www.sarwagya.com/indira-kala-sangeet-vishwavidyalaya/</link><pubDate>Thu, 05 Dec 2019 10:01:48 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/indira-kala-sangeet-vishwavidyalaya/</guid><description>जब राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) आये ही हैं तो खैरागढ़ जाना कैसे भूल सकते थे। यहाँ विश्व विख्यात इन्दिरा कला संगीत विश्‍वविद्यालय है। इसकी स्‍थापना खैरागढ़ रियासत के 24वें राजा विरेन्‍द्र बहादुर सिंह तथा रानी पद्मावती देवी द्वारा अपनी राजकुमारी 'इन्दिरा' के नाम पर उनके जन्‍म दिवस 14 अक्‍टूबर 1956 को की गई थी।</description></item><item><title>आगरा का नाम बदलने का शोर फिर शुरू</title><link>https://www.sarwagya.com/rechristening-agra-to-agravan/</link><pubDate>Thu, 21 Nov 2019 09:23:24 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rechristening-agra-to-agravan/</guid><description>इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद अब उ प्र सरकार ताज नगरी आगरा का नाम बदलने की योजना पर गम्भीरता से विचार कर रही है। शासन ने इसके लिए आगरा विश्वविद्यालय से सुझाव व साक्ष्य मांगे हैं। विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग से किसी ऐतिहासिक नाम भेजने का सुझाव मांगा गया है, साथ ही इस संबंध में इतिहास विभाग से साक्ष्य भी मांगे गए हैं।</description></item><item><title>आगरा में सनसनी फैला रहा है ड्रोन</title><link>https://www.sarwagya.com/drone-wreaking-havoc-at-agra/</link><pubDate>Wed, 20 Nov 2019 09:07:49 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/drone-wreaking-havoc-at-agra/</guid><description>आगरा में ताजमहल के ऊपर ड्रोन उड़ाने की घटनाएं सनसनी फैला रही हैं। पिछले कई माह में ताज की 500 मीटर की यलो जोन के प्रतिबन्धित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की घटनाओं ने सुरक्षा अधिकारियों में अफरा तफरी मचाई है। फतेहपुर सीकरी में भी यदा कदा ऐसी घटनाएं होती रही हैं। प्रायः प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की गलती विदेशी पर्यटक ही करते हैं क्योंकि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं होती।</description></item><item><title>स्व. इंदिरा गाँधी जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन</title><link>https://www.sarwagya.com/indira-gandhi-jayanti-2019/</link><pubDate>Tue, 19 Nov 2019 15:15:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/indira-gandhi-jayanti-2019/</guid><description>Read in English Paying Homage on the occasion of Smt. Indira Gandhi's Birth Anniversary</description></item><item><title>सीवर लाइन की सफाई में रोबोट का इस्तेमाल</title><link>https://www.sarwagya.com/robots-to-clean-sewer-lines-agra/</link><pubDate>Sat, 16 Nov 2019 07:18:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/robots-to-clean-sewer-lines-agra/</guid><description>आगरा शहर में भी अब चोक सीवर लाइन की सफाई में पहली बार रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा। आशा है इससे नगर में ध्वस्त पड़ी सीवर लाइनों को ठीक किया जा सकेगा। जगह जगह सीवर लाइन चोक होने के कारण गंदा पानी व गंदगी सड़कों पर दिखाई देना अब बंद हो जाएगा। नई लाइनें बिछाने के साथ ही चोक सीवर लाइन को ठीक कराया जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ( एसटीपी ) और सीवेज पंपिंग स्टेशन ( एसपीएस ) को बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा। शासन के आदेश पर आगरा शहर की सीवर की देखभाल की जिम्मेदारी निजी कंपनी को मिल गई है। 15 नवंबर को लखनऊ में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, प्रमुख सचिव मनोज कुमार की मौजूदगी में अनुबंध हुआ। कार्यवाहक नगरायुक्त केबी सिंह और कंपनी के प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर किए। यह रोबोट सीवर या सेप्टिक टैंक के मेनहोल से जो सीवर या सेप्टिक टैंक के अंदर जाता है.</description></item><item><title>बाल दिवस के अवसर पर विशेष: मेरे अंदर का बच्चा जागा</title><link>https://www.sarwagya.com/bal-diwas-special/</link><pubDate>Thu, 14 Nov 2019 10:18:57 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/bal-diwas-special/</guid><description>प्रत्येक व्यक्ति के अंदर एक बच्चा होता है, उसे यदि जाग्रत रखा जाए तो जीवन एक बच्चे की भांति निश्छल और सच्चा हो सकता है।
इस अवसर पर एक रचना प्रस्तुत है -
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मेरे अंदर का बच्चा जागा ?</description></item><item><title>क्रिकेटर दीपक चाहर ने किया आगरा का नाम रोशन, रचे नए कीर्तिमान</title><link>https://www.sarwagya.com/cricketer-deepak-chahar-making-agra-proud/</link><pubDate>Wed, 13 Nov 2019 07:11:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/cricketer-deepak-chahar-making-agra-proud/</guid><description>भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने टी 20 अंतरराष्टीय क्रिकेट में 10 नवंबर को नागपुर में एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। चाहर ने बांगलादेश के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 3.2 ओवर में 6 खिलाड़ियों को आउट किया। इससे पहले टी - 20 में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकार्ड श्रीलंका के मेंडिस के नाम था, जिन्होंने 4 ओवर में 8 रन देकर 6 खिलाड़ियों को आउट किया था। दीपक ने इस तीसरे टी - 20 में हैट्रिक भी बनाई। इसके चलते चाहर को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। दीपक ने 5.</description></item><item><title>एक बार फिर सेब से ज्यादा महंगी हुई प्याज: दिसंबर के पहले सप्ताह तक बढ़ेंगे भाव</title><link>https://www.sarwagya.com/once-again-onion-costlier-than-apple/</link><pubDate>Thu, 07 Nov 2019 06:24:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/once-again-onion-costlier-than-apple/</guid><description>आगरा में प्याज के भाव एक बार फिर सेब से भी ज्यादा महंगे हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह में प्याज के थोक दाम करीब 10₹ बढ़े हैं तो खुदरा प्याज 60₹ किलो से बढ़ कर 80₹ किलो तक पहुंच गई है। जबकि सेब अभी 60 से 70₹ प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। दीपावली से पूर्व थोक में प्याज 30 से 35 ₹ किलो और खुदरा में 40 से 50₹ किलो मिल रही थी। परंतु महाराष्ट्र और राजस्थान में बारिश के कारण प्याज की फसल की बर्बादी और कर्नाटक में प्याज की फसल बर्बाद होने के कारण आगरा में प्याज की आमद कम हो गई। अभी यहां राजस्थान की अलवर। मंडी से प्याज आ रही है जो कि महंगी है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: यह धुंध कब छटेगी?</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-03-nov-2019/</link><pubDate>Sun, 03 Nov 2019 08:55:06 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-03-nov-2019/</guid><description>यह पूरा सप्ताह वातावरण में छाई धुंध को ही समर्पित हो गया। धुंध क्यों छाई है, इसके लिए जिम्मेवार कौन हैं, उपाय किए गए या नहीं किए गए, दिल्ली में ओड ईवन और स्वास्थ्य इमरजेंसी, पंजाब हरियाणा में पराली का जलना आदि आदि जितने सारे विषय थे सब धुंध के इर्द गिर्द ही घूमते रहे।</description></item><item><title>मून स्कूल ओलंपिक - 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/moon-school-olympic-2019/</link><pubDate>Thu, 31 Oct 2019 16:20:48 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/moon-school-olympic-2019/</guid><description>बेटियों को समर्पित 15 वें मून स्कूल ओलंपिक 2019 के कार्यक्रम का उद्घाटन माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली सुश्री मेघा परमार, श्रीमती मधु बघेल, पीएनसी की निदेशक श्रीमती रेणु जैन, श्रीमती विजय लक्ष्मी चाहर व डॉ हृदेश चौधरी आदि ने बैलून उड़ाकर व ध्वजारोहण करके किया। 7 दिवसीय ओलंपिक की 18 प्रतियोगिताओं में 300 विद्यालयों के 13000 छात्र भाग लेंगे।</description></item><item><title>गोवर्धन पूजा</title><link>https://www.sarwagya.com/govardhan-puja/</link><pubDate>Mon, 28 Oct 2019 16:31:32 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/govardhan-puja/</guid><description>गोवर्धन पूजा प्रति वर्ष दीपावली के दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। आगरा में भी पूरे देश की भांति आज गोबर्धन पूजा जोर से हो रही है। सुबह से ही गाय का पवित्र गोबर एकत्र कर के गोबर्धन महाराज बनाए जा रहे हैं। गोबर से घरों में छोटे और चौराहों पर बड़े बड़े गोबर्धन बन रहे हैं। सामूहिक गोवर्धन पूजन की भी तैयारी चल रही हैं। बेलनगंज तिकाेनिया, सनातन धर्म सभा मंदिर शहजादी मंडी, महाराजा अग्रसेन भवन कमला नगर, बल्‍केश्‍वर, गणेश चौक कमला नगर, ट्रांस यमुना कॉलोनी आदि क्षेत्रों में गोवर्धन महाराज की सामूहिक पूजा की जाएगी। मनुष्य के आकार के होते हैं। गोबर्धन तैयार करने के बाद उसे फूलों और पेड़ों का डालियों से सजाया जाता है। गोबर्धन को तैयार कर शाम के समय इसकी पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल, खील, बताशे आदि का इस्तेमाल किया जाता है। पूजा करने के बाद गोबर्धनजी की परिक्रमा की जाती है। सात परिक्रमाएं करते वक्त गोबरधन महाराज की जय बोली जाती है। परिक्रमा करते समय एक व्यक्ति हाथ में पानी का लोटा और दूसरे हाथ में खील लेकर चलते हैं। जल लेकर चलने वाला व्यक्ति पानी की धारा गिराते हुए और दूसरे लोग जौ बोते हुए परिक्रमा करते हैं। गोबर्धनजी एक पुरुष के रूप में बनाए जाते हैं। इनकी नाभि की जगह पर एक कटोरी या मिट्टी का दीपक रखा जाता है। फिर इसमें दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे पूजा के समय डाले जाते हैं। बाद में इसे प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।</description></item><item><title>सप्ताहांत: अंधेरा क्या है? आइये जानें और भगाएं इसे</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-oct-27-2019-diwali/</link><pubDate>Sun, 27 Oct 2019 16:27:06 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-oct-27-2019-diwali/</guid><description>सुबह मॉर्निंग वॉक करते जाते समय कभी अंधेरा नहीं लगता था। एक दिन लगा कुछ अंधेरा सा है।पता लगा उस दिन स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही थीं। बात छोटी सी थी लेकिन कितना बड़ा संदेश दे रही थी-प्रकाश का अभाव ही अंधकार है। बड़े बड़े साधु-संतों के प्रवचन सुने,पुस्तकों में उपदेश पढ़े कि अंधकार कुछ होता ही नहीं है, अंधकार नाम की कोई चीज नहीं होती। परंतु अहसास अचानक हुआ।इसका मतलब है यदि रात को भी सूरज निकले तो रात ही नहीं होगी। रात वाले क्रिकेट मैच के मैदान में ऐसा लगता है जैसे दिन हो। केवल लाइट के कारण। मुंबई के बारे में कहा जाता है कि वहाँ कभी रात ही नहीं होती, क्योंकि वहाँ हमेशा चहल पहल रहती है, लाइट की चकाचौंध रहती है।</description></item><item><title>दीपावली का पहला तोहफा</title><link>https://www.sarwagya.com/diwali-gift/</link><pubDate>Sun, 27 Oct 2019 14:16:45 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/diwali-gift/</guid><description>कोटक लाइफ के संजय प्लेस आगरा स्थित कार्यालय में आज दीपावली पूजन के अवसर पर आपके मित्र सर्वज्ञ शेखर को #श्रेष्ठपारंपरिकवेशभूषा (पुरुष वर्ग) में विजेता घोषित किया गया। पूर्व पुलिस अधिकारी ज़नाब अशफाक अहमद जी ने यथोचित रूप से सम्मान प्रदान किया।</description></item><item><title>तेरह गुना धन वृद्धि करती है धनतेरस: भगवान धन्वंतरि कौन थे, जानिए?</title><link>https://www.sarwagya.com/who-is-god-dhanvantari/</link><pubDate>Thu, 24 Oct 2019 08:17:48 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/who-is-god-dhanvantari/</guid><description>आगरा में धनतेरस के लिए बाजार सज गए हैं। बर्तन, स्वर्ण आभूषण और वाहनों की दुकानों को आकर्षक तरीके से सज्जित किया गया है, लालच देने वाली अनेक उपहार व छूट योजनाओं की घोषणा की गई हैं। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस पर्व मनाया जाता है और इसी दिन से 5 दिवसीय शुभ दीपावली पर्व प्रारम्भ हो जाता है। 25 अक्तूबर 2019 से धनतेरस,छोटी दीपावली,बड़ी दीपावली, गोवर्धनपूजा और भाई दूज क्रमशः मनाए जाएंगे।</description></item><item><title>अब ताजमहल बदनाम कर रहा आगरा को</title><link>https://www.sarwagya.com/taj-mahal-tourists-issues/</link><pubDate>Thu, 24 Oct 2019 08:04:43 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/taj-mahal-tourists-issues/</guid><description>आगरा को देश ही नहीं विश्व के मानचित्र पर ताजमहल के कारण ही जाना जाता है। पूर्वोत्तर, दक्षिण और कश्मीर के प्रान्तों को तो छोड़िए बिहार झारखंड के लोग भी आगरा को नहीं पहचानते जब तक ताजमहल का जिक्र न किया जाए। ताजमहल के कारण देश विदेश के आम पर्यटक ही नहीं, जो राष्ट्राध्यक्ष या वी वी आई पी भारत भ्रमण पर आते हैं तो आगरा आ कर ताजमहल देखने के लोभ संवरण नहीं कर पाते। परंतु ऐसा लगता है कि जो ताजमहल आगरा का देश विदेश में नाम कर रहा है, वही ताजमहल आगरा को देशी ही नहीं विदेशियों की नज़रों में भी बदनामी का सबब बन रहा है। इसका मुख्य कारण है ताजमहल में लपकों, फोटोग्राफरों द्वारा पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से होने वाली अव्यवस्थाएं।</description></item><item><title>यह है असली नारी शक्ति सम्मान</title><link>https://www.sarwagya.com/true-felicitation-of-women-power/</link><pubDate>Mon, 21 Oct 2019 13:26:47 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/true-felicitation-of-women-power/</guid><description>अपने परिवार का बोझा उठाने को
दूसरों का बोझ उठाती है जो,
असली नारी शक्ति वही है
गरीब है पर,
भीख नहीं मांगती वो।
आगरा कॉलेज मैदान में आगरा साहित्य उत्सव व पुस्तक मेले में उस समय अत्यंत भावुक दृश्य उत्पन्न हो गया जब नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत एक महिला कुली को सम्मानित किया गया। मुद्रा नाम की इस महिला ने वरिष्ठ अतिथियों के करकमलों से यह सम्मान बड़े ही सकुचाते हुए ग्रहण किया।</description></item><item><title>सप्ताहांत: बच्चों से भी सीख मिलती है</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-20-10-2019/</link><pubDate>Sun, 20 Oct 2019 13:15:38 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-20-10-2019/</guid><description>स्वराज्य_टाइम्स, 20 अक्तूबर, 2019
स्वाभाविक रूप से माता-पिता, गुरुजन तो बच्चों को शिक्षा प्रदान करते ही हैं, पीढ़ियों में कम और शिक्षा व्यवस्था में ज्यादा परिवर्तन के कारण, आजकल बच्चे बड़ों को सीख देने में सक्षम हो गए हैं। प्राचीन काल में कोई स्कूल, कॉलेज या विश्व विद्यालय कहाँ थे फिर भी विद्वानों की कोई कमी नहीं थी। कबीर दास जी ने कहा भी है 'मसि कागद छुओ नहीं, कलम गही नहीं हाथ"</description></item><item><title>आकाशवाणी ने आयोजित की परिचर्चा: "प्लास्टिक_को कहो ना"</title><link>https://www.sarwagya.com/akashwani-agra-say-no-to-plastic/</link><pubDate>Thu, 17 Oct 2019 04:32:30 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/akashwani-agra-say-no-to-plastic/</guid><description>आगरा। "प्लास्टिक को कहो ना", इस ज्वलंत विषय पर आकाशवाणी आगरा ने एक परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा में पर्यावरण, स्वच्छ भारत व ग्राम संरक्षण से सम्बद्ध विद्वजनों ने भाग लिया। ये हैं श्री राजीव कुमार राठी, पर्यावरण अभियंता नगर निगम आगरा, श्री दिवाकर तिवारी, सचिव जलाधिकार फाउंडेशन, प्रीति माहेश्वरी, ब्रांड एम्बेसडर स्वच्छ भारत अभियान, नगर निगम अलीगढ़ व साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर ने।</description></item><item><title>ये चमकी आखिर है क्या</title><link>https://www.sarwagya.com/what-is-chamki/</link><pubDate>Mon, 14 Oct 2019 14:19:03 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/what-is-chamki/</guid><description>यों तो शरद पूर्णिमा पूरे देश में किसी न किसी रूप में मनाई जाती है परंतु ब्रज का क्षेत्र होने व विश्वविख्यात ताजमहल के कारण शरद पूर्णिमा का आगरा में महत्व ज्यादा है और पूरे वर्ष लोग इसका इंतजार करते हैं। यह तो सर्वविदित ही है कि आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का चाँद इस दिन पूरी 16 कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणें धरा को शीतलता प्रदान करती हैं। प्रकृति की मनोरम छटा कुछ ऐसी होती है जैसे आसमान से अमृत वर्षा हो रही हो। बरसात से धुली हुई ताज की सफेद संगमरमर धवल चांदनी में चमकती हुई अति सुंदर लगती है। आगरा की भाषा में इसे चमकी कहते हैं। इस चमकी को देखने के लिए देश विदेश से भारी संख्या में पर्यटक आगरा आते हैं। इसके लिए अब तो अग्रिम बुकिंग हो जाती है।</description></item><item><title>सर्वज्ञ शेखर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान से विभूषित</title><link>https://www.sarwagya.com/sarwagya-shekhar-acharya-mahavir-prasad-dwivedi-samman/</link><pubDate>Sun, 13 Oct 2019 14:04:46 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/sarwagya-shekhar-acharya-mahavir-prasad-dwivedi-samman/</guid><description>आगरा। गाजियबाद में 27 वें अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन के अवसर पर भारत सरकार,मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,भारत ( नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया) ने 13 अक्तूबर 2019 को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में आगरा के साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। गोष्ठी में सर्वज्ञ शेखर ने "</description></item><item><title>रेपो रेट तो कम हुई, ई एम आई कब कम होगी?</title><link>https://www.sarwagya.com/repo-rate-and-emi/</link><pubDate>Sun, 06 Oct 2019 09:42:11 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/repo-rate-and-emi/</guid><description>आर्थिक विशेषज्ञों का मानना था कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करने और निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए ब्याज दरों में कटौती जरूरी है। इसको देखते हुए ही रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में एक और कटौती की है। पिछली पांच बार आर बी आई ने इस प्रकार रेपो रेट कम की हैं -</description></item><item><title>गांधी बस तेरा ही सहारा</title><link>https://www.sarwagya.com/gandhi-jayanti/</link><pubDate>Wed, 02 Oct 2019 05:36:04 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/gandhi-jayanti/</guid><description>''फूलहि फलहि सदा तरु कानन,
रहहि एक संग गज पंचानन''।
'तुलसी' की ये रामराज्य कल्पना,
बापू का भी यही था सपना। हो गए साल पचास एक सौ,
भारत अभी ज्यों का त्यों।
एक बार फिर आओ 'महात्मा',
कुरीतियों का करो खात्मा।</description></item><item><title>नवरात्र</title><link>https://www.sarwagya.com/navratri-01/</link><pubDate>Sun, 29 Sep 2019 04:50:50 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/navratri-01/</guid><description>माँ शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी,
चन्द्रघण्टा, नमो नमः।
जगत जननी कूष्मांडा,
स्कंदमाता नमो नमः।
कात्यायनी, कालरात्रि,
हे! महागौरी नमो नमः।
पाप विनाशिनी सिद्धिदात्री
नवदुर्गे नमो नमः।।
- सर्वज्ञ शेखर
Read in English Navratri Maan shailaputree, brahmachaarinee,
Chandraghanta, namo namah.
Jagat jananee kooshmaanda,</description></item><item><title>जानिए शारदीय नवरात्र में किस दिन कौन सी देवी जी की होगी पूजा</title><link>https://www.sarwagya.com/navratri-sep-2019/</link><pubDate>Sat, 28 Sep 2019 04:45:04 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/navratri-sep-2019/</guid><description>पूरे देश में 29 सितंबर 2019 से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। शारदीय नवरात्रि को मुख्‍य नवरात्रि माना जाता है। हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार यह नवरात्रि शरद ऋतु में अश्विन शुक्‍ल पक्ष से शुरू होती हैं और पूरे नौ दिनों तक चलती हैं। इंग्लिश कैलेंडर के अनुसार यह त्‍योहार हर साल सितंबर-अक्‍टूबर के महीने में आता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू होकर 07 अक्‍टूबर तक हैं। 08 अक्‍टूबर को विजयदशमी या दशहरा मनाया जाएगा।</description></item><item><title>प्याज ने निकाले गरीबों के आंसू</title><link>https://www.sarwagya.com/rising-onion-prices/</link><pubDate>Wed, 25 Sep 2019 09:15:36 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rising-onion-prices/</guid><description>आगरा में प्याज ने गरीबों के आंसू निकाल दिए हैं। प्याज और हरीमिर्च से रोटी खा कर पेट भरने वाले मजदूरों व सड़क के किनारे रह कर गुजर बसर करने वालों के लिए प्याज अब दुर्लभ वस्तु हो गई है। शहर में अच्छा सेब 80 से 100 रुपए तक मिल जाता है और प्याज का भाव भी सेब की बराबरी करतें हुए 80 रुपयों तक पहुंच गया है, और लगता है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो निकट भविष्य में 100 रुपये भी हो सकता है। यह हाल तो तब है जबकि पितृपक्ष होने के कारण प्याज की मांग अभी कम है। इसके बाद नवदुर्गे आरंभ हो जाएंगे तब भी प्याज की मांग कम ही रहेगी।बाद में मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने पर प्याज के भावों में और अधिक उछाल आएगा।</description></item><item><title>सप्ताहांत - 22 सितम्बर, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-22-sep-2019/</link><pubDate>Sun, 22 Sep 2019 08:31:20 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-22-sep-2019/</guid><description>स्वराज्य_टाइम्स, 22 सितंबर, 2019
यह सप्ताह आगरा के लिऐ बड़ा ही भाग्यशाली रहा।
यह सप्ताह आगरा के लिए अत्यंत उल्लेखनीय व महत्वपूर्ण रहा। आगरा के खिलाड़ी, सैनिक और साहित्यकार राष्ट्रीय क्षितिज पर छाए रहे। आज का सप्ताहांत इन विभूतियों को ही समर्पित है।</description></item><item><title>पहचानिए डेंगू के मच्छर और बुखार को और जानिए बचाव के उपाय</title><link>https://www.sarwagya.com/dengue-fever-prevention/</link><pubDate>Thu, 19 Sep 2019 10:14:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/dengue-fever-prevention/</guid><description>बारिश के पानी के जमाव व गंदगी की वजह से आजकल मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शहर और गांवों में तमाम जगह पानी भरा हुआ है और वहां मच्छर पनप रहे हैं। इसकी वजह से डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा है। मच्छरों के हमले ने लोगों को बीमार कर दिया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें सबसे ज्यादा वायरल फीवर के मरीज हैं। इनको बुखार के साथ खांसी, जुकाम और उल्टी की शिकायत हैं। डेंगू का मच्छर दिखने में डेंगू का मच्छर दूसरे मच्छरों से बिलकुल अलग दिखाई देता है। यह मादा होता है और इस का नाम है मादा एडीज।</description></item><item><title>कार-बेकार हुईं : मंदी के अलावा कुछ और भी हैं कारण</title><link>https://www.sarwagya.com/automobile-sector-slowdown/</link><pubDate>Wed, 18 Sep 2019 15:30:44 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/automobile-sector-slowdown/</guid><description>कारों की बिक्री में लगातार हो रही गिरावट की खबरों के बीच जब अचानक मारुति सुजुकी ने अपने गुरुग्राम और मानेसर प्लांट में 7 और 9 सितंबर को यात्री वाहनों का उत्पादन बंद रखने की घोषणा की तो लोगों को इस बारे में गम्भीरता से सोचने को मजबूर होना पड़ा। बिक्री में गिरावट की वजह से मारुति ने पिछले 7 महीने में भी प्रोडक्शन घटाया था। कंपनी ने अगस्त में उत्पादन 33.</description></item><item><title>ध्रुव जुरैल: कारगिल युध्द सैनिक का बेटा क्रिकेट में रोशन कर रहा है आगरा का नाम</title><link>https://www.sarwagya.com/dhruv-jurel/</link><pubDate>Wed, 18 Sep 2019 14:53:38 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/dhruv-jurel/</guid><description>अंडर - 19 यूथ एशियन चैंपियनशिप जीतने के बाद पहली बार कल शाम 17 सितंबर को जब ध्रुव जुरैल आगरा पहुंचे तो उनके निवास डिफेंस कॉलोनी के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। उनके कोच परवनेंद्र यादव का भी इस अवसर स्वागत किया गया। ध्रुव जुरैल ने कहा कि उनकी सफलता का श्रेय उनके पिता नेम सिंह जुरैल और मां रजनी जुरैल को है। शहरवासियों का आशीर्वाद भी हमेशा उनके साथ रहा। ध्रुव के कॉलोनी पहुंचने पर युवाओं में उनसे हाथ मिलाने को लेकर काफी उत्सुकता दिखाई दी। इस माहौल को देख उनके माता - पिता के अलावा कॉलोनी के लोग भी काफी भावुक हो गए। ध्रुव के कोच परवेंद्र यादव के पास कहने के लिए शब्द नहीं थे। ढोल - नगाड़ों की थाप पर कॉलोनी के युवाओं से लेकर महिलाओं और पुरुषों ने काफी देर तक नृत्य कर शहर के लाल का स्वागत करके अपनी खुशी का इज़हार किया। इस दौरान कॉलोनी के कई लोगों ने ध्रुव के संदर्भ में अपने पुराने संस्मरण भी सुनाए। उन्होंने कहा कि ध्रुव में क्रिकेट का जुनून था, वह लोग काफी पहले से देख रहे थे।</description></item><item><title>सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति : कुछ विकल्प तो हो</title><link>https://www.sarwagya.com/single-use-plastic-ban-what-are-the-options/</link><pubDate>Tue, 17 Sep 2019 03:30:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/single-use-plastic-ban-what-are-the-options/</guid><description>आगरा शहर सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए कटिबद्ध हो रहा है। अनेक सामाजिक व पर्यावरण संस्थाओं ने इस संबंध में मुहिम चला रखी है। आगरा में रामलीला महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली जनकपुरी के आयोजकों ने जनकपुरी के 3 दिवसीय समारोह को प्लास्टिक फ्री रखने का निर्णय किया है। आगरा में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रहे वृहद पुस्तक मेले व साहित्योत्सव के आयोजकों ने भी इस 10 दिवसीय उत्सव को प्लास्टिक से मुक्त रखने का प्रस्ताव पास किया है।</description></item><item><title>हिंदी दिवस: वाद-विवाद प्रतियोगिता - सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर, आगरा</title><link>https://www.sarwagya.com/hindi-diwas-vad-vivad-pratiyogita-saraswati-vidya-mandir-kamla-nagar-agra/</link><pubDate>Mon, 16 Sep 2019 05:52:37 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/hindi-diwas-vad-vivad-pratiyogita-saraswati-vidya-mandir-kamla-nagar-agra/</guid><description>हिंदी दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर आगरा में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुझे मुख्य अतिथि व निर्णायक मण्डल के सदस्य के रूप में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यालय के प्रबंधक श्री विजय गोयल जी का एतदर्थ आभार।</description></item><item><title>क्या हिंदी दिवस मनाना एक विडम्बना है?</title><link>https://www.sarwagya.com/hindi-diwas/</link><pubDate>Sat, 14 Sep 2019 13:15:35 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/hindi-diwas/</guid><description>निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।
सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।। आधुनिक हिंदी साहित्य के जन्मदाता भारतेंदु हरिश्चंद्र की इन पँक्तियों के अनुरूप निज भाषा के प्रचार प्रसार व संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हमारा देश हिंदी दिवस का आयोजन करता है।</description></item><item><title>हिंदी</title><link>https://www.sarwagya.com/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/</link><pubDate>Sat, 14 Sep 2019 13:05:49 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/</guid><description>राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र सद्भाव
राष्ट्रीय अस्मिता है हिंदी,
एक राष्ट्र एक भाषा की
प्रतीक कविता है हिंदी।
माँ भारती के भाल पर
ससम्मान सुशोभित सी
साहित्य के आकाश पर
प्रकाशित सविता है हिंदी।
- सर्वज्ञ शेखर
कवि, आगरा
Read in English Hindi Rashtra prem, rashtr sadbhav,</description></item><item><title>राजधानी दिल्ली में आगरा के साहित्यकारों का सम्मान</title><link>https://www.sarwagya.com/aagman-delhi/</link><pubDate>Sun, 08 Sep 2019 11:49:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/aagman-delhi/</guid><description>आगरा। आगरा के साहित्यकारों ने दिल्ली में एक बड़े साहित्यिक कार्यक्रम में भाग ले कर आगरा शहर का नाम रोशन किया। अवसर था राष्ट्रीय स्तर की संस्था 'आगमन' के सप्तम स्थापना दिवस पर आयोजित पुस्तक विमोचन, सम्मान व काव्य गोष्ठी कार्यक्रम का। नेहरू नगर स्थित डी ए वी कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में आगरा के साहित्यकार सर्वज्ञ शेखर गुप्ता, अलका अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, ज्ञानेश शर्मा व शरद अग्रवाल ने काव्यपाठ किया। इस अवसर पर विमोचित पुस्तक नीलाम्बरा में भी इन सभी की रचनाएं प्रकाशित हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में पाँचों साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। काव्य गोष्ठी का संचालन सर्वज्ञ शेखर ने किया।</description></item><item><title>कल फिर कामयाब होंगे</title><link>https://www.sarwagya.com/chandrayaan-2/</link><pubDate>Sat, 07 Sep 2019 12:03:15 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chandrayaan-2/</guid><description>आज नहीं तो क्या हुआ
कल फिर कामयाब होंगे,
धरती से ले कर चाँद तक
बस हम और हम ही होंगे।
कोई बात नहीं वैज्ञानिको
यह भी नया सबक है,
ऊंचाई पर उठने को किया
प्रयास आपने भरसक है।</description></item><item><title>दया करो हे विघ्न विनाशक</title><link>https://www.sarwagya.com/ganesh-chaturthi/</link><pubDate>Mon, 02 Sep 2019 18:47:50 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/ganesh-chaturthi/</guid><description>प्रथमपूज्य, लंबोदर प्रभु जी
स्वागत स्वागत हे गजानन
जय जय एकदंत गजवदना
आओ, पधारो हमारे आंगन,
रोग शोक को दूर भगाओ
रिद्धि सिद्धि दायक विनायक,
सुख समृद्धि मय हो देश हमारा
दया करो हे विघ्न विनाशक।
- सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>सप्ताहांत - बैंकों का विलय और राष्ट्रपति भवन की शान</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-sep-02-2019/</link><pubDate>Mon, 02 Sep 2019 06:38:33 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-sep-02-2019/</guid><description>#स्वराज्य_टाइम्स, 01 सितम्बर, 2019
इस सप्ताह जिन दो खबरों ने मुझे ज्यादा प्रभावित किया वह हैं अर्जुन पुरस्कारों का वितरण व बैंकों के विलयन की घोषणा। या यों कहिए कि ये दोनों विषय कुछ कुछ मुझ से जुड़े हुए हैं इसलिए मैं अधिक अधिकार से लिख सकता हूँ। जुड़े हुए से तात्पर्य है कि अर्जुन पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में वितरित किए गए,मुझे राष्ट्रपति भवन की गरिमा, शालीनता, अनुशासन बहुत प्रिय है, दूसरे आगरे की बेटी पूनम यादव को यह अवार्ड मिला। आगरा को जब किसी के साथ जोड़ कर आगरे लिखा जाता है तो अपनत्व का असीम अहसास होता है। दूसरा विषय है बैंकों के विलयन का, तो इससे तो मैं अपने को सीधा सीधा जुड़ा हुआ मानता हूँ, गलत न समझिये, निर्णय से नहीं, केवल विषय से ही। पूर्व बैंकर और साथ ही साथ लेखन में रुचि होने के कारण अन्य वित्तीय व बैंकिग विषयों के साथ साथ इस विषय पर भी मैंने काफी शोध किया था और बैंकों की शीर्षस्थ संस्था आई बी ए की पत्रिकाओं व भारतीय रिजर्व बैंक की पत्रिका बैंकिंग चिंतन अनुचिंतन में 1998-99 में ही प्रकाशित हुए थे। बैंकों के विलयन की प्रक्रिया कोई नहीं है, 1991 से प्रारम्भ हुए वित्तीय सुधारों व बैंकिंग सुधारों का ही यह एक अंग है।</description></item><item><title>आगरा के क्रीड़ा जगत का स्वर्णिम अध्याय: क्रिकेटर पूनम यादव को राष्ट्रपति ने दिया अर्जुन अवार्ड</title><link>https://www.sarwagya.com/poonam-yadav-arjuna-award/</link><pubDate>Fri, 30 Aug 2019 06:03:01 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/poonam-yadav-arjuna-award/</guid><description>भारतीय महिला क्रिकेट में पिछले पांच सालों से लगातार बेहतर प्रदर्शन का प्रतिफल आगरा की क्रिकेटर गेंदबाज पूनम यादव को मिला है। अपनी घातक गेंदबाजी से दुनिया की तेजतर्रार बल्लेबाजों को आउट करने वाली पूनम यादव को अर्जुुुन अवार्ड आज 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति महोदय द्वारा प्रदान किया गया।पूनम प्रतिष्ठित अर्जुनअवार्ड पाने वाली जिले और यूपी की पहली महिला क्रिकेटर हैं।</description></item><item><title>आगरा के गौरव: काव्य शिरोमणि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी</title><link>https://www.sarwagya.com/dwarika-prasad-maheshwari/</link><pubDate>Fri, 30 Aug 2019 05:59:12 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/dwarika-prasad-maheshwari/</guid><description>आज आगरा नगर सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की 22 वी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन कर रहा है। आगरा को यह गौरव प्राप्त है कि माहेश्वरी जी जैसे वरिष्ठ साहित्यकार ने यहाँ जन्म लिया और संपूर्ण देश में आगरा का नाम रोशन किया।</description></item><item><title>आगरा में है एक बेबी ताज भी</title><link>https://www.sarwagya.com/baby-taj-in-agra/</link><pubDate>Wed, 28 Aug 2019 10:29:27 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/baby-taj-in-agra/</guid><description>आगरा में विश्वप्रसिद्ध ताजमहल तो है ही,परंतु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यहाँ एक बेबी ताज भी है। यह है एत्मादुद्दौला। शहर के मध्य यमुना किनारे बना हुआ यह स्मारक ताजमहल जैसी आकृति का नजर आता है। धवल संगमरमरी स्मारक होने के कारण इसे "</description></item><item><title>त्राहि-त्राहि</title><link>https://www.sarwagya.com/india-floods-2019/</link><pubDate>Mon, 26 Aug 2019 04:59:52 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/india-floods-2019/</guid><description>त्राहि-त्राहि मचा रही है
अतिवर्षा और भारी बाढ़,
जलमग्न सड़कें, घर पुल सारे
आपदाओं का बना पहाड़।
योजनाएं हर साल बनती हैं
समस्याओं के निदान की,
बाढ़ जाते ही बंद हो जाती
सारी फाइलें समाधान की।
- सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>बैडमिंटन विश्व विजेता - पी वी सिंधु</title><link>https://www.sarwagya.com/p-v-sindhu-badminton-world-champion/</link><pubDate>Mon, 26 Aug 2019 04:52:21 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/p-v-sindhu-badminton-world-champion/</guid><description>पी वी सिंधु ने किया है
झंडा ऊंचा भारत का,
बैडमिंटन विश्व विजेता बन
बजाया डंका महारत का।
भारत की यशस्वी बेटी पर
हम सब को है गर्व महान
बधाई और शुभकामनाएं
और बढ़ाओ देश की शान।।
- सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>हैप्पी बर्थडे किशन कन्हैया</title><link>https://www.sarwagya.com/janmashthami/</link><pubDate>Fri, 23 Aug 2019 07:38:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/janmashthami/</guid><description>लड्डू गोपाल उदय पर्व है
जन्माष्टमी की बेला पावन,
मंदिर-मंदिर, घर चौबारे
डले हिंडोले मनभावन।
गोवर्धनधारी, बंशी बजैया
सारे जग के झूला झलैया,
स्वयं झूल रहे हैं पलना में
हैप्पी बर्थडे किशन कन्हैया।
- सर्वज्ञ शेखर
Read in English Happy Birthday Kishan Kanhaiya Laddoo gopaal uday parv hai,</description></item><item><title>पानी दो पानी दो हमें प्यास लगी है पानी दो</title><link>https://www.sarwagya.com/pani-do-pani-do/</link><pubDate>Tue, 20 Aug 2019 13:50:09 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/pani-do-pani-do/</guid><description>खेंचू (हैंड पंप), सूखा पड़ा है, प्यासे लोग पानी को तरस रहे हैं।
19 अगस्त को राजेन्द्र रघुवंशी स्मृति समारोह के दौरान शहीद स्मारक पर #पानीदोपानीदोहमेंप्यासलगीहैपानीदो नृत्य नाटिका के अंतर्गत सूखा हैंड पम्प बने हुए बच्चे।बड़ा ही सजीव चित्रण, वर्तमान की ज्वलन्त समस्या को वर्णित करके उसके समाधान का संदेश दिया।</description></item><item><title>वो भूली सी याद आई है</title><link>https://www.sarwagya.com/wo-bhuli-si-yad-aai-hai/</link><pubDate>Tue, 20 Aug 2019 13:40:08 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/wo-bhuli-si-yad-aai-hai/</guid><description>जिस गोष्ठी में डॉ सोम ठाकुर, श्री रामेंद्र मोहन त्रिपाठी, डॉ त्रिमोहन तरल, श्री अशोक रावत, एस एस यादव जी जैसे देश विदेश में ख्यातिप्राप्त कवि, गीतकार, गज़लगो उपस्थित हों, उस महफ़िल की शाम कितनी साहित्यिक ऊंचाइयों पर होगी, इसकी कल्पना करना ही आनन्दित कर देता है। समय और मौसम की परवाह किए बिना देर शाम तक तालियों की तेज गड़गड़ाहट के बीच इन वरिष्ठ साहित्यकारों को प्रबुद्ध श्रोता सुनते रहे। 18 अगस्त 2019 को आगरा शहर में देश के प्रख्यात साहित्यकारों शिक्षाविदों व बुद्धिजीवियों का एक ही मंच पर समागम हुआ। अवसर था सुविख्यात साहित्यकार, समीक्षक व शिक्षाविद डॉ अनिल उपाध्याय की पुस्तक फिर "</description></item><item><title>स्तुत्य : यहाँ हर रोज राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है</title><link>https://www.sarwagya.com/ajit-nagar-chauraha-agra/</link><pubDate>Fri, 16 Aug 2019 19:55:14 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/ajit-nagar-chauraha-agra/</guid><description>आगरा का अजीत नगर चौराहा देश के उन चुनिंदा स्थलों में से एक है जहां प्रतिदिन राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। सन 2018 के गणतंत्र दिवस पर प्रारम्भ की गई यह परंपरा आज तक अनवरत जारी है । झंडारोहण कार्यक्रम में हर वर्ग के लोग आते हैं। हर दिन एक अतिथि को आमंत्रित किया जाता है, जो ध्वजारोहण करता है। इस कार्यक्रम में अब तक प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सेना के अधिकारी, नगर निगम के अधिकारियों सहित कई विभागों के अधिकारी आ चुके हैं।</description></item><item><title>अभिनंदनम_अभिनंदनम</title><link>https://www.sarwagya.com/abhinandan-abhinandan/</link><pubDate>Thu, 15 Aug 2019 13:19:38 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/abhinandan-abhinandan/</guid><description>न्यू इंडिया, नव भारत है
एक राष्ट्र और एक निशान,
कश्मीर से कन्याकुमारी तक
अब हमारा एक संविधान।
भारत माता के स्वागत में
नया गान अब गाएंगे,
सारे जहाँ में ऊंचा अपना प्यारा तिरंगा फहराएंगे।
कभी न झुकेगा शीश हमारा</description></item><item><title>सप्ताहान्त</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-11-07-2019/</link><pubDate>Sun, 11 Aug 2019 08:27:09 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-11-07-2019/</guid><description>#स्वराज्य_टाइम्स 11 अगस्त 2019
यह सप्ताह विविधताओं से परिपूर्ण रहा। सप्ताह के पहले ही दिन सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर से धारा 370 हटाने की घोषणा की। इसी दिन राज्य सभा ने बिल को पास कर दिया,मंगलवार को लोकसभा ने पास किया और बुधवार को राष्ट्रपति महोदय ने हस्ताक्षर भी कर दिए। इसी सप्ताह पूर्व विदेशमंत्री सुषमा स्वराज का दुःखद निधन हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर प्रतिदिन सुनवाई शुरू कर दी। इधर आगरा में बच्चा चोरी की अफवाहों से स्थिति गम्भीर होती जा रही है। परन्तु मुख्य विषय रहा धारा 370 से कश्मीर की आज़ादी का। भारतीय जनता पार्टी और उनके रणनीतिकारों की इस बात के लिये तो तारीफ करनी ही पड़ेगी कि वह जो भी कुछ करना चाहते हैं, कर डालते हैं। इसके अलावा दूसरों की कमजोरियों को पकड़ कर उन पर हावी होना, देश की जनता की भावनाओं पर नजर रखना व उनका श्रेय लाना भी इस टीम को बखूबी आता है। चाहे नोटबन्दी हो या जी इस टी, सर्जिकल स्ट्राइक हो या धारा 370 को हटाना, झटपट कर डाला। इतना अवश्य है कि नोटबन्दी औऱ जी एस टी का निर्णय आधी अधूरी तैयारी के साथ किया था परन्तु धारा 370 हटाने से पूर्व हर क्षेत्र में पूरी तैयारी कर ली गई थी फिर चाहे वह कश्मीर में सुरक्षा घेराबन्दी हो या संसद में बिल को पास कराना। लोकसभा में तो बहुमत था ही,राज्यसभा में भी कुछ सदस्यों को भाजपा में शामिल करके या कुछ छोटे दलों से गुपचुप बातचीत करके उन्हें साथ ले लिया गया। निश्चित रूप से राष्ट्रहित में और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। अब जो लोग यह कह रहे हैं कि जम्मू कश्मीर के लोगों से पहले पूछना चाहिए था, उसकी कोई तुक नहीं है। यदि उनसे पहले पूछा भी जाता तो भी वह कौन से मानने वाले थे।</description></item><item><title>स्वतंत्रता दिवस पर विशेष</title><link>https://www.sarwagya.com/independence-day-special/</link><pubDate>Sat, 10 Aug 2019 08:16:35 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/independence-day-special/</guid><description>आगरा के हार्डी बम कांड का आंखों देखा हाल: डोरीलाल अग्रवाल जी की नजर से:
27 सितम्बर, 1940 को रात को जिस समय बेलनगंज चौराहे पर स्थित भव्य इमारत बलिया बिल्डिग' के बाहर परम्परागत ढंग से बनाये गये सुरुचिपूर्ण बैठने के सीढ़ीनुमा स्थल पर अचानक बम विस्फोट हए तो चारों तरफ कोलाहल और हाहाकार मच गया। मैं उस समय घटना स्थल से कुछ ही दूर बेलनगंज चौराहे पर मौजूद था। हमारा निवास स्थान भी उन दिनों बरोलिया बिल्डिंग के बगल में ही था। उस समय श्री रामलीला कमेटी कार्यक्रम के अन्तर्गत राम बारात निकल रही थी और बारात के लिए निर्धारित समूचे मार्ग पर स्त्री - पुरुष और बालकों की भारी भीड़ जमा थी। बरौलिया बिल्डिग का बाह्य भाग काकी लम्बा है। उसके आगे लकड़ी के शहतीरों से विशिष्ट आमन्त्रितों के लिए सीढ़ीनुमा बैठने का स्थल बनाया जाता था। यह इतने विशाल बाकार का हुआ करता था कि इस पर बैठ कर हजारों स्त्री - पुरुष और बच्चे श्री राम बारात की शोभा यात्रा देखते थे। इन दर्शकों में अधिकांश अभिजात वर्ग के होते थे और तत्कालीन जिला एवं पुलिस अधिकारियों के बैठने एवं स्वागत - सत्कार की और भी उत्कृष्ट व्यवस्था की जाती थी । शासक वर्ग को प्रसन्न रखने का पुराने जमाने में यही तरीका था। उस समय की राम बारात का स्वरूप आज की राम बारात से कहीं भिन्न, कहीं अधिक भव्य एवं दर्शनीय हुआ करता था। उसमें आगरा शहर की संस्कृति, व्यावसायिक एवं कारीगरी की वस्तुओं को चलती फिरती दर्शनीय दुकानें भी होती थीं, बिक्री के लिए नहीं, प्रदर्शन के लिए, और यह प्रदर्शीत करने के लिए कि हमारा नगर कितनी विशेषताओं को अपने में समेटे हुए है। राम बारात का एक खास आकर्षण यह हुआ करता था कि उसके बीच में घोड़ों पर सवार होकर आगरा के जिला मजिस्ट्रेट, जो उन दिनों अंग्रेज ही हुआ करते थे, और उस समय मि० एस०पी० हारडी जिला मजिस्ट्रेट थे तथा नगर पालिका के चेयरमैन रायबहादुर सेठ ताराचन्द समूची शोभा यात्रा के दौरान निकला करते थे। सेठ ताराचन्द आमतौर पर ब्रीजिश पहने हए होते थे, उनकी मूंछे छल्लेदार एवं ऐंठी हुई होती थीं। बारात में इन दोनों की घुड़सवारी का भी अपना ही एक आकर्षण होता था। ये लोग अपने घोड़ों से कहीं - कहीं ही उतरा करते थे। जहाँ उतरते थे उनमें से बरौलिया बिल्डिंग भी एक स्थान था। जैसे ही भीड़- भरे माहौल में बम विस्फोट हुए, तहलका मच गया, कई लोगों को चोट लगी। जिनमें से कुछ युवकों में में परिचित भी था। उन्हें लहूलुहान अवस्था में बहुत द्रुत गति के साथ अस्पताल पहुंचाया गया। आला अफसर घटना स्थल से सुरक्षित हटा दिये गये। भीड एकदम काई की तरह फट गयी। शीघ्र ही यह स्पष्ट हो गया कि बमों को निकटवर्ती रेलवे पुल से फेंका गया था और फेंकने वाले राष्ट्रीय आन्दोलन के कोई क्रान्तिकारी कार्यकर्ता रहे होगे। तत्काल ही यह किसी को जानकारी नहीं हुई कि यह सनसनीखेज काण्ड करने वाले देशाभिमानी वीर कोन थे, जिन्होंने अपने प्राण हथेली पर रखकर यह काम किया।</description></item><item><title>उमड़ घुमड़ आजा ओ बदरा</title><link>https://www.sarwagya.com/umad-ghumad-aa-ja-o-badra/</link><pubDate>Thu, 08 Aug 2019 17:25:34 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/umad-ghumad-aa-ja-o-badra/</guid><description>कजरारे बदरा, नभ के दामन में दमकती दामिनी, वर्षा की रिमझिम फुहारें,श्रावण गीत मल्हार,झूले, शिव-पार्वती के पूजन में मग्न षोडश श्रृंगार किए नारी समाज,बम-बम भोले करते कांवड़ धारी शिवभक्तों की टोलियां, शीतल मंद समीर के साथ हिलोरें खाती एक दूसरे से लिपटी लताएं, नव यौवनाओं के झटकते काले केशों के बीच से झांकता चाँद सा चेहरा। लगता है मस्त कामदेव धरा पर उतर आया है।</description></item><item><title>तुलसी जयन्ती</title><link>https://www.sarwagya.com/tulsi-jayanti/</link><pubDate>Thu, 08 Aug 2019 07:19:37 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/tulsi-jayanti/</guid><description>07 अगस्त को नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा मानस भवन में तुलसी जयंती समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि क मु विद्यापीठ के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर थे व विशिष्ट अतिथि थे मुख्य वन संरक्षक आनंद श्रीवास्तव।
वरिष्ठ साहित्यकार रामेन्द्र मोहन त्रिपाठी, अशोक रावत, केप्टन व्यास चतुर्वेदी, डॉ.</description></item><item><title>सुषमा जी के निधन पर आगरा में दौड़ी शोक की लहर</title><link>https://www.sarwagya.com/sushma-swaraj-passes-away/</link><pubDate>Wed, 07 Aug 2019 03:35:49 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/sushma-swaraj-passes-away/</guid><description>सुषमा स्वराज स्वाधीनता संग्राम सेनानी व हार्डी बम कांड के क्रांतिकारी स्व. श्री रोशनलाल गुप्त करुणेश के क्रांतिकारी जीवन पर आधारित सीडी का लोकार्पण करते हुए आगरा। पूर्व विदेशमंत्री, ओजस्वी नेता, प्रखर वक्ता, जननेता और भारतीय जनता पार्टी की आधारस्तम्भ सुषमा स्वराज के निधन पर आगरा में भी शोक की लहर दौड़ गई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें याद कर रहे हैं, उनकी आगरा यात्राओं के संस्मरण सुना कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।</description></item><item><title>धारा 370 को हटाना क्यों आवश्यक है...</title><link>https://www.sarwagya.com/revoking-article-370/</link><pubDate>Mon, 05 Aug 2019 07:18:26 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/revoking-article-370/</guid><description>आज राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का बिल प्रस्तुत कर दिया है। दोनों सदनों में जो स्थिति है उसके अनुसार यह बिल पास हो ही जायेगा और इस अनावश्यक व विवादास्पद धारा का अंत होना निश्चित है। निश्चित रूप से यह स्वागतयोग्य कदम है।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 04 अगस्त, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-aug-04-2019/</link><pubDate>Sun, 04 Aug 2019 07:10:12 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-aug-04-2019/</guid><description>कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वी जी सिद्धार्थ की असामयिक मौत ने एक बार फिर अवसाद का सामना न करने संबंधी कुछ नए प्रश्नों को जन्म दे दिया है। उनका शव उनके गायब होने के लगभग 30 घंटे के बाद मेंगलुरु के पास नेत्रावती नदी में मिला। उनके पास से एक पत्र भी मिला। सिद्धार्थ ने पत्र में लिखा कि वह कंपनी के लिए एक मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार नहीं कर पाए। उन्होंने कंपनी को हुए नुकसान के लिए माफी भी मांगी। इस पत्र में उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि मैंने इसे सबकुछ दे दिया। मैं उन सभी लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के लिए माफी मांगना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया।</description></item><item><title>लघु कथा - अचूक उपाय</title><link>https://www.sarwagya.com/achook-upay/</link><pubDate>Sun, 04 Aug 2019 07:04:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/achook-upay/</guid><description>शरद बाबू की कई दिनों से बांई आँख फड़क रही थी। ऐसी मान्यता है कि आँखों का फड़कना शुभ अशुभ का संकेत देता है, वह इसलिए भी परेशान थे कि बाई आँख का फड़कना अशुभ माना जाता है।
इसका वैज्ञानिक कारण यह ज्ञात हुआ कि कम्यूटर या मोबाइल पर ज्यादा काम करने से आँखें जब सूख जाती हैं तब ऐसा होता है। अर्थात लुब्रिकेशन कम हो जाने से।</description></item><item><title>मैं भी माँ हूँ</title><link>https://www.sarwagya.com/main-bhi-ma-hun/</link><pubDate>Sat, 03 Aug 2019 19:48:41 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/main-bhi-ma-hun/</guid><description>तू देवी माँ है
महिषासुर मर्दनी, काली
मैं भी माँ हूँ
सुख मर्दनी,
दुनिया मेरी काली।
चण्ड मुण्ड तूने सँहारे
देवों की रक्षा को,
अपने सपने मैंने मारे
बच्चों की इच्छा को।
ये भी याचक, मैं भी याचक
कटोरा सब का खाली है,</description></item><item><title>हरियाली तीज</title><link>https://www.sarwagya.com/happy-hariyali-teej/</link><pubDate>Sat, 03 Aug 2019 08:56:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/happy-hariyali-teej/</guid><description>माँ पार्वती-शिव मिलन का
हरियाली तीज पर्व है आज,
रच गई मेहंदी, डल गए झूले
झूमे नाचे, नारी समाज।
व्रत पूजा कर करें कामना
अखंड सौभाग्य-योग्य वर की,
षोडश श्रृंगारमय महिलाएं
पाएं कृपा उमा-शंकर की।
- सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>मुंशी प्रेम चंद जयन्ती</title><link>https://www.sarwagya.com/munshi-prem-chand-jayanti/</link><pubDate>Thu, 01 Aug 2019 14:25:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/munshi-prem-chand-jayanti/</guid><description>आज नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा में मुंशी प्रेम चंद जयन्ती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की एक झलक।</description></item><item><title>बैंक कर्मियों ने लिया हिंदी में अधिकाधिक कार्य करने का संकल्प</title><link>https://www.sarwagya.com/hindi-sankalp/</link><pubDate>Thu, 01 Aug 2019 14:21:58 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/hindi-sankalp/</guid><description>आगरा। बैंक कर्मियों ने हिंदी भाषा में अधिकाधिक कार्य करके ग्राहकों से ज्यादा जुड़ने का संकल्प किया है। आज नगर राज भाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास बैंक) द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में नगर की 14 बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता उप महाप्रबंधक श्री डी एस ग्रोवर ने की। गोष्ठी का विषय था "</description></item><item><title>सप्ताहांत - 112 वें हस्ताक्षर</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-28-2019/</link><pubDate>Sun, 28 Jul 2019 05:44:58 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-28-2019/</guid><description>एक पुराना प्रसंग है, परन्तु आजकल प्रासंगिक है। एक युवक ने किसी कम्पनी में भर्ती के लिए आवेदन किया। पहले आवेदन हस्तलिखित ही स्वीकार किए जाते थे। कहा जाता है कि हस्तलिपि की सूक्ष्म पड़ताल से ही आवेदक के बारे में बहुत कुछ पता लग जाता था। तो वह युवक जब आवेदनपत्र ले कर कम्पनी के अधिकारी के पास पहुंचा तो अधिकारी महोदय ने किसी कारणवश क्रोध में उसका आवेदन फाड़ कर फेंक दिया और कह दिया जाओ तुम्हें नौकरी नहीं मिलेगी। बाद में जब अधिकारी महोदय का गुस्सा शांत हुआ तो ठंडे दिमाग से उन्होंने सोचा कि बेचारे युवक पर नाहक गुस्सा किया। उन्होंने उसके फटे हुए आवेदन पत्र को ढूंढ कर उसका नाम पता आदि देखा और अपने ही हाथ से आवेदन लिख कर चयन समिति को भेज दिया। चयन समिति ने सभी आवेदनों की हस्तलिपि और उनकी भाषा की जांच की और अपनी रिपोर्ट उन अधिकारी महोदय के समक्ष रखी। चूंकि वह उस युवक से जाने अनजाने में भावनात्मक रूप से जुड़ चुके थे, उसकी रिपोर्ट पर उन्होंने गौर किया। रिपोर्ट में टिप्पणी थी कि यह आवेदक पद हेतु उपयुक्त नहीं है। इसकी हस्तलिपि व भाषा की पड़ताल से यह बेईमान, दुर्व्यसनी, मक्कार और कामचोर प्रतीत होता है। अधिकारी महोदय ने रिपोर्ट पढ़ कर अपना माथा पकड़ लिया क्योंकि उस आवेदन पर तो हस्तलिपि उन की ही थी।</description></item><item><title>इन्हें जल दो, दो न जला</title><link>https://www.sarwagya.com/inhe-jal-do-do-na-jala/</link><pubDate>Sat, 27 Jul 2019 11:26:15 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/inhe-jal-do-do-na-jala/</guid><description>धरती सूखी,
नदिया सूखी,
सूखे ताल तलैया,
जल्दी आओ बरखा रानी,
कर दो छप छप छैया।
रूठ गया कलरव चिड़िया का,
छूट गई कौवे की काँव,
कुहू कुहू कोयल न बोले,
वीरान हुआ है पूरा गांव।
वर्षा ने सुखाया,</description></item><item><title>नमन: करगिल विजय दिवस</title><link>https://www.sarwagya.com/kargil-vijay-divas/</link><pubDate>Fri, 26 Jul 2019 07:08:06 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/kargil-vijay-divas/</guid><description> करगिल विजय दिवस पर शहीदों को सादर नमन|</description></item><item><title>शहीद चंद्रशेखर आजाद जयंती</title><link>https://www.sarwagya.com/shahid-chandra-shekhar-aazad-jayanti/</link><pubDate>Tue, 23 Jul 2019 14:01:09 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/shahid-chandra-shekhar-aazad-jayanti/</guid><description>आज 23 जुलाई, जन्म जयंती पर शहीद चंद्रशेखर आजाद को सादर नमन...</description></item><item><title>बधाई</title><link>https://www.sarwagya.com/chandrayan2/</link><pubDate>Mon, 22 Jul 2019 12:30:44 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chandrayan2/</guid><description>चन्द्रवार को चंद्रयान चन्द्र पर
भारत ने भेज रचा इतिहास,
वैज्ञानिकों को सहस्र बधाई
जल्दी पहुंचो चाँद के पास।
दिखा दी है विश्व को हमने
अंतरिक्ष मेधा अपनी अनुपम,
गर्व और अभिमान का दिन है
खुशी मनाएं सब मिल हम।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 21 जुलाई, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-21-2019/</link><pubDate>Sun, 21 Jul 2019 11:22:43 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-21-2019/</guid><description>रिमझिम फुहारों के साथ 17 जुलाई से पवित्र श्रावण मास के प्रारम्भ होते ही हरे भरे तीज त्योहारों की बहार आ गई है। वातावरण में गर्मी से मुक्ति पा कर हंसी खुशी व मादकता का भान हो रहा है।</description></item><item><title>श्रावण मास में शिव जी के साथ भगवान राम के पूजन का महत्व</title><link>https://www.sarwagya.com/worshiping-lord-ram-along-with-lord-shiva-in-month-of-savan/</link><pubDate>Fri, 19 Jul 2019 11:09:45 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/worshiping-lord-ram-along-with-lord-shiva-in-month-of-savan/</guid><description>श्रावण मास को मुख्यतः देवों के देव महादेव शिव की पूजा-आराधना के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। भगवान शिव को आराध्य मानकर भक्त श्रावण मास में पूरे मनोयोग से जप-तप और आराधना करते हैं।परन्तु शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा तो महत्वपूर्ण है ही साथ ही भगवान राम की पूजा भी उतना ही महत्व रखती है जितनी की शिव पूजा।</description></item><item><title>सावन का महीना</title><link>https://www.sarwagya.com/savan-ka-mahina/</link><pubDate>Wed, 17 Jul 2019 06:30:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/savan-ka-mahina/</guid><description>पवित्र श्रावण मास आगया
लेकर हरे भरे त्यौहार,
शिव-परिक्रमा, रक्षाबंधन
नागपंचमी, तीज बहार।
डाल-डाल डल गए हिंडोले
झूलें राधा सखियों संग,
किशन कन्हैया देवें झोटा
रिमझिम वर्षा भरे उमंग।
-सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>सप्ताहान्त - आज इंग्लैंड ही क्यों जीतना चाहिए?</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-14-2019-cricket-world-cup-final/</link><pubDate>Sun, 14 Jul 2019 11:11:30 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jul-14-2019-cricket-world-cup-final/</guid><description>पुराना उद्धरण है, एक आदमी घुड़सवारी कर रहा था। नदी किनारे अचानक घोड़े का पैर फिसला और वह आदमी नदी में गिर गया। नदी में गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह कई दिन तक पानी में पड़ा रहा। पानी में ज्यादा समय रहने से उसे निमोनिया हो गया। निमोनिया के कारण उसकी मृत्यु हो गई। जिस अस्पताल में उसकी मृत्यु हुई वहां के डॉक्टर ने सर्टिफिकेट दे दिया कि मृत्यु निमोनिया के कारण हुई है। अब जब बीमा कम्पनी के पास क्लेम आया तो जांच में पाया गया कि निमोनिया मृत्यु का कारण नहीं था बल्कि घुड़सवारी था। उपर्युक्त उद्धरण का अभिप्राय है, अक्सर ऐसा होता है कि जो दिखता है वह होता नहीं है और जो होता है वह दिखता नहीं है। ऐसा ही क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हुई भारतीय क्रिकेट टीम की पराजय में हुआ। लग ऐसा रहा है जैसे धोनी के रन आउट होने की वजह से पराजय हुई, परन्तु शीर्ष खिलाड़ियों की विफलता के कारण रन रेट बढ़ गया था व उन पर दवाब बहुत था। हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में खूब चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया तो सबसे आगे है ही। जिन्होंने कभी क्रिकेट की बॉल देखी भी नहीं वे हार की समीक्षा करने में लगे हैं। चटखारे भी खूब लिए जा रहे हैं। जो टीम धुआंधार खेल कर सेमीफाइनल तक पहुंची वह एकदम खराब लगने लगी। यहां तक समाचार आ रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त प्रशासकों की समिति सी ओ ए भी कोच और कप्तान के निर्णयों की समीक्षा करेगी। हमारी टीम यदि विश्व विजेता बन कर लौटती तो शायद बात कुछ और ही होती।</description></item><item><title>16 apps infected by Agent Smith Malware</title><link>https://www.sarwagya.com/16-apps-infected-by-agent-smith-malware/</link><pubDate>Sat, 13 Jul 2019 15:23:19 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/16-apps-infected-by-agent-smith-malware/</guid><description>Android keeps getting visited from deadly malware attacks that put user and their data at lots of risks. This time, it's a new malware called Agent Smith and like its name, this malware is sneaky in what it's designed to do - bombard your phone with ads.</description></item><item><title>भारत के लिए गौरवशाली क्षण</title><link>https://www.sarwagya.com/ansula-kant-appointed-as-md-and-cfo-of-world-bank/</link><pubDate>Sat, 13 Jul 2019 15:12:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/ansula-kant-appointed-as-md-and-cfo-of-world-bank/</guid><description>SBI Managing Director Anshula Kant appointed as MD and CFO of World Bank.</description></item><item><title>चाँद और चाँद की आदतें</title><link>https://www.sarwagya.com/chand-aur-chand-ki-aadaten/</link><pubDate>Fri, 12 Jul 2019 15:54:14 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chand-aur-chand-ki-aadaten/</guid><description>यह आत्म मुग्धता नहीं, केवल विषयक आवश्यकता के कारण ही उध्दृत कर रहा हूँ। मुझसे प्रायः मेरे वरिष्ठ अधिकारी पूछा करते थे, तुम तनाव में भी इतना कैसे मुस्करा लेते हो,चेहरे पर चमक बनाये रखते हो। मैं उत्तर देता था,मैं चांद की भांति हूँ । चांद में अपनी कोई चमक नहीं होती वरन वह सूर्य से प्रकाश ले कर चमकता है। इसी प्रकार मैं आप(अधिकारियों) की खुशी से खुश रहता हूँ। यह सुन कर एक वरिष्ठ अधिकारी बहुत खुश हुए और मेरे उत्तर की तारीफ की।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 07 जुलाई, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-july-07-2019/</link><pubDate>Sun, 07 Jul 2019 10:15:00 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-july-07-2019/</guid><description>घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर लें,
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए।
- निदा फाजली
आज कुछ ऐसा ही हुआ, अचानक। मेरा सारथी अवकाश पर था, कहीं जाना था, तो साइकिल रिक्शा की सवारी की। क्या लोगे, मैंने पूछा तो रिक्शेवाले ने जवाब दिया 20 रुपये। सामान्यतः मैं रिक्शे वालों से कोई मोलतोल नहीं करता पर एक बार कहता जरूर हूँ,एक सवारी के इतने पैसे। रिक्शेवाले से इस बार भी हँस कर कहा, बाबा एक सवारी के बीस रुपये। मेरी हँसी के साथ वह भी हँस दिए। बोले बेटा आप हँसे तो मैं हँस दिया नहीं तो बड़ी देर से अपनी बदकिस्मती पर रो रहा था। बड़ी बड़ी दुआएं देने लगे, फिर फफक फफक कर रोने लगे। छोटी बच्ची भयंकर बीमार है, मुझे उसके पास अस्पताल में होना चाहिए था, लेकिन मजदूरी न करूं तो इलाज कैसे कराऊँगा। और बहुत सी बातें हुईं। रिक्शे से उतरते समय बाबा ने अल्लाह और खुदा के नाम पर इतनी दुआएं एक साथ दीं जितनी आज तक किसी ने नहीं दी होंगी।</description></item><item><title>एक नीरस बजट</title><link>https://www.sarwagya.com/a-dull-budget/</link><pubDate>Fri, 05 Jul 2019 13:27:14 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/a-dull-budget/</guid><description>त्वरित प्रतिक्रिया
ऐसा लग नहीं रहा था कि पूर्णकालिक पहली वित्तमंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण का बजट इतना नीरस होगा। भाजपा अभी सत्ता में आई है, अतः उसे लोकलुभावन बजट पेश करने की कोई जरूरत भी नहीं थी। ऐसे में अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कुछ कड़े कदम उठाये जा सकते थे। परन्तु न तो ज्यादा कठोरता कहीं दिखी और न किसी पर रहम किया। बड़ा ढीला ढाला सा लगा। कहीं कोई उत्साह नहीं, उमंग नहीं, खुशी नहीं।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 30 जून, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-30-jun-2019/</link><pubDate>Sun, 30 Jun 2019 11:31:33 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-30-jun-2019/</guid><description>नकली अस्पताल व फर्जी डॉक्टरों का मायाजाल देश में फर्जी डॉक्टरों और अस्पतालों के बढ़ते मायाजाल से मरीजों की जान जाने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। बिना किसी लाइसेंस व अधिकार के अस्पताल चल रहे हैं और उनमें फर्जी डिग्री धारी झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जब तक सब ठीक रहता है, सब चलता रहता है। लेकिन जैसे ही किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है तो असलियत सामने आ जाती है। विभिन्न शहरों में अधिकारियों द्वारा छापे मारे जा रहे हैं, अस्पतालों को सील किया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी यह गोरखधंधा बन्द होना तो छोड़िए,कम भी नहीं हो पा रहा। इसका मुख्य कारण हमारे देश में योग्य डॉक्टरों की कमी भी है।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - एक राष्ट्र एक चुनाव: संभावना औऱ चुनौतियां</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jun-23-2019/</link><pubDate>Sun, 23 Jun 2019 07:45:59 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jun-23-2019/</guid><description>एक राष्ट्र एक चुनाव अर्थात लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की बहस सत्ताधारी हलकों ने पांच वर्ष पूर्व पिछले लोकसभा चुनावों के समय ही शुरू कर दी थी, परंतु हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी नेताओं के साथ इस विषय पर बैठक कर के इस विषय को ताज़ा कर दिया है और मजबूत गति भी प्रदान की है। यद्यपि बैठक में कोई सहमति नहीं बनी और कोंग्रेस, शिवसेना सहित प्रमुख दलों ने बैठक का बहिष्कार किया, परंतु ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार इस दिशा में गम्भीर है।</description></item><item><title>योग शिविर - आगरा लिट्रेचर क्लब</title><link>https://www.sarwagya.com/yaga-camp-by-agra-literature-club/</link><pubDate>Sat, 22 Jun 2019 13:43:25 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/yaga-camp-by-agra-literature-club/</guid><description>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को आगरा लिट्रेचर क्लब द्वारा आयोजित योग शिविर, गोष्ठी में भाग लेते हुए।
क्लब की अध्यक्ष डॉ नीतू चौधरी,सचिव दीपक सरीन व पूरी टीम का आभार।
- सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>सुनो सुनो, सब सुनो सुनो</title><link>https://www.sarwagya.com/suno-suno-sab-suno-suno/</link><pubDate>Sat, 22 Jun 2019 13:36:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/suno-suno-sab-suno-suno/</guid><description>सुनो सुनो
सब सुनो सुनो
मैं क्या कहती, सुनो सुनो
सूरज उग आया है कब का,
हुआ समय जगने का सब का।
दिनकर की बिखरी है लालिमा,
हो गई ओझल निशा कालिमा।
शीतल मंद समीर बह रहा,
नदी में कलकल शोर हो रहा।</description></item><item><title>योग</title><link>https://www.sarwagya.com/international-yoga-day-2019/</link><pubDate>Fri, 21 Jun 2019 01:20:21 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/international-yoga-day-2019/</guid><description>रोग शोक संताप मिटाए
तनाव अनिद्रा दूर भगाए,
योग में है शक्ति इतनी
क्रोधित मन को भी हर्षाये।
एक योग अवश्य कीजिये
विश्व योग दिवस पर आज,
दिनचर्या का अंग बनाएं
देश, प्रांत और सकल समाज।
-सर्वज्ञ शेखर</description></item><item><title>विश्व कप क्रिकेट: कौन पहुंच रहा है सेमी फाइनल में</title><link>https://www.sarwagya.com/cricket-world-cup-who-is-reaching-semi-final/</link><pubDate>Thu, 20 Jun 2019 13:54:02 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/cricket-world-cup-who-is-reaching-semi-final/</guid><description>न्यूजीलैंड के हाथों दक्षिण अफ्रीका की हार के साथ आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल लाइनअप की तस्वीर उभरकर सामने आने लगी है. जैसा कि पहले भी उम्मीद जताई गई थी, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में पहुंचते दिख रहे हैं.</description></item><item><title>आगरा लिट्रेचर क्लब</title><link>https://www.sarwagya.com/agra-literature-club/</link><pubDate>Wed, 19 Jun 2019 15:35:26 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/agra-literature-club/</guid><description>18 जून 2019 को आगरा में साहित्यिक,सांस्कृतिक व सामाजिक दायित्वों के प्रति संकल्पित एक नई संस्था #आगरालिट्रेचरक्लब (A L C) ने जन्म लिया।
लॉन्चिंग सेरेमनी में सहभागी होने का मुझे भी अवसर प्राप्त हुआ।
ALC के सभी संस्थापक सदस्यों को बधाई व उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।</description></item><item><title>उनके आगे हम तिल भर भी नहीं</title><link>https://www.sarwagya.com/unke-aage-ham-til-bhar-bhi-nahi-fathers-day/</link><pubDate>Sun, 16 Jun 2019 09:48:28 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/unke-aage-ham-til-bhar-bhi-nahi-fathers-day/</guid><description>फादर्स डे पर...
हमारे पूज्य पिताजी रोशनलाल गुप्त "करुणेश" 8 साल की उम्र में बाल भारत सभा में शामिल हो गए। 18 साल की आयु में अंग्रेजों के खिलाफ आशा पत्र निकाला। इस दौरान वीर सावरकर, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, नेहरू जी आदि से साक्षात्कार लिए। 21 साल की उम्र में अंग्रेज कलक्टर हार्डी पर आगरा में बम विस्फोट कर दिये। एक बम बनाते समय दृष्टिक्षीण हो गई। फिर भी हम बच्चों से बोल बोल कर लिखाते रहे। दैनिक व साप्ताहिक स्वराज्य के सम्पादकीय विभाग में रहे। साप्ताहिक व दैनिक हिंदुस्तान, नव भारत टाइम्स में आधा आधा पेज के लेख प्रकाशित हुए। दृष्टिक्षीण रह कर इतनी लम्बी पत्रकारिता करने का शायद ही कोई उदाहरण होगा। विश्व की क्रांति, स्वाधीनता आंदोलन का पूरा इतिहास उनके मन मस्तिष्क में समाया था।माननीय राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति महोदय ने उन्हें अपने यहाँ बुलाकर सम्मानित किया था।</description></item><item><title>पश्चिम बंगाल: कहीं देर न हो जाए</title><link>https://www.sarwagya.com/west-bengal-before-its-too-late/</link><pubDate>Sun, 16 Jun 2019 08:59:01 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/west-bengal-before-its-too-late/</guid><description>पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक नए मामले में मालदा में लापता बीजेपी कार्यकर्ता का शव मिला है। इसके बाद से ही इलाके में तनाव है। राज्य में लगातार हिंसा को लेकर पहले से ही सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी आमने-सामने हैं। अब एक और बीजेपी कार्यकर्ता के शव मिलने के बाद तनाव और बढ़ता दिख रहा है। प्रदेश में हिंसा को लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने 12 जून को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांकीनारा में बम धमाके में 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 लोग घायल हो गए। लोकसभा चुनाव के बाद से ही टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प जारी है। उत्तर 24 परगना में हिंसा के मामले ने इस विवाद को 11 जून को और बढ़ा दिया।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - जून 16</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jun-16/</link><pubDate>Sun, 16 Jun 2019 08:38:42 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-jun-16/</guid><description>वर्षा न होने से एक गाँव के लोग बड़े परेशान थे। किसी ने सलाह दी कि पांच दिन इंद्र देव को स्मरण करते हुए यज्ञ किया जाए। यज्ञ के पांचवें और अन्तिम दिन एक छोटा बच्चा यज्ञस्थल पर छाता ले कर पहुँचा। यह उसका विश्वास था कि आज वर्षा अवश्य हो जाएगी, और हुई भी।</description></item><item><title>धरती प्यासी, प्यासी मटकी</title><link>https://www.sarwagya.com/dharti-pyasi-pyasi-matki/</link><pubDate>Sat, 15 Jun 2019 09:16:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/dharti-pyasi-pyasi-matki/</guid><description>धरती प्यासी, प्यासी मटकी
सूखी नदियां ताल तलैया,
कब आएगी वर्षा प्यारी
कब होगी छप छप छैया।
हलक तलक सूख गया
जल गए पौधे तप गई घास,
उमड़ घुमड़ आ जाओ बदरा
अब सही ना जाए प्यास
#सर्वज्ञ_शेखर</description></item><item><title>चलो, तुम भी चलो</title><link>https://www.sarwagya.com/chalo-tum-bhi-chalo/</link><pubDate>Sat, 15 Jun 2019 09:07:03 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chalo-tum-bhi-chalo/</guid><description>चलो,
तुम भी चलो
हम भी चलें
ऐसे देस तुम्हारे पंछी।
जहाँ न तम हो,
न जुल्म सितम हो ।
नील गगन हो,
खिला चमन हो ।
न कोई चिंता,न हो निराशा,
अपने में हर कोई मगन हो।
आशाओं की नूतन रश्मि,</description></item><item><title>विमोचन - ए नदी सुनो, खुशबुएँ सूखे फूलों की</title><link>https://www.sarwagya.com/vimochan-ae-nadi-suno-khushbuyen-phulon-ki/</link><pubDate>Thu, 13 Jun 2019 10:43:38 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/vimochan-ae-nadi-suno-khushbuyen-phulon-ki/</guid><description>11 जून को वरिष्ठ कवयित्री व साहित्यकार डॉ उर्मिला अनुमा जी की दो पुस्तकों #एनदीसुनो और #खुशबुएँसूखेफूलोंकी, का विमोचन हुआ। मुझे इस अवसर पर पुस्तक #खुशबुएँसूखेफूलोंकी, की समीक्षा प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राजेंद्र मिलन ने की। साहित्यकार चिंतक व भविष्य निधि आयुक्त डॉ राजीव पाल, कोटा से पधारे श्री रामेश्वर शर्मा रामू भैया, डॉ शशि गोयल, श्री सुशील सरित, डॉ अशोक अश्रु, सर्वज्ञ शेखर गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।</description></item><item><title>खुशखबरी! RBI ने NEFT, RTGS के जरिए लेन-देन से जुड़े चार्जेज खत्म किए</title><link>https://www.sarwagya.com/rbi-scraps-neft-and-rtgs-charges/</link><pubDate>Thu, 06 Jun 2019 10:25:11 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rbi-scraps-neft-and-rtgs-charges/</guid><description>रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आम आदमी के लिए बड़ा ऐलान किया है। आरबीआई ने RTGS और NEFT पर बैंकों के साथ RBI की ओर से वसूले जाने वाले चार्जेज को पूरी तरह से हटा दिया है। ग्राहक अब बैंकों की ओर से वसूले जाने वाले चार्जेज ही चुकाएंगे।</description></item><item><title>आर बी आई ने घटाई रेपो रेट : लोन की ई एम आई भी होगी कम</title><link>https://www.sarwagya.com/rbi-reduces-repo-rate-emi-to-go-lower/</link><pubDate>Thu, 06 Jun 2019 09:57:15 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/rbi-reduces-repo-rate-emi-to-go-lower/</guid><description>आज 6 जून 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश की जनता को एक बार फिर तोहफा दिया है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी का फैसला किया है। इस कमी के बाद रेपो रेट घटकर 5.</description></item><item><title>आगमन प्रतियोगिता चित्र पर लिखो: विजेता</title><link>https://www.sarwagya.com/aagman-writing-competition-winner/</link><pubDate>Wed, 05 Jun 2019 10:14:49 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/aagman-writing-competition-winner/</guid><description>आपको यह सूचित करते हुए प्रसन्नता है कि आगमन प्रतियोगिता -38, विषय- चित्र पर लिखो, विधा- गद्य में मुझे विजेता घोषित किया गया है।
चित्र व आलेख प्रस्तुत है -
यह विडंबना ही है कि लगभग 75 प्रतिशत भूभाग जलच्छादित होते हुए भी हमारा देश भयंकर जल संकट से गुजर रहा है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि गांवों में कूए, ताल, तलैया, नदियां सब सूख गए हैं, और अनेक क्षेत्रों में तो नालों के गंदे पानी से गुजर बसर करनी पड़ रही है। नदियों को सूखने से हम लोग बचा नही पा रहे, उन्हें गन्दा कर रहे हैं, अत्यंत खेद का विषय है कि नदियों में मलवा व कारखानों-फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त रिसाव किया जा रहा है, कहीं कहीं तो सीवर लाइन तक नदियों से जुड़ी हैं। यह स्थिति अत्यंत ही शर्मनाक है, खेदजनक है। नदियों की सफाई के नाम पर करोड़ों अरबों रुपयों की धनराशि व्यर्थ जा रही है।</description></item><item><title>विशेष पर्यावरण संरक्षक सम्मान योजना</title><link>https://www.sarwagya.com/special-environment-protection-felicitation-program/</link><pubDate>Tue, 04 Jun 2019 14:34:28 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/special-environment-protection-felicitation-program/</guid><description>आमंत्रण सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच, दिल्ली ने अखिल भारतीय स्तर पर "विशेष पर्यावरण संरक्षक सम्मान योजना" की घोषणा की है। संस्था के संस्थापक व अखिल भारतीय अध्यक्ष दीपक पांचाल ने योजना की घोषणा करते हुए आजकल के वातावरण को ध्यान में रखते हुए सभी से अपील की है कि अपने आस पास नए वृक्षों को उगाएं, जो कि बड़े होकर वातावरण की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।</description></item><item><title>सोमवती अमावस्या आज : जिसके लिये ऋषि मुनि तरसते थे</title><link>https://www.sarwagya.com/somvati-amavasya/</link><pubDate>Mon, 03 Jun 2019 12:39:40 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/somvati-amavasya/</guid><description>सोमवती मावस, वट सावित्री व्रत,
शनि जयन्ती भी है आज,
तीन जून को तीन पर्व
मना रहा है सकल समाज।
ऋषि मुनि तरस जाते थे
प्राचीन काल में जिनको,
उनके तप से मिल रहे
पुण्य योग अब हम को।।</description></item><item><title>2 जून की रोटी का उपहास न उड़ाएं</title><link>https://www.sarwagya.com/2-jun-ki-roti/</link><pubDate>Sun, 02 Jun 2019 05:17:09 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/2-jun-ki-roti/</guid><description>हर साल 2 जून आते ही सोशल मीडिया पर 2 जून की रोटी का उपहास उड़ाते हुए संदेश आना शुरू हो जाते है। कोई कहता है कि दो जून को रोटी जरूर खाना क्योंकि 2 जून की रोटी बड़े नसीब वालों को मिलती है तो कोई फरमा रहे हैं कि केवल दो जून को ही रोटी खाना, यह फिर अगले साल ही मिलेगी।</description></item><item><title>तम्बाकू को थू थू थू</title><link>https://www.sarwagya.com/tambaku-ko-thu-thu-thu/</link><pubDate>Fri, 31 May 2019 12:13:22 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/tambaku-ko-thu-thu-thu/</guid><description>तम्बाखू को थू थू थू
पान मसाला गुटखा थू
थू थू थू थू थू थू
इन सब को बोलो थू थू थू
थू थू थू थू थू थू
थू थू थू थू थू थू
इलाइची खाओ लोंग खाओ
सोंफ इलाइची मुँह चबाओ</description></item><item><title>तम्बाकू से कर लो तौबा : सौंफ इलाईची लो चबा</title><link>https://www.sarwagya.com/no-tobacco-day/</link><pubDate>Fri, 31 May 2019 12:07:03 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/no-tobacco-day/</guid><description>31 मई : विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विशेष
प्रति वर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है| इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है और लोगों को दुनिया भर में किसी भी रूप में तंबाकू की खपत को कम करने या पूरी तरह से रोकने के लिए प्रोत्साहित करना है| इस अभियान में शामिल विभिन्न संगठन जैसे राज्य सरकारें, सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन आदि स्थानीय स्तर पर विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं|</description></item><item><title>बिम्सटेक क्या है</title><link>https://www.sarwagya.com/what-is-bimstec/</link><pubDate>Tue, 28 May 2019 13:35:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/what-is-bimstec/</guid><description>30 मई को श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में जब दोबारा शपथ लेंगे तब बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। पाकिस्तान को निमंत्रित करने से बचने के लिए इस बार सार्क देशों की बजाय बिम्सटेक देशों को बुलाया गया है। BIMSTEC का मतलब है Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation। यह एक तरह से बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती या समीप देशों का एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोगी संगठन है। इसका मुख्यालय ढाका, बांग्लादेश में है।इन देशों की कुल आबादी डेढ़ अरब अर्थात पूरे विश्व की 22 % है। वैसे इसमें पाकिस्तान और मालदीव को छोड़ कर सारे सार्क देश शामिल हैं। भारत के अतिरिक्त श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान, म्यामांर, बंग्लादेश अर्थात कुल सात सदस्य हैं।</description></item><item><title>Fake News - मुफ्त लैपटॉप</title><link>https://www.sarwagya.com/fake-news-free-laptop/</link><pubDate>Tue, 28 May 2019 13:34:33 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/fake-news-free-laptop/</guid><description>आजकल सोशल मीडिया पर एक संदेश काफी तेजी से वायरल हो रहा है कि दोबारा प्रधानमंत्री बनने की खुशी में नरेंद्र मोदी ने 2 करोड़ युवाओं को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान किया है। वायरल मैसेज में लिखा है- ‘नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की खुशी में मेक इन इंडिया के अंतर्गत 2 करोड़ों युवाओं को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान किया है । अभी तक 30 लाख युवा सफलतापूर्वक आवेदन कर चुके हैं अब आपकी बारी है अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन जल्द से जल्द प्रस्तुत करें’।</description></item><item><title>Good Job Opportunity for Retired Employees</title><link>https://www.sarwagya.com/good-job-opportunity-for-retired-employees/</link><pubDate>Sun, 26 May 2019 08:52:35 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/good-job-opportunity-for-retired-employees/</guid><description>CANARA BANK, a leading Public Sector Bank with Head Office in Bengaluru and global presence with over 6300 branches, invites applications, from the eligible candidates for the post of Advisor-Treasury on contract basis.
More Details:</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 26 मई, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-26-2019/</link><pubDate>Sun, 26 May 2019 08:30:23 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-26-2019/</guid><description>#उरव्यथितमनकुपितहै
सूरत में मुंबई अहमदाबाद हाइवे के निकट तक्ष शिला काम्प्लेक्स नामक एक चार मंजिला वाणिज्यिक परिसर में शुक्रवार दोपहर आग लगने की जो भयावह दुर्घटना हुई उससे मन बहुत व्यथित है। यहां चल रही कोचिंग क्लास के कम से कम 20 होनहार छात्रों की मौत हो गई। इनमें से कुछ की इमारत से कूदने की वजह से तो कुछ की दम घुटने से मृत्यु हुई। इस भीषण आग का मंजर बेहद खौफनाक था। आग लगने के बाद इमारत में फंसे कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से ही छलांग लगा दी। सोशल मीडिया पर बिल्डिंग से छलांग लगाते हुए लोगों का वीडियो भी वायरल हो रहा है।</description></item><item><title>5 लाख रुपये तक की आय वाले वरिष्‍ठ नागरिक बैंक ब्‍याज पर अब ले सकते हैं TDS की छूट</title><link>https://www.sarwagya.com/tds-exemption-on-bank-interest-for-senior-citizens-earning-up-to-5-lakhs/</link><pubDate>Fri, 24 May 2019 07:45:57 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/tds-exemption-on-bank-interest-for-senior-citizens-earning-up-to-5-lakhs/</guid><description>केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अपनी एक अधिसूचना में कहा है कि सालाना पांच लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले वरिष्ठ नागरिक अब बैंकों और डाकघरों में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज आय पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) से छूट के लिये फॉर्म 15H जमा करवा सकते हैं। इससे पहले स्रोत पर कर कटौती (TDS) की यह सीमा इससे पहले ढाई लाख रुपये तक थी।</description></item><item><title>एक नज़र चुनाव परिणामों पर : जरा हट के</title><link>https://www.sarwagya.com/election-results-a-different-view/</link><pubDate>Thu, 23 May 2019 14:41:23 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/election-results-a-different-view/</guid><description>11 अप्रैल से 40 दिनों के लिए देश में चल रहे माहौल और एग्जिट पोल परिणामों से यह तो लग रहा था कि मोदी जी के नेतृत्व में एन डी ए की सरकार पुनः बनने वाली है। परंतु जिस तरह के परिणाम आये हैं उनकी आशा मोदी-शाह को भी नही होगी और न ऐसी आशंका किसी विपक्षी नेता को। इन परिणामों ने 2014 की मोदी लहर को भी पीछे छोड़ दिया। इन परिणामों को बिना किसी किंतु परन्तु के स्वीकार करना चाहिए। मोदी जी और उनकी पूरी टीम को बधाई।</description></item><item><title>मून टीवी पर लाइव चर्चा</title><link>https://www.sarwagya.com/live-discussion-on-moon-tv/</link><pubDate>Thu, 23 May 2019 11:48:28 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/live-discussion-on-moon-tv/</guid><description>मून टीवी के स्टूडियो में आज लोकसभा चुनाव परिणामों पर लाइव चर्चा करते हुए सर्वज्ञ शेखर गुप्ता। साथ में हैं वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व समाजसेवी डॉ अनुराग शुक्ला व अन्य पैनल सदस्य। मून नेटवर्क के निदेशक राहुल पालीवाल और मून न्यूज़ के संपादक राजीव दीक्षित हैं प्रस्तोता की भूमिका में.</description></item><item><title>आज 23 मई है, मान लीजिये</title><link>https://www.sarwagya.com/today-is-may-23-lets-say/</link><pubDate>Tue, 21 May 2019 08:06:33 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/today-is-may-23-lets-say/</guid><description>ऐसा कीजिये, आप यह कल्पना कीजिये कि आज 23 मई है। चुनाव परिणाम लगभग आ चुके हैं और विभिन्न दलों के नेता लोग क्या प्रतिक्रिया प्रकट कर रहे हैं। हम आपको 23 मई के दो दृश्य दिखा रहे हैं।</description></item><item><title>एग्जिट पोल का एक्ज़ेक्ट पोल</title><link>https://www.sarwagya.com/exact-poll-of-exit-poll/</link><pubDate>Tue, 21 May 2019 07:54:07 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/exact-poll-of-exit-poll/</guid><description>19 मई को मतदान 6 बजे समाप्त हुआ, लेकिन 4 बजे से ही समाचार चैनलों में एग्जिट पोल घोषित करने की ऐसी होड़ लगी रही जैसे कि असली परिणाम ही आ गए हैं। चुनाव आयोग की हरी झंडी मिलते ही सनसनाते हुए परिणाम गूंजने लगे, पता नही आखिरी दौर की 59 सीटों को कैसे कवर किया होगा, कवर भी किया होगा या नही। एक चर्चा और सोशल मीडिया पर चलने लगी, क्या आप से कभी किसी चेनल वाले ने संपर्क किया। जवाब शत प्रतिशत लोगों का "</description></item><item><title>बधाई या शुभकामना?</title><link>https://www.sarwagya.com/badhai-ya-shubhkamna/</link><pubDate>Mon, 20 May 2019 12:07:26 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/badhai-ya-shubhkamna/</guid><description>क्या अंतर है दोनों में?
शुभकामनाओं और बधाई में लोगों को प्रायः कन्फ्यूजन रहता है।
मेरा एक बार बाहर से आगरा स्थानांतरण हुआ। जिस शाखा में स्थानांतरण हुआ वह बहुत खराब थी। एक मित्र बोले "तुम्हें शुभकामनाएं दूं या बधाई"</description></item><item><title>सप्ताहांत - 19 मई, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-19-2019/</link><pubDate>Sun, 19 May 2019 13:17:57 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-19-2019/</guid><description>आज बड़ा ही महत्वपूर्ण दिन है। लोकसभा के वर्तमान चुनावों के आखिरी और सातवें चरण में 59 सीटों पर मतदान चल रहा है। महत्वपूर्ण इसलिये कि आज पश्चिम बंगाल की उन शेष 9 सीटों पर भी मतदान की सरगर्मी समाप्त हो जाएगी जिनके लिए भाजपा और तृणमूल कोंग्रेस में या यों कहें कि सीधे सीधे मोदी और दीदी में तीखी नोंकझोंक चली। हिंसा भी हुई।</description></item><item><title>बोलते चित्र</title><link>https://www.sarwagya.com/bolte-chitra/</link><pubDate>Fri, 17 May 2019 18:12:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/bolte-chitra/</guid><description>आज अलका अग्रवाल जी की पुस्तक #बोलते_चित्र के विमोचन के अवसर पर अपनी प्रस्तुति व काव्य पाठ का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्या आदरणीया (डाॅ.) निर्मला दीक्षित जी रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय त्रि मोहन तरल जी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक रावत,शांति नागर, आगमन के संस्थापक पवन जैन,संस्कार भारती के संस्थापक आदरणीय राज बहादुर राज जी, पुस्तक के प्रकाशक मनमोहन शर्मा शरण जी आदि उपस्थित रहे।</description></item><item><title>कन्या का अपमान करने पर जहां पूरी बारात हो गई थी पत्थर की</title><link>https://www.sarwagya.com/ma-bhadrakali-temple-sahpau/</link><pubDate>Tue, 14 May 2019 12:23:45 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/ma-bhadrakali-temple-sahpau/</guid><description>है तो यह किवदंती ही, परन्तु भारत में बेटियों के सम्मान को प्रतिबिंबित करती हुई यह कथा इस बात का प्रतीक है कि आदि काल में भी उनकी स्थिति उतनी ही पूज्यनीय थी जितनी कि वर्तमान में अपेक्षित है। आगरा से लगभग 50 कि मी के अंतराल पर कस्बा सहपऊ है। यहां स्थित है माँ भद्रकाली देवी का विशाल मंदिर। कहा जाता है कि इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। नीम, पीपल व बरगद के पुराने वृक्ष मंदिर के अति प्राचीन होने का साक्ष्य हैं।</description></item><item><title>साहित्य संगीत संध्या</title><link>https://www.sarwagya.com/sahitya-sangeet-sandhya/</link><pubDate>Mon, 13 May 2019 07:27:40 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/sahitya-sangeet-sandhya/</guid><description>12 मई को सुर आनन्द सभागार में साहित्य संगीत संध्या के अवसर पर काव्य पाठ का अवसर प्राप्त हुआ । वरिष्ठ कविगण डॉ राजेन्द्र मिलन, इंजीनियर सुरेंद्र बंसल, श्री सुशील सरित,श्री अशोक अश्रु, श्री शीलेन्द्र वशिष्ठ, श्री परमानन्द शर्मा, एलेश अवस्थी, श्रीमती सविता मिश्रा, श्रीमती रमा वर्मा, श्रीमती माया अशोक, प्रशांत देव मिश्र,प्रेम रजावत आदि का सानिध्य प्राप्त हुआ।</description></item><item><title>सप्ताहान्त - 12 मई, 2019</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-12-2019/</link><pubDate>Sun, 12 May 2019 10:36:35 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-12-2019/</guid><description>स्वराज्य टाइम्स, रविवार 12 मई 2019
नन्ही लोमड़ी तालाब पर पानी पी रही थी। शेर की निगाह पड़ गई,जीभ ललचाने लगी। सुबह का नाश्ता मिल गया। पहुंच गया बच्चे के पास और दहाड़ते हुए बोला मैं तुझे खा जाऊंगा। बच्चा गिड़गिड़ाया, क्यों हुजूर क्या ख़ता हो गई। शेर बोला तूने मुझे गाली दी है। बच्चा बोला नही सरकार मैंने आज तो किसी को कोई गाली नही दी। तो तीन महीने पहले दी होगी, शेर गुस्सा दिखाते हुए बोला। नही हुजूर मेरी तो उमर ही दो महीने की है, तीन महीने पहले कैसे दे सकती हूँ। बच्चे ने जवाब दिया। तो फिर तेरी मां ने दी होगी, शेर बोला। लोमड़ी के बच्चे ने हार मान ली,वह बोला सरकार आपको मुझे खाना है, खा ही लीजिये।</description></item><item><title>आज करें विशेष पूजा और पाएं शत्रुओं पर विजय</title><link>https://www.sarwagya.com/ma-baglamukhi-jayanti/</link><pubDate>Sat, 11 May 2019 19:35:41 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/ma-baglamukhi-jayanti/</guid><description>आज 12 मई को अष्टमी है। यह अष्टमी तिथि इसलिये विशेष है कि आज माँ बगुलामखी जयन्ती भी है। वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस कहा जाता है जिस कारण इसे मां बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है।</description></item><item><title>मेरी माँ</title><link>https://www.sarwagya.com/my-mother/</link><pubDate>Sat, 11 May 2019 09:11:53 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/my-mother/</guid><description>अपनी माँ के श्री चरणों में
अभी भी जब बैठ जाता हूँ
साठ साल पार हो गए पर
खुद को बचपन में पाता हूँ
झुर्रियों वाले कांपते हाथ
जब फेरती हैं सर पर मेरे
और सहलाती पीठ को
दुलार से माँ धीरे धीरे</description></item><item><title>कविगोष्ठी</title><link>https://www.sarwagya.com/kavyagosthi/</link><pubDate>Sat, 11 May 2019 08:56:44 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/kavyagosthi/</guid><description>सुर आनन्द और शब्दोत्सव के संयुक्त तत्वावधान में 10 मई को एक शानदार कविगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता वयोवृद्ध साहित्यकार डॉ कुसुम चतुर्वेदी ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवियों डॉ त्रिमोहन तरल, राजेन्द्र वर्मा सजग, रमेश पण्डित, डॉ रुचि चतुर्वेदी, राजेन्द्र मिलन, अशोक अश्रु, सुशील सरित, इंजीनियर सुरेंद्र बंसल, भरतदीप माथुर, राकेश निर्मल, अलका अग्रवाल, मीनू आनन्द, कांची सिंघल, डा.</description></item><item><title>जब भगवान जी ने मेरे प्रणाम का जवाब दिया</title><link>https://www.sarwagya.com/when-god-answered/</link><pubDate>Fri, 10 May 2019 12:53:10 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/when-god-answered/</guid><description>बड़ों को प्रणाम करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह नत–मस्तक होकर अभिवादन या नमस्कार करने का एक तरीका है। बचपन से ही माता पिता और गुरूजन पहली शिक्षा के रूप में प्रणाम करना ही सिखाते हैं। प्रणाम का सीधा संबंध प्रणत शब्द से है, जिसका अर्थ होता है विनीत होना, नम्र होना और किसी के सामने सिर झुकाना। प्राचीन काल से प्रणाम की परंपरा रही है। जब कोई व्यक्ति अपने से बड़ों के पास जाता है, तो वह प्रणाम करता है। प्रणाम या अभिवादन नमस्कार, राम राम जी, राधे राधे, या किसी भी प्रकार से देश, राज्य, क्षेत्र, धर्म या अपनी पसंद से किया जाता है।</description></item><item><title>चुनावों में महाभारत</title><link>https://www.sarwagya.com/chunavo-main-mahabharat/</link><pubDate>Fri, 10 May 2019 12:50:56 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chunavo-main-mahabharat/</guid><description>दुख, शोक, जब जो आ पड़े, सो धैर्य पूर्वक सब सहो, होगी सफलता क्यों नहीं कर्त्तव्य पथ पर दृढ़ रहो।।
अधिकार खो कर बैठ रहना, यह महा दुष्कर्म है;
न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना धर्म है।
इस तत्व पर ही कौरवों से पाण्डवों का रण हुआ,</description></item><item><title>भ्रम</title><link>https://www.sarwagya.com/misunderstanding/</link><pubDate>Wed, 08 May 2019 09:28:24 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/misunderstanding/</guid><description>तक्ष आज बहुत खुश था । उसे फेसबुक पर शिला नाम की एक लड़की ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। तुरन्त उसने स्वीकार भी कर ली। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे की पोस्ट लाइक करने लगे। कमेंट्स भी शुरू हो गए।</description></item><item><title>पानी रे पानी - आगमन प्रथम पुरस्कार</title><link>https://www.sarwagya.com/pani-re-pani/</link><pubDate>Tue, 07 May 2019 07:58:08 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/pani-re-pani/</guid><description>पानी रे पानी,कितना बचा है आंखों में...
साहित्यिक सांस्कृतिक फेसबुक समूह आगमन एक खूबसूरत शुरूआत , द्वारा आयोजित साप्ताहिक प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त रचना…
पानी रे पानी
पानी, दो अक्षरों का यह शब्द केवल एक शब्द ही नही वरन समस्त संसार की जीवन धारा है। केवल यह संशय सदैव रहता है कि पानी को ईश्वर के समकक्ष रखा जाए या उनसे भी ऊपर। परन्तु माना यही जाता है कि जल ईश्वर के प्राकट्य से पूर्व भी उपलब्ध था। इसके अतिरिक्त प्रकृति व प्राणी मात्र को जीवन प्रदान करने का ईश्वर के पास पानी ही सशक्त माध्यम है। अतः दोनों को एक दूसरे का पूरक भी कहा जा सकता है।</description></item><item><title>सप्ताहान्त</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-05-2019/</link><pubDate>Sun, 05 May 2019 10:28:18 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week-may-05-2019/</guid><description>यह बड़ा आश्चर्यजनक सा लगने लगा है कि रामलला के मंदिर की नाव पर चुनावों की वैतरणी पार करने वाले लोग रामलला से दूरी बनाए हुए हैं, यहां तक कि उनका नाम भी नही ले रहे। इनमें सत्ता और विपक्ष दोनों दलों के राष्ट्रीय नेता शामिल हैं।</description></item><item><title>शनिश्‍चरी अमावस्‍या</title><link>https://www.sarwagya.com/shanishachari-amavasya/</link><pubDate>Sat, 04 May 2019 09:37:40 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/shanishachari-amavasya/</guid><description>आइए जानते हैं शनिश्‍चरी अमावस्‍या के दिन कैसे करें व्रत और प&amp;nbsp;..&amp;nbsp;
Read more here...</description></item><item><title>Benefits for Senior Citizens under Income Tax Law</title><link>https://www.sarwagya.com/benefits-for-senior-citizens-under-income-tax-law/</link><pubDate>Fri, 03 May 2019 10:02:39 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/benefits-for-senior-citizens-under-income-tax-law/</guid><description>Benefits for Senior Citizens under Income Tax Law:</description></item><item><title>Disclaimer</title><link>https://www.sarwagya.com/disclaimer/</link><pubDate>Thu, 02 May 2019 15:51:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/disclaimer/</guid><description>All the information on this website - https://www.sarwagya.com - is published in good faith and for general information purpose only. sarwagya.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website (sarwagya.</description></item><item><title>क्या कहा, जरा दुबारा कहना</title><link>https://www.sarwagya.com/say-that-again/</link><pubDate>Wed, 01 May 2019 16:54:39 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/say-that-again/</guid><description>काफी समय पूर्व की बात है पर दिमाग से निकलती नही है। हमारे एक अधिकारी पदोन्नत हो कर लखनऊ स्थान्तरित हुए। जिस शाखा में वह जा रहे थे, वहां कर्मचारी यूनियन के एक बड़े नेता पहले से ही थे और वह शाखा उन दबंग नेता जी के नाम से ही जानी जाती थी। अतः मैंने अधिकारी महोदय को बधाई दी और कहा कि आप नेताजी (नाम ) की शाखा में जा रहे हैं।</description></item><item><title>चुनाव आयोग की सख्ती</title><link>https://www.sarwagya.com/strictness-of-election-commission/</link><pubDate>Wed, 01 May 2019 16:44:19 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/strictness-of-election-commission/</guid><description>चुनाव आयोग ने आज़म खान के प्रचार पर दोबारा 48 घण्टों की रोक लगा कर अपनी शक्ति का अहसास करा दिया है। आयोग की स्थिति पवनपुत्र हनुमान जी की जैसी ही है। हनुमान जी बहुत बलशाली थे परन्तु उन्हें उनकी शक्ति का अहसास कराना होता था। सीता जी को ढूढने लंका भेजने से पूर्व जामवंत ने हनुमानजी को याद दिलाया -</description></item><item><title>अक्षय कुमार ने नहीं डाला वोट, सोशल मीडिया पर हुए TROLL</title><link>https://www.sarwagya.com/akshay-did-not-vote/</link><pubDate>Wed, 01 May 2019 16:30:06 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/akshay-did-not-vote/</guid><description>वोट न दे पाने पर अक्षय कुमार की देशभक्ति पर उठे सवाल...
आगे पढ़े...</description></item><item><title>Young Professional Program</title><link>https://www.sarwagya.com/young-professional-program/</link><pubDate>Wed, 01 May 2019 16:26:42 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/young-professional-program/</guid><description>Application for 2020 World Bank selection process for Young Professional Program is open from June 14 - July 28, 2019. Please encourage your children, nieces, nephews to apply if they satisfy the criteria. Should be born on or after 1 October 1987.</description></item><item><title>इस बार नहीं दिख रही कोई लहर - संजय कुमार</title><link>https://www.sarwagya.com/election-wave/</link><pubDate>Tue, 30 Apr 2019 16:40:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/election-wave/</guid><description>लोकसभा चुनाव के अब तक चार चरण पूरे हो चुके हैं, लेकिन इनमें न तो मोदी लहर दिखी है और न ही मोदी-विरोधी लहर। ऐसी कई वजहें हैं, जो स्पष्ट करती हैं कि अब तक के चुनाव बिना किसी लहर के संपन्न हुए हैं। पहला सुबूत तो मतदान प्रतिशत में छिपा है। 2014 के संसदीय चुनावों से अगर तुलना करें, तो समान निर्वाचन क्षेत्रों में पहले तीन दौर में मध्यम या निम्न मतदान हुआ है। चूंकि इन पंक्तियों के लिखे जाने तक चौथे चरण के अंतिम आंकड़े सामने नहीं आए थे&amp;hellip;</description></item><item><title>Videos</title><link>https://www.sarwagya.com/videos/</link><pubDate>Mon, 29 Apr 2019 18:02:26 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/videos/</guid><description> परिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को काव्यांजलि</description></item><item><title>चुनावी ड्यूटी : डर कर भागिए नही</title><link>https://www.sarwagya.com/election-duty/</link><pubDate>Mon, 29 Apr 2019 17:44:51 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/election-duty/</guid><description>जब भी चुनाव आते हैं, चुनावी कामकाज , मतदान, मतगणना आदि के लिए ड्यूटियां लगाई जाती हैं ,फिर चाहे विधान सभा, लोकसभा या निकायों के ही क्यों न हों। निकायों और विधानसभाओं के चुनावों में प्रायः राज्य सरकार के कर्मचारी इस कार्य को निपटा लेते हैं। परन्तु लोकसभा के चुनावों में बैंकों, वित्तीय संस्थाओं, शिक्षकों, चिकित्सकों व अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी इस कार्य में लगाया जाता है।</description></item><item><title>मैं भारत का मतदाता हूँ</title><link>https://www.sarwagya.com/i-am-an-indian-voter/</link><pubDate>Sun, 28 Apr 2019 03:30:33 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/i-am-an-indian-voter/</guid><description>पहले प्रकाशित किया गया - http://indiasamachar24.com/9066
कृशकाय श्रमी हूँ मैं
बुभुक्षित अन्नदाता हूँ
पेट काट कर कर देता
ईमानदार करदाता हूँ
लोकतंत्र का प्रहरी हूँ
संविधान बचाता हूँ
पर जरा बताओ नेताजी
पांच साल में एक बार ही
याद क्यों मैं आता हूँ</description></item><item><title>परिचय</title><link>https://www.sarwagya.com/about/</link><pubDate>Sat, 27 Apr 2019 20:02:54 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/about/</guid><description>सर्वज्ञ शेखर
साहित्यकार, पूर्व बैंकर व पत्रकार
जन्म - 05 सितम्बर 1958, आगरा
पिता - स्व. रोशन लाल गुप्त "करुणेश" (स्वाधीनता संग्राम सेनानी व साहित्यकार)
आगरा विश्व विद्यालय से समाजशास्त्र में एम. ए.। बैंकिंग में सी ए आई आई बी। राष्ट्रीयकृत बैंक के डिविजनल मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त।</description></item><item><title>सारस्वत सम्मान</title><link>https://www.sarwagya.com/saraswat-samman/</link><pubDate>Sat, 27 Apr 2019 15:30:55 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/saraswat-samman/</guid><description>आज एक बहुत बड़े साहित्यिक मंच को साझा करने का गौरव प्राप्त हुआ। अवसर था अंतराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त #विश्वमैत्रीमंच भारत एवम साहित्य साधिका समिति आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन 2019 का। कार्यक्रम में देश के अनेक हिस्सों से पधारे साहित्यकारों ने प्रतिभागिता की। मुझे विशिष्ट विभूतियों के सानिध्य में काव्य पाठ करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक रावत ने की।</description></item><item><title>Gallery</title><link>https://www.sarwagya.com/gallery/</link><pubDate>Fri, 26 Apr 2019 03:30:11 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/gallery/</guid><description>छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित डोंगरगढ़ में 1,600 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित माँ बमलेश्वरी देवी मंदिर के दर्शन करने का आज सौभाग्य प्राप्त हुआ।माँ बमलेश्वरी देवी मंदिर तक रज्जु-पथ (rope way ) से पहुंचना होता है। यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र rope way है।माँ बमलेश्वरी देवी मंदिर तक रज्जु-पथ (rope way ) से पहुंचना होता है। यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र rope way है।</description></item><item><title>सप्ताहांत</title><link>https://www.sarwagya.com/end-of-week/</link><pubDate>Sat, 20 Apr 2019 03:30:46 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/end-of-week/</guid><description>19 अप्रैल को श्री हनुमान जयन्ती थी। हनुमान जी बहुत बलशाली थे परन्तु उन्हें उनकी शक्ति का अहसास कराना होता था।
सीता जी को ढूढने लंका भेजने से पूर्व जामवंत ने हनुमानजी को याद दिलाया -
"कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥ राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्बताकारा॥"</description></item><item><title>अध्यक्ष और गृहणी</title><link>https://www.sarwagya.com/chairman-and-homemaker/</link><pubDate>Fri, 05 Apr 2019 03:30:03 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/chairman-and-homemaker/</guid><description>अध्यक्ष और गृहणी में एक बड़ी समानता है -
गृहणी बड़ी तैयारी से भोजन तैयार करती है परन्तु उस को आखिर में या तो सारा बचा खुचा खाने को मिलेगा या कुछ भी नही मिलता, बेचारी भूखी रह जाती है।</description></item><item><title>Privacy Policy</title><link>https://www.sarwagya.com/privacy-policy/</link><pubDate>Tue, 02 Apr 2019 03:30:40 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/privacy-policy/</guid><description>At sarwagya.com, accessible from https://www.sarwagya.com, one of our main priorities is the privacy of our visitors. This Privacy Policy document contains types of information that is collected and recorded by sarwagya.com and how we use it.
If you have additional questions or require more information about our Privacy Policy, do not hesitate to contact us through email at info[at]sarwagya.</description></item><item><title>साइड इफ़ेक्ट</title><link>https://www.sarwagya.com/side-effects/</link><pubDate>Tue, 02 Apr 2019 03:30:15 +0000</pubDate><guid>https://www.sarwagya.com/side-effects/</guid><description>साइड इफ़ेक्ट को प्रायः दुष्प्रभाव के रूप में ही जाना जाता है। जब भी कोई दवा लेते हैं तो समझदार लोग उसके साइड इफ़ेक्ट के बारे में जरूर जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। आजकल दवाओं के ही नही हर बात के साइड इफ़ेक्ट को देखा जाता है। कोई फ़िल्म आई तो उसका साइड इफ़ेक्ट क्या होगा, किसी ने भाषण दिया तो उसका साइड इफ़ेक्ट क्या होगा, आदि आदि।</description></item></channel></rss>